राजस्थान या गुजरात में आपने कई तरह के किलों या हवेलियों को जरूर देखा होगा, जिनका निर्माण पत्थरों, ईंट, चुना आदि से किया गया है। लेकिन क्या कभी आपने सैंकड़ों पुरानी कोई ऐसी हवेली देखी है जो सिर्फ लकड़ी से बनी हुई है। ऐसी हवेली जहां आज भी वक्त मानों ठहर सा गया हो। एक ऐसी हवेली जिसने आधुनिक दुनिया में कदम बढ़ाने से इंकार कर दिया हो...
जी हां, ऐसी ही हवेली है अहमदाबाद की मंगलदास नी हवेली। मंगलदास नी हवेली अहमदाबाद के प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी 'मंगलदास गिरधरदास' की हवेलियों के समूह में से एक है। जानकारों की मानें तो यह हवेली करीब 250 साल पुरानी है, लेकिन इसकी चमक आज भी कहीं भी फीकी पड़ती नजर नहीं आ रही है।
वर्तमान में 'मंगल दास नी हवेली' बुटिक होटल है, जिसकी देखभाल अभय मंगलदास करते हैं। 'मंगल दास नी हवेली' अहमदाबाद में हाउस ऑफ एमजी बुटिक होटल से 12-15 मिनट की दूरी पर ही मौजूद है। मूल रूप से यह हवेली नागर ब्राह्मण परिवारों की थी लेकिन साल 2006 में मंगलदास परिवार ने इस हवेली को खरीदकर इसकी मरम्मत तो की लेकिन इसकी वास्तविकता को बरकरार रखा। अक्सर लोग इन दोनों जगहों पर घूमने और अहमदाबाद की इस ऐतिहासिक वास्तुकला के शानदार उदाहरण को देखने के लिए जाते रहते हैं।
कलाकारी और वास्तुकला का बेजोड़ नमूना
गुजरात अपनी शानदार कलाकारी की वजह से देश के दूसरे हिस्सों में खूब लोकप्रिय होता है। 'मंगल दास नी हवेली' में आकर आपको भी यह अच्छी तरह से समझ में आएगा कि जब हवेलियों की शानदार वास्तुशिल्प की बात होती है, तब क्यों गुजरात का वहां जिक्र होना अनिवार्य हो जाता है। पूरी तरह से लकड़ी से बने इस सैंकड़ों साल पुरानी हवेली के हर खंभे और दीवारों पर बारीक काम किया गया है। दीवारों या खंभों पर बनायी गयी हर कलाकृति आपको एक समान नजर आएगी। इसे देखकर समझ में आता है कि कितने धैर्य के साथ लकड़ी पर इन्हें उकेरा गया होगा।
क्या-क्या हैं विशेषताएं
'मंगल दास नी हवेली' अहमदाबाद के प्रमुख बुटिक होटल House of MG का ही एक हिस्सा है, जो इस हवेली से महज 10-15 मिनट की दूरी पर मौजूद है। 'मंगल दास नी हवेली' में कई अलग-अलग संरचनाएं भी हैं जो एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। हवेली का बाहरी हिस्सा दुकान और रसोई घर के तौर पर इस्तेमाल होता है। हवेली में दो कमरे हैं, एक आंगन में और दूसरा छत पर। इन्हें होटल की तरह बुक किया जा सकता है और किराया भी बजट के अंदर ही है।
यानी आप अपने बजट के अंदर रहकर ही इस तरह के किसी शानदार हवेली में रुकने का आनंद उठा सकते हैं। इस हवेली की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां आपको हर तरफ कमल के फूलों की आकृति ही बनी मिलेगी। फिर चाहे वह दीवार हो, खंभे हो, झरोखे हो, चौखट हो या दरवाजे हो...हर जगह विभिन्न आकारों में कमल के फूल बने हुए हैं, जो इस हवेली की कलाकृति को बड़ा ही Unique बनाती है।
उठाएं लजीज व्यंजनों का लुत्फ
गुजराती व्यंजन जैसे ढोकला, थेपला, खाखरा आदि से लेकर आमरस या फिर फाफड़ा जैसे स्नैक्स तो आज घर-घर में लोकप्रिय हो चुके हैं। ऐसे में अगर आप भी ऑथेंटिक गुजराती थाली या व्यंजनों का स्वाद चखना चाहते हैं तो 'मंगल दास नी हवेली II' के पोल खोली कैफे में आ जाएं, जो 'मंगल दास नी हवेली 1' से 5 मिनट की दूरी पर मौजूद है। कैफे में आउटडोर के साथ ही एसी में भी बैठने की सुविधा उपलब्ध है। अगर आप अहमदाबाद में आप कहीं अथैंटिक गुजराती थाली को एंजॉय करना चाहते हैं तो House of MG का 'अगशिये' टेरिस रेस्तरां एक शानदार विकल्प हो सकता है।
छत पर बैठकर पारंपरिक गुजराती व्यंजनों का स्वाद चखना एक अलग ही अनुभव होता है। इसके अलावा आप चाहें तो House of MG के 'द ग्रीन हाउस' कैफे में भी जा सकते हैं। यहां गुजराती, राजस्थानी और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का आला-कार्ट विकल्प मिलेगा। इसके अलावा इस कैफे में ताजे फलों का जूस, आइक्रीम, कॉफी और चाय आदि का स्वाद भी लाजवाब होता है। ध्यान रहें, द ग्रीन हाउस रेस्तरां एक वेजिटेरियन रेस्तरां है, जहां सिर्फ ब्रेकफास्ट के समय ही अंडे मिलते हैं।
कितना है किराया
| कमरा | किराया (बिना ब्रेकफास्ट) | किराया (ब्रेकफास्ट समेत) |
| आंगन का | ₹4,748 | ₹6,777 |
| टेरिस सूट | ₹4,748 | ₹6,777 |
नोट - इस हवेली की बुकिंग शूटिंग, शादी या फिर किसी भी तरह के सेलिब्रेशन के लिए किया जा सकता है। इसके लिए आपको House of MG प्रबंधन के साथ संपर्क करना होगा।
पता - मंगलदास नी हवेली, लेखा पटेल नी पोल, सकडी शेरी, खडिया, अहमदाबाद, गुजरात।
*Gujarat Tourism के आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के आधार पर



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