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ईस्टर स्पेशल : पुर्तगाली, ब्रिटिश और फ्रेंच आर्किटेक्चर के दिखाते गोवा के सुन्दर चर्च

Written By: Staff

जल्द ही ईस्टर आने वाला है ज्ञात हो कि ईसाई पूजन-वर्ष में ईस्टर सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक धार्मिक पर्व है। ईसाई धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सूली पर लटकाए जाने के तीसरे दिन यीशु पुनर्जीवित हुए थे। इस मृतोत्थान को ईसाई ईस्टर दिवस या ईस्टर रविवार के रूप में मानते हैं। ईस्टर को चर्च के वर्ष का काल या ईस्टर काल या द ईस्टर सीज़न भी कहा जाता है। परंपरागत रूप से ईस्टर काल चालीस दिनों का होता है। Must Read : वो मंदिर जहां होते हैं देवी को पीरियड्स, निकलता है खून

तो यदि आपको ईस्टर का असली आनंद लेना है तो गोवा आइये इस दौरान यहां पर्व का आनंद लेने दूर दूर से पर्यटक आते हैं। ज्ञात हो कि आज गोवा का शुमार भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशनों में होता है। आज गोवा जहां एक तरफ फन, बीच, पब, बार पार्टी और मौजमस्ती का हब है तो वहीं दूसरी तरफ ये अपने बेमिसाल और आश्चर्य में डाल देने वाले गिरिजाघरों यानी चर्चों के कारण भी जाना जाता है।

यदि आप यहां के चर्चों को ध्यान से देखें तो आपको मिलेगा कि इनमें भारतीय वास्तुकला के साथ साथ पुर्तगाली, ब्रिटिश और फ्रेंच वास्तुकला को भी दर्शाया गया है। आइये इस लेख के माध्यम से जरा गहराई से जानें गोवा के कुछ आलिशान चर्चों के बारे में।

बेसीलिका ऑफ बोम जीसस

बेसीलिका ऑफ बोम जीसस

यह सेंट फ्रांसिस जेवियर का घर है और यह चर्च संपूर्ण विश्व से हजारों ईसाई या गैर ईसाई पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बेसीलिका ऑफ बोम जीसस का उद्घाटन 1605 में फ़ादर एलेक्सियो दे मेनेज़ेस ने किया था। कहा जाता है कि यह चर्च400 साल पुराना है जो पर्यटकों और प्रतिदिन खुला रहता है।

सेंट कैजेतन चर्च

सेंट कैजेतन चर्च

सेंट कैजेतन चर्च निर्विवाद रूप से गोवा का सबसे सुंदर चर्च है। आप यूरोपियन देशों के चर्च की यादों को पुनर्जीवित के सकते हैं जो कोरिंथियन और गॉथिक वास्तुकला से प्रेरित है। इसके प्राचीन सफ़ेद प्रवेश द्वार से लेकर सामने के दोनों ओर के आयताकार टॉवर सभी चीजें हमें मूल यूरोपियन वास्तुकला की याद दिलाती हैं।

से कैथेड्रल ऑफ सेंटा कैटरीना

से कैथेड्रल ऑफ सेंटा कैटरीना

अलेक्जेंड्रिया के कैथरीन को समर्पित से कैथेड्रल ऑफ सेंटा कैटरीना भारत का सबसे बड़ा चर्च है। से कैथेड्रल का निर्माण 1510 में किया गया था। आपको बताते चलें कि चर्च हर साल विशेषत: क्रिसमस के दौरान हजारों पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस चर्च को लेके आश्चर्य की बात ये है कि इस चर्च की लंबाई 250 फीट, चौड़ाई 181 फीट और ऊँचाई 115 फीट है। ज्ञात हो कि ये चर्च अलेक्जेंड्रिया की कैथरीन को समर्पित है।

अवर लेडी ऑफ इम्मेक्युलेट कंसेप्शन

अवर लेडी ऑफ इम्मेक्युलेट कंसेप्शन

अवर लेडी ऑफ इम्मेक्युलेट कंसेप्शनगोवा की राजधानी पणजी का सबसे प्रसिद्ध चर्च है। बताया जाता है कि इस चर्च का निर्माण वास्तविक रूप से 1541 में हुआ था परंतु 1619 में इसे पूर्ण रूप से बदल दिया गया। इस चर्च का भी शुमार भारत के सबसे सुंदर चर्चों में होता है। अवर लेडी ऑफ इम्मेक्युलेट कंसेप्शन तक पहुँचना आसान है। पणजी शहर से तथा वास्को दा गामा और मडगांव से नियमित बस सेवा उपलब्ध है। उत्तरी गोवा के बागा, कलंगुट और केनडोलिम क्षेत्र से भी आने वाले पर्यटकों को कैब मिल जायगी।

सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च

सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च

सेंट फ्रांसिस असीसी चर्च का निर्माण 1500 में हुआ और इसका मूल आठ फ्रांसीसी भिक्षु थे। यह चर्च लेटराईट से बना है और हजारों ईसाई और गैर ईसाई पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मजे कि बात ये है की इस चर्च का निर्माण मूल रूप से आठ फ्रांसीसी भिक्षुओं द्वारा करा गया था।

चर्च ऑफ़ सेंट ऐनी

चर्च ऑफ़ सेंट ऐनी

यदि आप बेहतरीन वास्तुकला का लुत्फ़ लेना चाहते हैं तो आप गोवा के सेंट ऐनी चर्च की यात्रा अवश्य करें। इस चर्च की संरचना को भारतीय बरोक शैली का मास्टर पीस कहा गया है आपको बताते चलें की इस चर्च की वास्तुकला देखते ही बनती है। ये चर्च आपको जहां एक तरफ किसी भारतीय मंदिर जैसा लगेगा तो वहीं दूसरी तरफ ये आपको यूरोपीय वास्तुकला का भी एहसास कराएगा। आप गोवा के किसी भी स्थान पर रहकर इस चर्च तक बसों और कैब के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

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