गोवा आने वाला हर पर्यटक समुद्र तट, फोर्ट, क्लब, नाइट लाइफ से जुड़ी यादें लेकर ही वापस लौटता है। इक्का-दुक्का ऐसे होते हैं जो ऑफबीट जगहों पर घूमते और उन्हें एक्सप्लोर करते हैं। लेकिन अधिकांश पर्यटक गोवा के एक Hidden Gem को एक्सप्लोर करना मिस कर जाते हैं। यह कोई साधारण जगह नहीं बल्कि घने जंगलों से घिरा 12वीं सदी में बना भगवान शिव का एक मंदिर है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं गोवा के भगवान महावीर वन्यजीव अभ्यारण्य की गहराई में छिपे कदम्ब श्री महादेव मंदिर के बारे में। अगर गोवा के रटे-रटाए जगहों और भीड़ से दूर कुछ अलग देखने का मन है, तो इस ऐतिहासिक मंदिर में एक बार जरूर घूम आएं।
कहां है यह शिव मंदिर

काफी कम लोगों को ही पता है कि गोवा के पास 12वीं सदी में बना कोई शिव मंदिर भी स्थित है। गोवा के निकट मौजूद भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य जो वेस्टर्न घाट का घना हरा जंगल है, की गहराई में स्थित है कदम्ब श्री महादेव मंदिर। इस मंदिर को तम्बडी सुरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप गोवा में किसी ऑफबीट एक्सपीरियंस के बारे में सोच रहे हैं तो इस मंदिर की तरफ जरूर बढ़िए। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि इससे बेहतर ऑफबीट अनुभव आपको गोवा में और कहीं नहीं मिलेगा।
गोवा से बिल्कुल अलग होगा अनुभव

गोवा का नाम लेते ही हमारी आंखों के सामने सूर्योदय या सूर्यास्त के समय समुद्रतट पर जमा होने वाली लोगों की भीड़, बालु, सर्फिंग और नाइट लाइफ की तस्वीरें घूमने लगती है। लेकिन वन्यजीव अभयारण्य में मौजूद इस मंदिर के चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ हरियाली दिखेगी जो गोवा के आम परिदृश्य से पूरी तरह से अलग होता है। यह जगह एडवेंचर ट्रेकिंग और शानदार वास्तुकला का आनंद उठाने का मौका भी देती है। वेस्टर्न घाट के बेहद मनोरम Landscape इस जगह की खुबसूरती में चार चांद लगाते हैं।
12वीं सदी में बना था यह मंदिर

तम्बडी सुरला मंदिर की वास्तुकला और इसका शानदार इतिहास लोगों को चौंका देती है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 12वीं सदी के शुरुआत में कदम्बा वास्तुशिल्पकारों द्वारा किया गया था। घने जंगल के बीच मौजूद इस मंदिर को दूर से देखकर ही लोग इसकी तरफ आकर्षित होते हैं। मंदिर का निर्माण मूल रूप से बेसॉल्ट पत्थरों से किया गया है। मंदिर की दिवारों पर कई प्रकार के पौराणिक घटनाओं को उकेरा गया है। दिवारों और मंदिर के खंभों पर जिस प्रकार देवी-देवताओं की मूर्तियों, विभिन्न घटनाओं को उकेरा गया है, इससे पता चलता है कि उस समय की वास्तुशिल्पकला कितनी ज्यादा उन्नत थी।
महाशिवरात्रि पर उत्सव का होता है आयोजन

घने जंगल के अंदर मौजूद होने की वजह से तम्बडी सुरला मंदिर गोवा का एक Hidden Gem बना रहा है। यह मंदिर कई सालों तक अपने प्राकृतिक परिवेश में पूरी तरह से छिपा हुआ था लेकिन इस मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। अगर गोवा में एंजॉय करने के साथ ही कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो जंगल की गहराई में छिपे इस मंदिर को देखने के लिए अपने ट्रिप में से एक दिन जरूर चुरा लें। हालांकि पिछले कुछ सालों के दौरान इस मंदिर को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि के समय इस मंदिर में उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस त्योहार को मंदिर में ठीक उसी तरह से मनाया जाता है जैसा सदियों पहले मनाया जाता होगा।
कैसे पहुंचे तम्बडी सुरला मंदिर

भगवान शिव का यह सदियों पुराना मंदिर तम्बडी सुरला गांव में मौजूद है। यह तम्बडी सुरला गांव, बॉलकॉर्न्म गांव से करीब 13 किमी दूर भगवान महावीर अभयारण्य और मॉल्लेम नेशनल पार्क के पास मौजूद है। गोवा की राजधानी पण्जी से यह जगह बमुश्किल 65 किमी दूर है। तम्बडी सुरला मंदिर तक पहुंचने का रास्ता गांव की पतली पथरीली और उबर-खाबड़ रास्तों से होकर जाता है। यह मंदिर भगवान महावीर अभयारण्य की गहराई में गोवा और कर्नाटक बॉर्डर के पास स्थित अंमोड घाट के पास मौजूद है। इस जगह पहुंचने के लिए आपको गोवा में किराए पर गाड़ियां आसानी से मिल जाएंगी।
तम्बडी सुरला मंदिर सिर्फ किसी जंगल के अंदर स्थित भगवान शिव का पुराना कोई मंदिर ही नहीं है। यह गोवा की समृद्ध संस्कृति को समझने का एक जरिया भी है। जी हां, सिर्फ समुद्रतट, नाइटलाइफ, क्लब ही गोवा की संस्कृति नहीं हैं बल्कि गोवा का इतिहास इन सबसे कहीं ज्यादा पुराना है।



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