जब भी आप हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत शहर शिमला जाने की योजना बनाते हैं, तो लोग आपको सुझाव देते हैं कि रोहतांग पास जरूर जाना, वहां सर्दियों में बर्फ और गर्मियों में ग्लेशियर देखने को मिलेंगे। यही कारण है कि रोहतांग पास के लिए पूरे साल भीड़ लगी रहती है लेकिन बर्फबारी केवल सर्दियों में देखने को मिलती है। हिमाचल में ही एक जगह ऐसी है, जहां चाहे सर्दी हो या गर्मी या चाहे बरसात का मौसम, यहां बर्फबारी पूरे साल होती है। जगह का नाम है साच पास।
साच पास में घूमने जाने का पूरा ट्रैवल गाइड हम यहां दे रहे हैं, इसे पढ़ें और जुलाई की गर्मी में प्लान बनाएं बर्फ से स्नोमैन बनाने का...

स्टार्ट प्वाइंट
साच पास पहुंचने के लिए डलहाउज़ी या चंबा स्टार्टिंग प्वाइंट हो सकता है। जो भी आपको पास पड़े वहां से आप अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं। हमरा सुझाव है कि आप पहले एक दिन डलहउज़ी में बितायें फिर आगे जायें। डलहाउज़ी से सीधे रास्ता यहां के लिए जाता है। अगर आप चंबा होते हुए जायेंगे तो आपकी यात्रा और भी बेहतरीन होगी, क्योंकि यहां रास्ते में पड़ेगा खजिहार। यह एक छोटा सा हिल स्टेशन है, जहां शिमला-मनाली की तरह बहुत ज्यादा भीड़ नहीं रहती है।
खजिहार से 23 किमी आगे बढ़ने पर चंबा आयेगा। चंबा में एक से एक मंदिर हैं और इसी जगह पर साच पास है। चंबा भी हिमाचल का एक खूबसूरत शहर है। इस हिल स्टेशन में आपको कई सारे टूरिस्ट अट्रैक्शन देखने को मिलेंगे जैसे सेंट्रल पार्क, खजियार झील, लक्ष्मी नारायण मंदिर, कालाटोप वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी, चमेरा बांध, चामुंडा देवी मंदिर, चतर्दी मंदिर, मणिमहेश लेक, भलेई माता मंदिर और भूरी सिंह संग्रहालय। हालांकि इनके अलावा कई और जगहें भी हैं जो आपका दिन बना सकती है।
सुबह तड़के पकड़नी होगी बस
चंबा से रोज सुबह सच पास के लिए बस मिलती है। यह बस बैरागढ़ होते हुए जाती है। ध्यान रहे अगर आप खाने-पीने का सामान साथ नहीं लेकर आये हैं, तो बैरागढ़ आपके लिए लास्ट स्टॉप है जहां आपको खाने पीने की चीजें मिलेंगी। इसके आगे कोई भी गांव नहीं पड़ता है, न घर न दुकान। कुछ भी नहीं। केवल सन्नाटा सड़क।
अगर आपको थकान हो गई है, तो आप बैरागढ़ में ठहर भी सकते हैं। और हां अपने साथ-साथ अपने वाहन के खाने का भी आपको ध्यान रखना होगा, क्योंकि बैरागढ़ से करीब 30 किलोमीटर पहले तीसा नाम की जगह पर इंडियन ऑयल का पेट्रोल पम्प पड़ता है। इसके आगे आपको कहीं भी पेट्रोल नहीं मिलेगा।
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बैरागढ़ से 28 किलोमीटर की दूरी पर साच पास है। आपको यहां से 23 किमी आना और 23 किमी वापस आना, यह यात्रा एक दिन में पूरी करनी होती है। आगे जाने पर रास्ता भी खराब मिलेगा, इसलिए उसके लिए आपको तैयार रहना होगा। लेकिन मजेदार बात यह है कि इस रास्ते में आपको कम से कम चार-पांच वॉटर फॉल मिलेंगे, जहां गाड़ी रोक कर आप झरनों का लुत्फ उठा सकते हैं।
इस बीच आपको दो-चार दुकानें मिल सकती हैं, जहां आपको स्नैक्स मिलेंगे। यहां पूरे साल बहुत ठंड रहती है। यहां से आपको पीर पंजाल रेंज साफ दिखाई देती है। रास्ते में ग्लेशियर मिलते हैं। सर्दियों में यहां पर 35 से 40 फीट तक बर्फ बारी की वजह से यह रास्ता बंद कर दिया जाता है। जून में यह रास्ता खोला जाता है और अक्टूबर माह में बंद कर दिया जाता है।
सच पास का जो सबसे ऊंचा प्वाइंट है वो समुद्र तल से करीब 14400 फीट की ऊंचाई पर है। यहां का नज़ारा इतना खूबसूरत है जो आप पूरे जीवन में शायद कभी नहीं भूल पायेंगे। यहां पर बड़े-बड़े ग्लेशियरों के बीच से आपकी गाड़ी निकलती है। लास्ट प्वाइंट पर पहुंचने पर आपको एक माता का मंदिर मिलेगा।

मंदिर के सामने से आपको बर्फीले पहाड़ नज़र आयेंगे, जो दरअसल जम्मू-कश्मीर में हैं। यहां से आगे का रास्ता किल्लाड़ के लिए निकल जाता है। दरअसल यहीं पास में ही जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश का बॉर्डर है।
कितना खर्च
अगर आप अपने वाहन से चल रहे हैं तो करीब 70 किमी की दूरी का एवरेज लगा लीजिये, लेकिन अगर आप सरकारी बस से आ रहे हैं, तो आप चंबा से सीधी बस पकड़ सकते हैं, जिसका किराया 350 रुपए है। बस से आने पर एक कंडीशन भी है। आप जिस बस से जा रहे हैं, वे किलाड़ तक जायेगी, जोकि साच पास से 40 किमी आगे है। यह बस साच पास पर 10-15 मिनट के लिए ही रुकती है। आगे आपको किलाड़ तक जाकर वहां एक रात बितानी ही पड़ेगी।



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