बच्चों और पूरे परिवार के साथ गोवा जाएं या दोस्तों के साथ या फिर हनीमून पर अपने पार्टनर के साथ...गोवा जाने के नाम से ही हर किसी के पेट में तितलियां उड़ने लगती हैं। लेकिन इन तितलियों को यूं ही उड़कर कहीं दूर मत जाने दें। गोवा अगर आ ही गये हैं तो तितलियों के बागिचे में उनके साथ थोड़ा घूमने का आनंद उठाना तो बनता है।
नवंबर के महीने में अगर गोवा जा रहे हैं तो यहां बटरफ्लाई कंजरवेटरी (Butterfly Conservatory) को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें क्योंकि यहीं तो समय होता है जब इन रंग-बिरंगी और कई प्रजातियों की तितलियों का दीदार आप इस कंजरवेटरी में कर सकते हैं।

कब और किसने की शुरुआत?
नेचर लवर डॉ. ज्योति और यशोधन हेबलेकर ने साल 2006 में इस जगह को खरीदा, जहां काजू समेत कुछ अन्य पेड़ भी थे। दरअसल, यह परिवार गोवा में ऐसे ही किसी जगह की तलाश कर भी रहा था। Gomantak Times की रिपोर्ट के अनुसार इस परिवार का मानना है कि जंगलों को दूरुस्त करने और उनके घावों को भरने में तितलियों का बहुत बड़ा योगदान होता है।
इसलिए वो एक ऐसी जगह का निर्माण करना चाहते थे, जहां तितलियों को खाने की कमी न हो और उनका प्रजनन भी बिना किसी रोक-टोक या परेशानी के संभव हो सकें। साल 2009 में हेबलेकर परिवार ने बटरफ्लाई कंजरवेटरी ऑफ गोवा के नाम से एक संस्था की स्थापना की। हालांकि साल 2021 में इस संस्था का नाम बदलकर एक नया नाम 'मिस्टिक वूड' (Mystic Wood) दे दिया गया।

सैंकड़ों प्रजातियों की तितलियां
शुरुआती दिनों में जब बटरफ्लाई कंजरवेटरी को शुरू किया गया था तब यहां लगभग 12 महीनों के समय में 144 प्रजाति की तितलियां होने का पता चला था। लेकिन अब तो बटरफ्लाई सीजन के दौरान हर दिन 20-25 नयी प्रजाति की तितलियां यहां देखने को मिलती है। तितलियों के रहने, उनके खाने-पीने की व्यवस्था और प्रजनन में मदद पहुंचाने के लिए यहां रुफटॉप गार्डन भी बनाया गया है जहां यह परिवार कई तरह की सब्जियां आदि भी उगाता है।
सीधे शब्दों में कहा जा सकता है कि मिस्टिक वूड सिर्फ बटरफ्लाई कंजरवेटरी ही नहीं है। यहां आप कई तरह के मसालों के पेड़ भी देखने को मिलेंगे जैसे दालचीनी, लौंग, इलायची, काली मिर्च, हल्दी, अदरक, कॉफी, कोकम, करी पत्ता, वनीला आदि। अगर आप एक नेचर लवर हैं तो यहां आपके लिए इससे काफी ज्यादा और भी बहुत कुछ होगा। इस जगह को एक पार्क की तरह ही डिजाइन किया गया है जहां आने वाले मेहमान पक्षियों, तितलियों, मधुमक्खियों और पेड़-पौधों को निहार सकते हैं और यहां के फॉसिल म्यूजियम में घूम सकते हैं।
नवंबर में खत्म हो जाएगा बटरफ्लाई सीजन
अपने गोवा ट्रिप के दौरान तितलियों के इस शानदार घर में अगर घूमने का प्लान बनाया है तो नवंबर तक ही आपके पास समय है, क्योंकि इसके बाद बटरफ्लाई सीजन खत्म हो जाता है। तितलियों की हर प्रजाति अपनी-अपनी पसंदीदा पेड़ पर ही अंडे देती है। इसलिए मिस्टिक वूड्स में ऐसे पौधों को लगाया गया है जहां तितलियां अंडे देना पसंद करती हैं। इसके साथ ही तितलियां हर तरह के फूलों का पराग नहीं खाती हैं। आखिर तितलियां हैं वो, थोड़ा नखरा तो होगा ही न। इसलिए तितलियों की पसंदीदा फूलों को भी इस कंजरवेटरी में जगह दी गयी है।
तितलियों के साथ करें नाश्ता
मिस्टिक वूड्स (बटरफ्लाई कंजरवेटरी) में अगर आप इन शानदार तितलियों के साथ बैठकर अपना नाश्ता एंजॉय करना चाहते हैं, तो उसकी व्यवस्था भी की जा सकती है। सुबह 9 से 11.30 बजे के बीच यहां नाश्ता परोसा जाता है। बिल्कुल गोवन व्यंजनों और स्टाइल में यहां नाश्ता मिलेगा, जिसमें गाईड के साथ बटरफ्लाई कंजरवेटरी का टूर भी शामिल है। इसके लिए आपको कंजरवेटरी में पहले से ही बुकिंग करनी पड़ेगी जिसके लिए प्रति व्यक्ति शुल्क ₹950 चुकाना होगा।
लोकेशन - मिस्टिक वूड्स, पोंडा
कब खुला रहता है - सोमवार के अलावा सप्ताह के बाकी 6 दिन (मंगलवार से रविवार तक) खुला रहता है।
तितलियों को देखने का बेस्ट समय - सुबह 9 बजे से शाम को 4 बजे तक।
एंट्री शुल्क - ₹200 प्रति व्यक्ति। इसमें 1 घंटे का टूर और गाईड भी शामिल।
बटरफ्लाई कंजरवेटरी जाने का बेस्ट समय - अगस्त से नवंबर।
Contact - +91 9822895474
अधिक जानकारी के लिए आप मिस्टिक वुड्स के आधिकारिक वेबसाइट http://www.mysticwoods.co.in पर जा सकते हैं।
नोट - तितलियों का दीदार करना चाहते हैं, तो छुट्टियों में देर तक सोने का विचार त्यागे और सुबह के समय जल्दी उठकर बटरफ्लाई कंजरवेटरी पहुंचे। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, ऐसा मिस्टिक वूड्स का कहना है।



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