देश का सबसे ऊंचा ऑब्जर्वेटरी टावर (Observatory Tower), जिसकी ऊंचाई कुतुब मीनार से भी अधिक होने वाली है। बताया जाता है कि इस ऑब्जर्वेटरी का निर्माण लगभग पूरा होने वाला ही है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस ऑब्जर्वेटरी टावर की ऊंचाई कोलकाता में मौजूद शहीद मीनार और न्यू टाउन में स्थित विश्वबांग्ला गेट से भी अधिक होने वाली है।
इस ऑब्जर्वेटरी टावर में अतिशक्तिशाली दूरबीन लगे हुए हैं, जहां से कोलकाता शहर का एक बड़ा हिस्सा, कोलकाता एयरपोर्ट, हावड़ा के ग्रामीण इलाके और हुगली जिले का एक बड़ा हिस्सा भी दिखाई देगा।

बता दें, ऑब्जर्वेटरी एक वेधशाला होती है, जहां से आसमान के गहरे राज, खगोलीय पिंडों, मौसम से संबंधित घटनाओं या प्राकृतिक घटनाओं का अवलोकन किया जाता है। यहां शक्तिशाली दूरबीन व अन्य उपकरण लगे होते हैं, जिनकी मदद से इन महत्वपूर्ण घटनाओं को देखा जाता है।
कितना ऊंचा है यह ऑब्जर्वेटरी टावर?
Times of India की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हावड़ा में जिस ऑब्जर्वेटरी टावर का निर्माण किया जा रहा है, उसका नाम 'पंचदीप मीनार' है। इस ऑब्जर्वेटरी टावर की कुल ऊंचाई लगभग 120 मीटर होगी। यह कुतुब मीनार से भी करीब 38 मीटर अधिक ऊंची है। कोलकाता के न्यू टाउन में मौजूद विश्व बांग्ला गेट (55 मीटर) से इसकी ऊंचाई लगभग दोगुनी है।
वहीं कोलकाता के मैदान इलाके में स्थित शहीद मीनार, जिसकी ऊंचाई करीब 48 मीटर है, से भी यह ऑब्जर्वेटरी कई गुना अधिक ऊंचा है। इस ऑब्जर्वेटरी का डिजाइन IIEST शिवपुर ने तैयार किया है, जिसे एक निजी कंपनी हावड़ा म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर तैयार कर रही है।
पंचदीप कंस्ट्रक्शन के निदेशक व इंजीनियर राम रतन चौधरी का कहना है कि यह टावर भूकंप रोधी है। इस टावर की नींव 35 मीटर गहरी है, जो किसी 10 मंजिला इमारत से भी अधिक गहरी है। इस टावर के निर्माण में करीब 1400 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है।
क्या है इस ऑब्जर्वेटरी की विशेषताएं?
पंचदीप टावर (ऑब्जर्वेटरी) में कुल 5 डेक (Deck) होंगे। पंचदीप टावर का पहला डेक 112 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। इसका फर्श 200 वर्ग मीटर चौड़ा है, जिसपर एक बार में 200 दर्शक खड़े हो सकते हैं। इस डेक पर 4 अतिशक्तिशाली दूरबीन लगाए जाएंगे, जो 20 किमी के दायरे में सब कुछ साफ-साफ देख सकेंगे। इन दूरबीन की मदद से कोलकाता महानगर का एक बड़ा हिस्सा, सॉल्टलेक, कोलकाता एयरपोर्ट, हुगली का एक बड़ा हिस्सा और हावड़ा के शहरी और ग्रामीण हिस्से भी देख सकेंगे।

ऑब्जर्वेटरी के सबसे ऊपरी डेक से ठीक नीचे 200 वर्ग मीटर का एक घूमने वाला रेस्तरां होगा, जिसमें 150 लोग बैठ सकेंगे। यह रेस्तरां 104 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा और इसके नीचे 108 मीटर की ऊंचाई पर होगा एक विशाल बैंक्वेट। इसके अलावा ऑब्जर्वेटरी में दो अन्य डेक होंगे, जिसमें से एक 50 मीटर और दूसरा 25 मीटर की ऊंचाई पर होगा।
ऑब्जर्वेटरी में दो हाई-स्पीड लिफ्ट (एलिवेटर) लगाए जाएंगे, जो 3 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से ऊपर और नीचे आ सकेंगे। इस लिफ्ट में एक बार में 15 व्यक्ति खड़े हो सकते हैं। यह लिफ्ट दर्शकों को सभी डेक, रेस्तरां और बैंक्वेट तक पहुंचाएगा।
कहां बन रहा है ऑब्जर्वेटरी और कब खुलेगा?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा में यह ऑब्जर्वेटरी बेलीलियस पार्क के ठीक पास में, ईस्ट-वेस्ट बाईपास पर बन रहा है जो डुमुरजला और कोना एक्सप्रेसवे को हावड़ा मैदान से जोड़ता है। यानी कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि हावड़ा मैदान मेट्रो स्टेशन पर उतरने के बाद बस, ऑटो या ई-रिक्शा जैसे कई विकल्प मिलेंगे, जो आपको यहां तक पहुंचा देंगे।
संभावना जतायी जा रही है कि अगले 3-4 महीनों में ही इस दर्शकों के लिए खोल दिया जा सकता है। यानी इस साल के मध्य तक देश का सबसे बड़ा ऑब्जर्वेटरी खुल सकता है।
हावड़ा सेंट्रल के विधायक अरुप राय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इसका शीलान्यास वर्ष 2015 में किया गया था।



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