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वो हॉलिडे डेस्टिनेशन जो हैं तो सेक्सी और कूल, मगर लोग इन्हें जानते नहीं

By Staff

हो सकता है आप ट्रेवलिंग के शौकीन हों और आपने भारत की काफी जगहें घूमी भी हों अब यदि कोई आपसे ये पूछे कि क्या आपने सारा भारत घूमा हुआ है तो जवाब देते वक़्त कंफ्यूजन होना लाज़मी है। ये कंफ्यूजन इसलिए है क्योंकि जब भी आप कहीं घूमने जाते हैं तो कुछ न कुछ छूट ही जाता है और उस समय आप ये बिल्कुल नहीं कह सकते कि किसी विशेष स्थान की पूरी यात्रा आपने की हुई है। साथ ही ये भी देखा गया है कि लोग ज्यादातर उन्हीं जगहों पर घूमने जाते हैं जो फेमस हैं और पर्यटकों को आकर्षित करती हैं जबकि आज भारत में कई ऐसे डेस्टिनेशन है जिनके बारे में लोगों को पता ही नहीं है।

इन डेस्टिनेशनों से लोगों की दूरी कि वजह एक और भी है वो है सूचना का आभाव। सूचना के आभाव के चलते आज ये जगहें ज्यादा फेमस नहीं हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारत की उन जगहों के बारे में जो आज भी लोगों की भारी भीड़ से दूर प्रकृति और एकांत लिए हुए हैं । तो अब देर किस बात कीआज ही निकलिये इन स्थानों की यात्रा पर अपने आप को तरो ताज़ा करने के लिए।

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सैंट मेरी आइलैंड

सैंट मेरी आइलैंड

सैंट मेरी आइलैंड कर्नाटक में कोकोनट आइलैंड के नाम से जाना जाता है। ये द्वीप चार छोटे द्वीपों का समूह है जो उडुपी के मालपे सी कोस्ट में पड़ता है। बेसाल्ट लावा गठन यहां के द्वीपों को एक सबसे अनूठा दृश्य प्रदान करता है। इस द्वीप की एक विशेषता ये भी है कि इसे भारतीय भू वैज्ञानिकों ने भी एक विशेष दर्जा देते हुए इसे छब्बीस महत्त्वपूर्ण जगहों में शामिल किया है। बताया जाता है कि पुर्तगाली नाविक वास्को डा गामा केरल के कप्पड़ जाने से पहले यहां रुका था।

केईबुल लम्जाओ राष्ट्रीय उद्यान

केईबुल लम्जाओ राष्ट्रीय उद्यान

केईबुल लम्जाओ राष्ट्रीय उद्यान अपने आप में अद्वितीय है। यह विश्व का एकमात्र तैरता हुआ उद्यान है, जहाँ कई प्रकार के पशु और पक्षी रहते हैं। तांगा नगर के करीब बिष्णुपुर ज़िले में स्थित, केईबुल लम्जाओ राष्ट्रीय उद्यान, लोकटक झील का अविभाज्य भाग है। इस झील का सबसे प्रमुख आकर्षण है विलुप्त हो रहे एल्ड हिरण और बारहसिंघा जिसको यहाँ के स्थानीय लोग संगाई बोलते हैं। यह नाचने वाला हिरण है जो बिष्णुपुर और मणिपुर को प्रसिद्ध बनाता है।

दिबरू-साइखोवा राष्ट्रीय उद्यान

दिबरू-साइखोवा राष्ट्रीय उद्यान

दिबरू-साइखोवा राष्ट्रीय उद्यान असम में तिनसुकिया शहर से लगभग 12 कि.मी. उत्तर में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है जो समुद्र सतह से औसतन118 मी. की ऊँचाई में है। यह उद्यान लगभग 350 वर्ग कि.मी. में फैला हुआ है। उद्यान के उत्तर में ब्रह्मपुत्र और लोहित नदियाँ और दक्षिण में दिबरू नदी बहती हैं। यह असम के तिनसुकिया ज़िले में स्थित है। यह मुख्यतः नमीदार मिश्रित अर्ध-सदाबहार वन, नमीदार मिश्रित पतझड़ीय वन तथा घास के मैदानों का क्षेत्र है। यह पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा दलदलीय वन है।

बेलम गुफाएं

बेलम गुफाएं

3229 मीटर की लंबाई वाली बेलम गुफाएं भारतीय उपमहाद्वीप की दूसरी सबसे बड़ी गुफा और भारतीय उपमहाद्वीप के प्लेन की सबसे लंबी गुफा हैं। ये गुफाएं प्राकृतिक गुफाएं हैं जिनका निर्माण जमीन के अंदर से निकल रहे पानी से हुआ है।

खज्जर

खज्जर

भारत के स्विट्ज़रलैंड के नाम से मशहूर खज्जर का शुमार भारत की सबसे खूबसूरत जगहों में है। ये स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। ये खूबसूरत हिल स्टेशन हिमाचल के चंबा जिले में है जो चरों ओर से चीड़ और देओदार के पेड़ों से घिरा हुआ है।

पिथौरागढ़

पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के राज्य का एक शहर है और यह शक्तिशाली हिमालय पर्वतमाला का प्रवेश द्वार है। खूबसूरत सोर घाटी में बसे इस शहर के उत्तर में अल्मोड़ा जिला है। इसके पूर्व में काली नदी से सटा पड़ोसी देश नेपाल है।यहां के अधिकांश प्राचीन मंदिर व किले पाल एवं चंद वंश के समय के बने हुए हैं। यहां कई चर्च, मिशन स्कूल, और इमारतें अंग्रेजों के समय की बनी हैं। पिथौरागढ़ घूमने की योजना में पर्यटक कपिलेश्वर महादेव मंदिर देख सकते हैं।

इलावीझापुनचिरा

इलावीझापुनचिरा

केरल के कोट्टयम् में मौजूद ये स्थान अपने सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए जाना जाता है। दर्शकों के बीच स्थित प्रसिद्ध एक सुंदर पिकनिक स्‍पॉट है। यह छोटी पहाड़ी की गोद में फैली है जो इसे और भी आकर्षक बना देती है। यह समुद्र स्‍तर से 3200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह जगह ट्रैकर्स के बीच भी पसंदीदा है।

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