कर्नाटक के बारे में आप सभी ने सुना होगा, इसे मेलों और त्योहारों का राज्य माना जाता है, जो पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद खूबसूरत है। यही कारण है कि कर्नाटक को 'लैंड ऑफ फेस्टिवल' भी कहा जाता है। फिलहाल, जनवरी का आज हम बात करेंगे, कर्नाटक के विश्व प्रसिद्ध त्योहार 'हम्पी फेस्टिवल' की। कर्नाटक के सबसे प्रसिद्ध पर्वों में से एक हम्पी फेस्टिवल अपनी ऐतिहासिकता के लिए जानी जाती है। इस फेस्टिवल को विजया उत्सव के नाम से भी जाना जाता है।
इस त्योहार को बड़े ही सांस्कृतिक व पारम्परिक ढ़ंग से मनाया जाता है और इसमें शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से पर्यटक आते हैं और देश की इस विरासत में अपना कुछ समय बिताते हैं। यह फेस्टिवल तीन दिनों तक आयोजित किया जाता है। इस दौरान मनोरंजन के साथ कई सारे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जो फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण भी होता है। इस बार यह फेस्टिवल 27 जनवरी से लेकर 29 जनवरी तक मनाया जाएगा।

हम्पी फेस्टिवल का इतिहास व आयोजन स्थल
हम्पी फेस्टिवल को विजयनगर साम्राज्य के अस्तित्व को दुनिया के सामने उजागिर करने के लिए मनाया जाता है, जो साल 1336 में हरिहर प्रथम और उनके भाई बुक्का राय प्रथम द्वारा स्थापित किया गया था। इस फेस्टिवल की शुरुआत विजयनगर साम्राज्य के दौरान ही हुई थी। विरुपाक्ष मंदिर में आयोजित होने वाला यह फेस्टिवल विजयनगर साम्राज्य की संस्कृति और विरासत को दर्शाता है, जो प्राचीन खंडहरों के इस शहर को रोशनी से जगमगा देता है।
कर्नाटक की संस्कृति को दर्शाता हम्पी फेस्टिवल
फेस्टिवल के दौरान आप सभी यहां जाकर लोक नृत्य और संगीत प्रदर्शन का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां होने वाला 'लाइट एंड साउंड शो' फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण है। इस दौरान आपको यहां कन्नडिगास नृत्य, नाटक, आतिशबाजी, कठपुतली शो, शानदार परेड, और ड्रम-पाइप जैसे संगीत देखने को मिलेंगे, जो आपको विजयनगर साम्राज्य के अतीत में ले जाएंगे। यह फेस्टिवल कर्नाटक की संस्कृति को दर्शाता है।

हम्पी महोत्सव का मुख्य आकर्षण
1. सांस्कृतिक उत्सव में विजयनगर साम्राज्य को फिर से जीवंत करने के लिए कई लोक नृत्य और संगीत प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान आपको भारत के सबसे प्रसिद्ध नृत्य शैली में से एक भरतनाट्यम का मंचन देखने को भी मिलता है।
2. फेस्टिवल के दौरान जंबो सफारी की जाती है, जो हाथियों के झुंड के साथ निकाली गई एक मार्च है, जो आपको वापस विजयनगर साम्राज्य के इतिहास को कुरेदने में मदद करेगी।
3. इस बीच एक जुलूस का आयोजन किया जाता है, जिसमें मध्यकालीन सैन्य वर्दी में महिलाओं और पुरुषों को देखा जा सकता है, जो इतिहास को दिखाता है।
4. यह फेस्टिवल विरुपाक्ष मंदिर में आयोजित किया जाता है, इसीलिए मंदिर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को रोशनी से सजा दिया जाता है, जैसे मानिए किसी राजा के स्वागत के लिए सजाया गया हो।
5. फेस्टिवल के दौरान आयोजन 'लाइट एंड साउंड शो' विजयनगर साम्राज्य की भव्यता को प्रदर्शित करता है, जो इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण भी है।
6. इस दौरान आप कठपुतली शो का आनंद ले सकते हैं, जो अमूमन राजाओं-महाराजाओं के समय देखी जाती थी। इस दौरान आपको शो से संबंधित कई रोचक किस्से भी सुनने को मिलेंगे, जो काफी मजेदार होते हैं।
7. इस तीन दिवसीय फेस्टिवल के दौरान जमकर आतिशबाजियां देखने को मिलती हैं। इतिहास में समेटने के लिए आयोजित इस पर्व के दौरान आपको सजे-धजे हाथी और घोड़े देखने को मिल जाएंगे, जैसे किसी शाही फंक्शन का आयोजन किया जा रहा हो।
हम्पी कैसे पहुंचे?
नजदीकी प्रमुख शहर - बैंगलोर (340 किमी.)
नजदीकी हवाई अड्डा - हुबली एयरपोर्ट (167 किमी.)
नजदीकी रेलवे स्टेशन - होसपेटे जंक्शन रेलवे स्टेशन (13 किमी.)



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