चोरला घाट, गोवा का हिडेन जेम। अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें मानसून की बारिश में घर में बैठकर बस चाय-पकौड़े खाना ही नहीं पसंद बल्कि पहाड़ों, जंगलों और हरियाली के बीच घूमकर बारिश का लुत्फ उठाना भी पसंद है, तो गोवा के चोरला घाट में आपका स्वागत है।
चोरला घाट को अगर गोवा का कहा जाए, तो शायद ऐसा कहना सही नहीं होगा। क्योंकि चोरला घाट गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा से लगता हुआ पश्चिमी घाट का एक पहाड़ी इलाका है।

चोरला घाट वेस्टर्न घाट में सहयाद्री पर्वतमाला का एक हिस्सा है। वेस्टर्न घाट या सहयाद्री पर्वतश्रृंखला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है चोरला घाट। मूल रूप से अपनी घनी हरियाली, शानदार वन्यजीव और प्राकृतिक सुन्दरता की वजह से चोरला घाट सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।
इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि मानसून के समय गोवा किसी स्वर्ग से कम नजर नहीं आता है। इस समय गोवा का मौसम भी गर्मियों के मुकाबले काफी ठंडा रहता है। लेकिन इस साल मानसून के सीजन में गोवा ओवरक्राउडिंग की समस्याएं झेल रहा है। ऐसे में अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश में है जहां लोगों की भीड़ थोड़ी कम हो सकती है तो चोरला घाट आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

मानसून के समय अगर आप गोवा जा रहे हैं तो आपको दूर से बैठकर समुद्र में उठती लहरों को देखने या बारिश के समय समुद्र को निहारने का ही मौका मिलेगा। ऐसा करते हुए आप एक शाम भले ही बीता ले लेकिन अपनी पूरी गोवा ट्रिप को यूं दूर से समुद्र निहारते हुए आप बर्बाद बिल्कुल नहीं करना चाहेंगे। तो फटाफट बुक करिए कैब या लोकल गाड़ी और निकल पड़े क्वीरीम गांव (Querim Village) की तरफ। ऑफसीजन में गाड़ियों का किराया भी काफी कम होने की ही संभावना अधिक रहती है। हालांकि यह पर्यटकों की भीड़ और किराए पर गाड़ियों की मांग पर भी निर्भर करता है।
चोरला घाट इलाके में आपको कई व्य प्वाएंट मिल जाएंगे जहां से वाटरफॉल्स और शानदार प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठा सकेंगे। यकिन मानिए इन नजारों को देखते हुए कब घंटों का समय बीत जाएगा, आपको पता ही नहीं चलेगा। गोवा के चोरला घाट का एक प्रमुख आकर्षण केरी फूट ओवर ब्रिज भी है।

सरल शब्दों में अगर कहा जाए कि इस जगह की फोटो आपके इंस्टाग्राम प्रोफाइल को और भी आकर्षक बना देगी, तो ऐसा कहना गलत नहीं होगा। जरा सोचिए...मैनग्रोव जंगलों से शुरू हुआ सफर अगर बादलों से घिरे पहाड़ों वाले नजारों पर खत्म हो तो वह पूरा सफर ही कितना सुहाना लगेगा।
यहां आपको सड़कें ज्यादा चौड़ी नहीं मिलेंगी लेकिन घने जंगलों के बीच से होकर गुजरता रास्ता रोमांचित जरूर करेगा। चोरला घाट के पूरे इलाके में आपको छोटे-छोटे गांव भी मिलेंगे। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत है कि इन इलाकों के घरों की बनावट पर आपको पूर्तगाली छाप की बजाए पारंपरिक गोवा की छाप और यहां की स्थानीय संस्कृति देखने को मिलेगी।

जैसा कि हमने पहले ही कहा कि चोरला घाट को सिर्फ गोवा का हिस्सा मानना सही नहीं होगा, बल्कि यह कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा से भी सटा हुआ इलाका है। लेकिन हम दावे के साथ कह सकते हैं कि चोरला घाट का जो हिस्सा गोवा में आता है, वहां के नजारे और प्राकृतिक सुन्दरता ऐसी है जिसे भूल पाना बिल्कुल आसान नहीं होगा।



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