गुजरात में 11 नये ग्रीन फील्ड (Green Field) एयरपोर्ट बनाएं जाएंगे। अगले 5 सालों में इन 11 एयरपोर्ट्स का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इससे गुजरात के साथ देश और दुनिया के दूसरे हिस्सों का एयरपोर्ट संपर्क काफी अधिक बढ़ने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल दिसंबर में ही गुजरात सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के साथ एक करार किया है।
इस करार में सिर्फ नये एयरपोर्ट ही नहीं बल्कि पुराने एयरपोर्ट का विकास की भी बात कही गयी है। बता दें, हाल ही सूरत एयरपोर्ट के नये टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया और पिछले महीने ही इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा भी दिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है।

गुजरात के वर्तमान और नये प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट्स
| No. | वर्तमान एयरपोर्ट्स | नये प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट्स |
| 1. | अहमदाबाद | अंकलेश्वर |
| 2. | सूरत | मोरबी |
| 3. | वडोदरा | राजपीपला |
| 4. | राजकोट | बोतड़ |
| 5. | भुज | द्वारका |
| 6. | भावनगर | धोर्दो |
| 7. | जामनगर | रजुला |
| 8. | पोरबंदर | दाहोड़ |
| 9. | कंडला | अम्बाजी |
| 10. | हिरासर | धोलावीरा |
| 11. | दिउ | पालीताना |
आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट किसे कहते हैं? दरअसल, ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट, उन एयरपोर्ट्स को कहते हैं जहां पहले से कोई निर्माण कभी नहीं हुआ हो। यानी शहर से बाहर वह जमीन जो अभी तक विकसित न हुई हो। आमतौर पर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट्स का निर्माण मुख्य एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए किया जाता है। इन एयरपोर्ट्स को शहर से बाहर तैयार किया जाता है, ताकि ट्रैफिक पर एयरपोर्ट की वजह से अधिक प्रभाव न पड़े।

गुजरात में जिन जगहों पर 11 ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्ताव दिया गया है, उनमें से अधिकांश औद्योगिक या फिर अध्यात्म से जुड़ी हुई जगहें हैं। इन जगहों का विमान संपर्क बढ़ जाने से निश्चित रूप से पर्यटन के साथ-साथ व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
किस एयरपोर्ट को कितनी जमीन हुई आवंटित?
गुजरात में 11 ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट्स का निर्माण होना है, जिसमें से 8 एयरपोर्ट के जमीन को चिन्हित और 3 एयरपोर्ट को आवंटित की जा चुकी है। इसके अलावा 2 एयरपोर्ट ऐसे हैं, जिनके लिए अभी तक जमीन चिन्हित नहीं किया गया है। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन पालीताना ऐसी जगह है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यहां एयरपोर्ट के लिए जमीन आवंटन नहीं की जा सकेगी। हालांकि इसकी वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है।
| No. | एयरपोर्ट | चिन्हित जमीन | आवंटित जमीन |
| 1. | बोतड़ | 190.34 हेक्टेयर | -- |
| 2. | द्वारका | 132.53 हेक्टेयर | -- |
| 3. | धोर्दो | 500 हेक्टेयर | -- |
| 4. | रजुला | 80.94 हेक्टेयर | -- |
| 5. | दाहोड़ | 408.64 हेक्टेयर | -- |
| 6. | अंकलेश्वर | -- | 80 हेक्टेयर |
| 7. | मोरबी | -- | 90 हेक्टेयर |
| 8. | राजपीपला | -- | 47.24 हेक्टेयर |
सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर
अम्बाजी और धोलावीरा में एयरपोर्ट के लिए जमीन अभी तक चिन्हित नहीं किया जा सका है। इसके साथ-साथ भावनगर, कंडला, पोरबंदर, वडोदरा और केसोड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी AAI ने राज्य सरकार से जमीन की मांग की है। मेहसाणा, अम्रेली और मांडवी में एयरट्रिप्स का भी विकास किया जा सकता है।



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