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जानिए बालेश्वर से बालासोर बनने की कहानी... जो अपनी संस्कृति और परम्परा के लिए जाना जाता है

बालासोर अपने मंदिरों के लिए जाना जाता है, जिसकी नक्काशी व वास्तुकला बेहद शानदार है। इसके अलावा यहां की लोक संस्कृति व पारम्परिक खान-पान भी काफी प्रसिद्ध है।

बालासोर, ओडिशा का आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है। उड़ीसा के राज्य बनने से पहले यह बंगाल प्रेसीडेंसी के अंतर्गत आता था, लेकिन 1 अप्रैल 1936 को जब उड़ीसा राज्य का गठन हुआ तो इसे उड़ीसा में शामिल कर दिया गया। बालासोर अपने मंदिरों के लिए जाना जाता है, जिसकी नक्काशी व वास्तुकला बेहद शानदार है। इसके अलावा यहां की लोक संस्कृति व पारम्परिक खान-पान भी काफी प्रसिद्ध है। यह अपने आकर्षक समुद्र तटों के लिए भी जाना जाता है।

बालासोर का महाभारत काल से संबंध

कहा जाता है कि बालासोर पहले कलिंग राज्य का हिस्सा हुआ करता था, जो मुकुंद देव की मृत्यु के तोषला या उत्कल (वर्तमान नाम - उड़ीसा) का हिस्सा बन गया। महाभारत काल में भी कलिंग राज्य का जिक्र किया गया है। यहां सम्राट अशोक का भी शासनकाल रह चुका है। भगवान शिव के नाम पर बसी यह नगरी का वर्तमान स्वरूप काफी बदल गया है लेकिन मध्यकाल में इसे विशेष समुद्री शहर के रूप में विकसित था।

balasore view

बालासोर का इतिहास

कलिंग राज्य के राजा मुकुंद देव की मृत्यु के बाद यह उत्कल का क्षेत्र बन गया। फिर 1568 ईस्वी का वो समय आया, जब मुगलों ने यहां अपना कब्जा जमा लिया, जो 18वीं शाताब्दी तक बना रहा। फिर मराठों का इस हिस्से पर स्थापत्य हुआ और यह नागपुर के राजाओं के कब्जे में आ गया। 19वीं शाताब्दी (1803 ईस्वी) की शुरुआत में संधि हुई और ये बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा बन गया। फिर जनवरी 1948 ईस्वी में नीलगिरी राज्य उड़ीसा का हिस्सा बना, जो बाद में बालासोर जिले का हिस्सा बना।

17वीं शाताब्दी (1634 ईस्वी) में इस क्षेत्र को लेकर पहला अंग्रेजी समझौता हुआ, उसके बाद यहां डेन और डचों का भी कब्जा हुआ, जिनका अतीत आज भी शहर में देखा जा सकता है। यहां आपको कुछ पसंद आए या ना आए लेकिन यहां की संस्कृति जरूर पसंद आएगी। वैसे यहां कुछ ऐसा नहीं है, जो आपको न पसंद आए। यहां की हरियाली, वातावरण, मंदिर व समुद्री किनारा सभी आपको मंत्रमुग्ध कर लेगा।

balasore view

बालेश्वर का नाम बालासोर कैसे पड़ा?

भगवान शिव के अंश बालेश्वर के नाम पर ही इस शहर का नाम बालेश्वर पड़ा, जो मुगलों के दौर में बदल दिया गया है और वर्तमान समय में बालेश्वर को बालासोर के नाम से जाना जाता है। शहर का यह नाम मुगलों के दौर से चला आ रहा है।

बालासोर के प्रसिद्ध त्योहार

1. दुर्गा पुजा
2. कलिंग महोत्सव

बालासोर में घूमने लायक स्थान

1. पंचलिंगेश्वर महादेव
2. चांदीपुर बीच
3. कुल्दिह वन्यजीव अभयारण्य
4. तलसारी
5. आरडी

बालासोर से सम्बन्धित हमने सारी जानकारी आपके सामने रखी है, अगर कोई जानकारी हमसे छुट गई हो या हम न लिख पाए हो तो आप हमें अपने शहर के बारे में बता सकते हैं। हमसे जुड़ने के लिए आप हमारे Facebook और Instagram पेज से भी जुड़ सकते हैं...

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