बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की कर्नाटक सरकार की घोषणा के कुछ दिनों बाद ही तमिलनाडु सरकार ने भी कर्नाटक-तमिलनाडु की सीमा से सटे होसुर में नया एयरपोर्ट बनाने की घोषणा कर दी। हालांकि बेंगलुरु के वर्तमान केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) की वजह से वर्ष 2033 से पहले होसुर में एयरपोर्ट का संचालन शुरू नहीं हो सकता है लेकिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने की प्रक्रिया को तो शुरू किया ही जा सकता है।
वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में दूसरे एयरपोर्ट के लिए भी जगह का चयन करने की प्रक्रिया भी बड़ी ही तेजी से चल रही है। अब यह देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि होसुर एयरपोर्ट या बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट, कौन सा पहले और कहां बनकर तैयार होता है। खैर, इस बीच होसुर एयरपोर्ट को बनाने के लिए लगभग 5 संभावित जगहों का जायजा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने लिया है।

बता दें, BIAL, जो बेंगलुरु में KIA का संचालन करती है, ने केंद्र सरकार के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत जब तक बेंगलुरु का वर्तमान एयरपोर्ट अपने 25 साल पूरे नहीं कर लेता है, तब तक उसके हवाई क्षेत्र से 150 किमी के दायरे में किसी भी दूसरे एयरपोर्ट का संचालन नहीं किया जा सकेगा। बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट हो या होसुर एयरपोर्ट, दोनों ही इसके 150 किमी के दायरे में ही आते हैं। इसलिए वर्ष 2033 तक, जब KIA 25 साल पूरे करेगा, किसी भी एयरपोर्ट का संचालन शुरू नहीं किया जाएगा लेकिन उससे पहले इन दोनों एयरपोर्ट्स को ही पूरी तरह से तैयार कर लेने की कोशिशें की जा रही हैं।
AAI ने लिया 5 संभावित जगहों का जायजा
होसुर एयरपोर्ट को बनाने के लिए AAI ने 5 ऐसी जगहों का जायजा लिया है, जहां होसुर एयरपोर्ट को बनाया जा सकेगा। जिन 5 जगहों को होसुर एयरपोर्ट की संभावित जगहों के तौर पर देखा जा रहा है, उनमें शामिल है -
- वर्तमान होसुर एयरस्ट्रीप तनेजा एयरोस्पेस एंड एविएशन लिमिटेड (TAAL)
- होसुर एयरस्ट्रीप (TAAL) से 2 किमी दक्षिण में एक जगह
- होसुर एयरस्ट्रीप (TAAL) से 10 किमी दक्षिण में तोगराई अग्रहरम के पास
- होसुर एयरस्ट्रीप (TAAL) से 27 किमी दक्षिण पूर्व में उल्गाम (शूलगिरी के पास)
- होसूर एयरस्ट्रीप से 16 किमी उत्तर पूर्व में धशपल्ली के पास
The Hindu की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 2 महीने पहले ही AAI की टीम ने इन सभी जगहों का जायजा लिया था और हर एक लोकेशन पर नया एयरपोर्ट बनने के फायदे और नुकसान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की थी। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि तमिलनाडु इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (TIDCO) और AAI के बीच थोड़ी बातचीत भी हुई है। बताया जाता है कि इन पांचों लोकेशन में से जल्द ही 2 जगहों का चुनाव AAI करेगी और उन दोनों जगहों के बारे में फाइनल रिपोर्ट भी जल्द जमा की जाएगी।

कौन से लोकेशन की है सबसे ज्यादा दावेदारी?
होसुर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जितने लोकेशन के बारे में सोच-विचार किया जा रहा है उनमें से 2 लोकेशन ऐसे हैं, जिनकी दावेदारी सबसे ज्यादा रही है। इनमें से पहला है होसुर का वर्तमान एयरपोर्ट TAAL और दूसरा है TAAL से 2 किमी दक्षिण में जिस जगह के बारे में विचार किया जा रहा है। इसके अलावा जिन 5 जगहों के बारे में भी विचार किया जा रहा है वहां एयरपोर्ट का निर्माण थोड़ा मुश्किल ही दिखाई दे रहा है।
एक जगह से होकर नदी बहती है तो दो जगहें ऐसी हैं जहां से होकर हाई टेंशन तारें गुजर रही हैं। हालांकि इस बारे में AAI विस्तार से जरूर बात करेगी। वहीं इन परियोजना की एक और चुनौती यह भी है कि राज्य सरकार को रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेने की जरूरत होगी क्योंकि एयरस्पेस का नियंत्रण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड करते हैं।
गौरतलब है कि होसुर एक औद्योगिक शहर है जहां करीब 500 बड़े उद्योग और 3000 MSME है। इसके साथ ही अब यहां टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड की भी फैक्ट्री होगी, जो एप्पल और ओला, टीवीएस मोटर कंपनी आदि के वाहनों का प्रमुख सप्लायर है। होसुर में अगर एयरपोर्ट बनता है तो खासतौर पर दक्षिण बेंगलुरु में रहने वाले लोगों को इससे काफी फायदा होगा।



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