गोवा के समुद्र तट, बीच पार्टी और शानदार रेस्तरां के बारे में तो आपने खूब सुना होगा। लेकिन आज हम आपसे गोवा के एक ऐसे Hidden Gem के बारे में बात करने वाले हैं, जिसके बारे में सुनकर आप ताली ही बजाने लग जाएंगे। नहीं समझे...अरे रुको जरा...सब्र करो। सब बताते हैं।
गोवा के Hidden समुद्रतट और उनकी खुबसूरती के बारे में आपने पढ़ा और सुना जरूर होगा। गोवा के ऐतिहासिक जगहों के बारे में भी जाना होगा, पर हम आपको गोवा में मौजूद एक ऐसी झील के बारे बताने वाले हैं जिससे हर वक्त पानी का बुलबुला उठता रहता है।

अगर आप इस झील के किनारे पर खड़े होकर ताली बजाएंगे तो बुलबुला बनने की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी। अब आप सोच रहे होंगे कि झील में किसी मेंढक या मछली के होने की वजह से ऐसा होता होगा। पर जरा सोचिए...झील के किनारे इंसानों की आहट या ताली बजाने की आवाज सुनकर तो कोई भी जीव डरकर भाग खड़ा होगा। वह भला आपको एंटरटेन करने के लिए पानी में बुलबुला क्यों बनाने लगा? झील के पानी में यह बुलबुला क्यों उठता है, यह वास्तव में एक रहस्यमयी बात है।
गोवा में कहां है बुलबुला वाला झील?
गोवा के संगेम तालुका में मौजूद है नेत्रावली जंगल। इसी जंगल की गहराई में स्थित है वह तालाब जहां पानी से हर समय बुलबुले निकलते रहते हैं। इस तालाब का नाम बबल लेक या बुद्बुद्याची ताली है। गोवा में स्थित गोपीनाथ मंदिर के पास ही यह तालाब मौजूद है, जिसे बहुत पवित्र माना जाता है।
लेकिन इस तालाब की लोकप्रियता इसकी पवित्रता से ज्यादा ताली बजाने से यहां उठने वाले पानी के बुलबुलों की वजह से है। किसी जमाने में इस तालाब के पानी का इस्तेमाल स्थानीय लोग पीने के लिए किया करते थे। लेकिन आज के समय में तालाब का पानी गंदा हो चुका है।

14वीं सदी में बना था तालाब
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तालाब का निर्माण इस क्षेत्र पर राज करने वाले पूर्व के राजाओं द्वारा 14वीं सदी में किया गया था। लेकिन ताली बजाने से पानी में बुलबुला बनने की प्रक्रिया कब से शुरू हुई इस बारे में किसी के पास कोई सटिक जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तालाब का निर्माण वर्षा जल का संचय करने और उसका इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।

क्यों उठता है बुलबुला?
जानकारों का कहना है कि ताली बजाने के साथ ही पानी से बुलबुला क्यों उठता है, इसका सही तरीके से अभी तक पता नहीं चल पाया है। कुछ जानकारों का कहना है कि पानी में चूना पत्थर की मौजूदगी की वजह से ऐसा होता होगा। चूना पत्थर पानी के साथ प्रतिक्रिया करके कार्बन-डाई-ऑक्साइड बनाता होगा।
जब कोई तालाब के किनारे ताली बजाता है तो इसी वजह से पानी में बुलबुला बनना शुरू हो जाता है। वहीं कुछ जानकारों का मानना है कि इस तालाब के पानी में प्राकृतिक रूप से मिथेन गैस की मौजूदगी की वजह से बुलबुला बनता है।
वजह चाहे जो भी हो, लेकिन गोवा में ऑफबीट और हिडेन ऐसी जगह होने के बारे में सोचना ही रोमांचकारी लगता है। तो अपनी अगली गोवा ट्रिप पर संगेम तालुका के गोपीनाथ मंदिर के पास मौजूद बुद्बुद्याची ताली झील पर जरूर जाएं और इस बात का भी पता लगाएं कि क्या सच में ताली बजाने से इस झील के पानी में बुलबुला बनना शुरू हो जाता है।



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