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बेंगलुरू से मंदिरों के शहर धर्मस्‍थला तक का सफर

नेत्रावती नदी के तट पर स्थित धर्मस्‍थला मंदिरों का शहर है। ये कर्नाटक के दक्षिण कन्‍नड़ जिले में बेल्‍थंगाड़ी तालुक में है। ये शहर भगवान शिव को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर धर्मस्‍थला के लिए मशहूर है।

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इस मंदिर में भगवान शिव को मंजुनाथ और उनके साथ देवी को अम्‍मानावारू और चंद्रनाथ और धर्म देव जोकि धर्म के संरक्ष हैं की पूजा की जाती है। इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि इस मंदिर को जैन प्रशासन द्वारा संचालित किया जाता है और यहां पर हिंदू पंडित द्वारा पूजा की जाती है। 

कैसे पहुंचे धर्मस्‍थला?

कैसे पहुंचे धर्मस्‍थला?

वायु मार्ग द्वारा : यहां से 65 किमी की दूरी पर स्थित है मैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट। इस हवाई अड्डे से देश के सभी राज्‍य और शहर जुड़े हुए हैं।

रेल मार्ग द्वारा : मैंगलोर जंक्‍शन यहां का निकटतम रेलवे स्‍टेशन है जोकि बेंगलुरू, मुंबई और देश के अन्‍य मुख्‍य शहरों से जुड़ा हुआ है। यहां से इस रेवले स्‍टेशन की दूरी 74 किमी है।

सड़क मार्ग द्वारा : धर्मस्‍थला जाने का सबसे बेहतर रास्‍ता है सड़क मार्ग। धर्मस्‍थला के लिए देश के मुख्‍य शहरों से नियमित बसें भी चलती हैं।PC:Naveenbm

कैसे जायें?

कैसे जायें?

शुरुआती बिंदु : बेंगलुरू
गंतव्‍य : धर्मस्‍थला
धर्मस्‍थला आने का सही समय:अक्‍टूबर से मार्च

ड्राइविंग निर्देश
सड़क मार्ग द्वारा बेंगलुरू से धर्मस्‍थला की कुल दूरी 297 किमी है। यहां से आप दो रूटों से धर्मस्‍थला जा सकते हैं।

रूट 1 : बैंगलोर - नेलमंगला - कुनीगल - यदीयुर - हसन - सकलेशपुर - एनएच 75 से धर्मस्थल

रूट 2 : बैंगलोर - रामनगर - चन्‍नापटना - मंड्या - चन्‍नारायपाटना - हसन - सकलेशपुर - एनएच 275 और एनएच 75 से धर्मस्थला

पहले रूट बनादादका से बेंगलुरू रोड़ से धर्मस्‍थला जाने पर आपको लगभग 5 घंटे 45 मिनट का समय लगेगा। इस रूट पर आप हसन और सकलेशपुर भी देख सकते हैं।

नेलमंगला और हसन में कहां रूकें

नेलमंगला और हसन में कहां रूकें

बेंगलुरू में ट्रैफिक से बचने के लिए आपको सुबह जल्‍दी निकलना पड़ेगा। हाईव पर पहुंचकर आपको खाने के लिए कई विकल्‍प मिल जाएंगें।

आप चाहें तो रास्‍ते में नेलामंगला रूक कर नाश्‍ते में गर्मागरम डोसा खा सकते हैं। इससे आपको खूब एनर्जी मिलेगी और फिर इसके बाद आप हसन में लंच कर सकते हैं।

नेलामंगला से कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों से होकर गुज़रना आपको तरोताज़ा कर देगा।PC:Prashant Dobhal

बेलूर और हालेबिदु

बेलूर और हालेबिदु

होयसाल राजवंश के शासनकाल से संबंधिन हसन बेलूर, हालेबिदु, श्रावणबेलगोला जैसी कई पुरातात्‍विक स्‍थलों के लिए मशहूर है।

बेलूर का चेन्‍नाकेसावा मंदिर और हालेबिदु का होयसलेश्‍वरा मंदिर बेजोड़ स्‍थापत्‍य कला का नमूना है।

हसन में लंच करने के बाद आप धर्मस्‍थला के लिए आगे बढ़ सकते हैं। यहां से धर्मस्‍थला 117 किमी दूर है और इसमें आपको 2 घंटे का समय लगेगा।PC:Philip Larson

गंतव्‍य : धर्मस्‍थला

गंतव्‍य : धर्मस्‍थला

800 साल प्राचीन धर्मस्‍थला मंदिर में भगवान मंजुनाथेश्‍वर की पूजा होती है। इस मंदिर में विष्‍णु धर्म को मानने वाले वैष्‍णव पंडित द्वारा पूजा की जाती है।

इसके अलावा इस मंदिर का प्रशासन जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा किया जाता है और इन्‍हें यहां हेगडे नाम से जाना जाता है।
PC: B.yathish6

हेगड़े

हेगड़े

धर्मस्‍थला का अर्थ है धर्म का स्‍थल जहां मानवता और विश्‍वास का वास होता है। धर्मस्‍थला में हेगड़े का स्‍थान बड़ा अनोखा है और देश के अनेक धार्मिक केंद्रों में इनके बारे में लोगों को नहीं पता है।

परंपरा के अनुसार हेगड़े स्‍वयं भगवान मंजुनाथ को प्रदर्शित करते हैं। हेगड़े धार्मिक और श्री मंजुनाथ स्‍वामी मंदिर के शीर्ष माने जाते हैं। वर्तमान में मंदिर के मुखिया डॉ. डी वीरेंद्र हेगड़े हैं जो मंदिर के सभी कार्यों की देखरेख करते हैं।pc:official site

चंद्रनाथ स्‍वामी बसदी

चंद्रनाथ स्‍वामी बसदी

प्राचीन चंद्रनाथ स्‍वामी बसदी भी एक अन्‍य मुख्‍य आकर्षण है। यह दक्षिण भारत में सबसे अधिक पूजनीय दिगंबर स्‍थलों में से एक है।

PC: Naveenbm

बाहुबली

बाहुबली

रत्‍नागिरी पर्वत पर स्थित बाहुबली की मूर्ति मंजुनाथ मंदिर से कुछ किलोमीटर दूर ही स्थित है। 39 फीट लंबी इस संरचना को 1982 में डॉ. डी वीरेंद्र हेगड़े द्वारा स्‍थापित की गई थी।

PC: Vedamurthy J

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