गोवा न सिर्फ लोगों की बकेट लिस्ट में रहता है बल्कि गोवा जाने के लिए किसी तरह की तैयारी की भी जरूरत नहीं होती है। दोस्तों का ग्रुप जब तैयार हो जाए, गोवा का प्लान ऑन हो जाता है। खासतौर पर उत्साहित युवाओं का एक समूह ऐसा भी होता है जो मानसून के समय गोवा जाने के बारे में जरूर सोचता है क्योंकि उस समय गोवा तुलनात्मक रूप से खाली और सस्ती होती है।
मगर मानसून में गोवा जाने वाले सैलानियों को यह बात ध्यान में रखना होगा इस समय यहां आने वाले पर्यटकों और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोवा सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं जाते हैं। जिसमें कई तरह की पाबंदियां भी शामिल होती हैं।

अगर आप भी इस साल बारिश के मौसम में गोवा जाने का प्लान बनाने का सोच रहे हैं तो इस आर्टिकल को अच्छी तरह से पढ़कर यह समझ लें कि मानसून के समय गोवा में आपको क्या-क्या बंद मिल सकता है।
बंद कर दिये गये हैं Shacks
गोवा का एक प्रमुख आकर्षण समुद्रतट में बनाए गये होमस्टे या झोपड़ियां, जिन्हें Shacks भी कहा जाता है, होते हैं। मानसून के समय पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोवा की राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि 1 जून से अगले 60 दिनों के लिए गोवा में Shacks को बंद रखा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार गोवा सरकार के इस फैसले के कारण करीब 350 सरकार-अनुमोदित और निजी जमीन पर बनाएं गये Shacks को बंद कर दिया गया है।
गोवा में मानसून के समय वैसे रेस्तरां जो समुद्र के काफी करीब होते हैं, उन्हें भी बंद कर दिया जाता है। यानी अगर आप यह सोच रहे हैं कि समुद्र में वाटर एक्टिविटी न सही लेकिन शानदार नजारों को देखते हुए अपना पसंदीदा व्यंजन या ड्रिंक एंजॉय कर सकेंगे तो ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।
नहीं पकड़ सकेंगे मछली
1 जून से अगले लगभग 60 दिनों के लिए गोवा के समुद्र में मछली पकड़ने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। यह प्रतिबंध सिर्फ व्यवसायिक रूप से मछली पकड़ने वाले मछुआरों पर ही नहीं बल्कि पर्यटकों पर भी लागू होगी। दरअसल, मानसून के समय न सिर्फ समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठती हैं बल्कि काफी तेज हवाएं भी बहती हैं। इस वजह से समुद्र के आसपास जाना भी खतरे से खाली नहीं होता है।

तैराकी और वाटर एक्टिविटी बंद
हाल ही में गोवा सरकार ने किसी भी वाटरफॉल, जलाशय या जमे हुए पानी में तैराकी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा मानसून और बारिश के आने वाले मौसम को ध्यान में रखते हुए ही किया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं मानसून के समय गोवा में होने वाले प्रकार के वाटर एक्टिविटी जैसे वाटर स्की, स्कूबा डाइविंग, जेट स्की, बनाना राइड, पैरासेलिंग, विंड सर्फिंग, कयाकिंग आदि सभी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
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दुधसागर वाटरफॉल
गोवा जाने वालों का प्रमुख आकर्षण दुधसागर वाटरफॉल होता है। लेकिन मानसून के समय इसे पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। मानसून में दुधसागर वाटरफॉल को बंद करने के दो प्रमुख वजहें हैं - पहली, दुधसागर वाटरफॉल तक का रास्ता जंगलों के बीच से होकर गुजरता है। बारिश की वजह से पूरा रास्ता कीचड़ से लथपथ हो जाता है, जिसमें जीप आदि का चलना संभव नहीं हो पाता है।
दूसरी वजह है कि दुधसागर वाटरफॉल काफी ऊंचाई से नीचे गिरता है, इस वजह से उसके पानी का बहाव भी काफी ज्यादा होता है और वाटरफॉल के नीचे का जलाशय भी पानी से काफी ज्यादा भरा रहता है। बारिश के मौसम में आसपास के पूरे क्षेत्र में फिसलन होने के कारण लोगों का नीचे तालाब में गिरने, गंभीर चोट लगने और डूब जाने का खतरा उत्पन्न हो जाता है।



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