सोशल मीडिया पर अक्सर इस तरह के कई मीम (Meme) वायरल होते हैं जिसमें दिखाया जाता है कि निजी कंपनियों में काम करने वाले लोग छुट्टियों पर भी ऑफिस का काम और लैपटॉप लेकर बैठे रहते हैं। लेकिन अगर ऑफिस के काम के साथ फन करने का भी मौका मिल जाए, तो इसमें बुरा ही क्या है।
गोवा में ऐसे ही फन विद वर्क का मौका मिलेगा, क्योंकि अब गोवा के समुद्रतट पर बन रहा है कि को-वर्किंग स्पेस। यानी वर्क फ्रॉम होम नहीं अब आने वाले हैं वर्क फ्रॉम बीच के दिन।

वैसे पर्यटक जो ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल पाने की वजह से गोवा में घूमने नहीं जा पाते हैं, उन्हें आकर्षित करने के उद्देश्य से ही राज्य सरकार गोवा के कुछ समुद्रतटों पर को-वर्किंग स्पेस बनाने की योजना बना रही है। ये को-वर्किंग स्पेस उन लोगों के लिए जन्नत की तरह होंगे जो काम के बीच में थोड़ा फन करने को लेकर हमेशा उत्साहित रहते हैं। को-वर्किंग स्पेस खासतौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है जिन्हें वेकेशन नहीं बल्कि ऑफिस में काम के दबाव और छुट्टियों की समस्याओं की वजह से वर्केशन (Workation) पर जाना पड़ता है।
मिली जानकारी के अनुसार गोवा सरकार अश्वेम और मोर्जिम बीच पर को-वर्किंग स्पेस तैयार करने की योजना बना रही है। इस बारे में मीडिया से हुई बातचीत के दौरान राज्य के पर्यटन विभाग के सचिव संजीव अहूजा ने बताया कि राज्य सरकार मूल रूप से यूरोपिय पर्यटकों के साथ वैसे पर्यटकों को गोवा के समुद्रतटों की ओर आकर्षित करना चाहती है, जो लग्जरी पसंद करते हैं और अपने वेकेशन पर अधिक खर्च करना पसंद करते हैं।

को-वर्किंग स्पेस तैयार कर राज्य सरकार लोगों को गोवा में घूमने आने की अधिक से अधिक वजहें देना चाहती हैं। बताया जाता है कि इन दोनों समुद्रतटों पर को-वर्किंग स्पेस तैयार करने का काम चल रहा है, जो जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
इसके साथ ही गोवा राज्य सरकार को-वर्किंग स्पेस का इस्तेमाल करने वाले विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए Nomad वीजा भी शुरू करने के बारे में सोच रही है, ताकि समुद्रतटों का लुत्फ उठाते हुए लोग यहां फन विद वर्क को एंजॉय कर सकें। इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी बात की जा रही है। बताया जाता है कि मंत्रालय ने भी सकरात्मक संकेत दे दिये हैं और इसे लोकसभा चुनाव के बाद लागू किया जा सकता है।



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