Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »मगध सम्राट अशोक ने क्या लिखवाया था गुजरात के जूनागढ़ में स्थित ऊपरकोट किले की शिलालेखों पर?

मगध सम्राट अशोक ने क्या लिखवाया था गुजरात के जूनागढ़ में स्थित ऊपरकोट किले की शिलालेखों पर?

गुजरात की समृद्ध संस्कृति और यहां की ऐतिहासिक विरासतें आज भी लोगों को अचंभित करती हैं। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में मौजूद है जूनागढ़ का ऊपरकोट किला। गुजरात के इस शहर का भी अपने आप में काफी ऐतिहासिक महत्व रहा है। जूनागढ़ का इतिहास सदियों पुराना रहा है जिसने कई राजाओं का शासनकाल देखा है। लेकिन अभी हम बात करने वाले हैं जूनागढ़ के शानदार ऊपरकोट किले के बारे में।

यह वहीं किला है जहां आज भी मगध सम्राट अशोक समेत शक राजाओं के शिलालेख भी मिलते हैं। क्या आपको यह जानने की उत्सुकता नहीं हो रही कि मगध के सम्राट अशोक ने जूनागढ़ के इस किले में अपनी शिलालेख पर क्या खुदवाया होगा? चलिए पता लगाते हैं, पर पहले जूनागढ़ के ऊपरकोट किले और इसके इतिहास के बारे में थोड़ी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

किसने बनवाया था जूनागढ़ का ऊपरकोट किला?

गुजरात के जूनागढ़ के ऊपरकोट किले का निर्माण किसने करवाया था, इस बारे में कोई सटिक जानकारी तो नहीं है। लेकिन कहा जाता है कि इस किले का निर्माण 319 ईसा पूर्व सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने करवाया था। कहा जाता है कि इस किले का इतिहास 2300 साल से भी अधिक पुराना है। निर्माण के बाद कई सालों में इस किले पर विभिन्न शासकों का अधिकार रहा है, जिन्होंने समय-समय पर इसका विस्तार भी किया था।

गुजरात के पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस किले को 16 बार घेराबंदी भी झेलनी पड़ी थी। इनमें से एक बार तो घेराबंदी लगभग 12 सालों तक चली थी लेकिन किला इतना सुरक्षित था कि उसमें सेंध नहीं लगायी जा सकी थी।

कितनी मजबूत थी ऊपरकोट किले की सुरक्षा?

ऊपरकोट की मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी दीवारों के अंदर लगभग 300 फीट गहरी खाई हुआ करती थी। कहा जाता है कि इन खाईयों में सिर्फ पानी भरकर नहीं छोड़ दिया जाता था बल्कि इन किले की रखवाली मगमच्छों का झुंड किया करता था।

किले के चारों ओर परकोटा है, जो किसी-किसी स्थान पर 20 मीटर तक मोटा है। यह किला जूनागढ़ शहर से थोड़ी ऊंचाई पर बना हुआ है। इसलिए किले के परकोटे पर खड़े होकर पूरे शहर और गिरनार के जंगलों पर नजर रखी जा सकती थी।

क्या लिखा है अशोक के शिलालेखों पर?

मगध सम्राट अशोक का साम्राज्य काफी ज्यादा फैला हुआ था। इसलिए गुजरात का जूनागढ़ भी मगध साम्राज्य के अधीन ही आता था। जूनागढ़ के ऊपरकोटे किले में मगध सम्राट अशोक के 14 शिलालेख हैं। इसके अलावा शक राजा रुद्रदाम के शिलालेख भी यहां खुदे हुए हैं। अशोक के शिलालेखों पर उनके राजकीय आदेश खुदे हुए हैं। इसके साथ ही इन शिलालेखों पर सम्राट अशोक के शासनकाल के दौरान मानी जाने वाली नैतिक नीतियां भी लिखी हुई हैं। इस किले में मौजूद शक राजा रुद्रदाम के शिलालेखों की विशेषता है कि ये संस्कृत भाषा में लिखी हुई है।

क्या-क्या देख सकते हैं ऊपरकोट किले में?

जूनागढ़ के ऊपरकोट किले के निर्माण में सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। इस किले में दो शानदार तोप रखी हुई हैं, जिनका नाम नीलम और मानेक हैं। ये तोपें दीव से लायी गयी थी। 10 इंच बोर वाली ये तोपें 17 फीट लंबी और इनका मुंह 4 फीट 8 इंच गोल है। इसके अलावा ठोस चट्टानों को काट कर बनायी गयी दो बावड़ियां भी किले में देख सकते हैं, जिनका निर्माण 15वीं शताब्दी में किया गया था।

कहा जाता है कि इन दोनों बावड़ियों का नाम दासियों के नाम पर रखा गया है जो यहां से पानी भरने का काम करती थी। इसके साथ ही 1000 साल पुराने कुएं हैं, जिनमें नीचे उतरने के लिए सीढ़ियां भी मौजूद हैं। इस किले में बौद्ध गुफाएं और एक मस्जिद भी है। मस्जिद में नूरी शाह का मकबरा मौजूद है, जो देखने लायक है।

कैसे पहुंचे ऊपरकोट किला?

जूनागढ़ शहर से महज 2 किमी की दूरी पर मौजूद है ऊपरकोट किला। अगर आपको पैदल चलना पसंद है तो जूनागढ़ से 30 मिनट में आप इस किले में पहुंच सकते हैं। गाड़ी से जाने पर मात्र 10 मिनट का समय लगता है।

जूनागढ़ का नजदीकी एयरपोर्ट राजकोट है, जो 103 किमी की दूरी पर मौजूद है। नजदीकी स्टेशन जूनागढ़ जंक्शन है, जिससे अहमदाबाद-वेरावल लाइन पर 2 एक्सप्रेस ट्रेनें आवाजाही करती हैं। गुजरात के किसी भी शहर से राज्य परिवहन की बसों से जूनागढ़ पहुंच सकते हैं।

More News

Read more about: gujarat junagadh history
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+