कोलकाता मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर, जिसपर वर्तमान में 2 चरणों में मेट्रो सेवाओं का संचालन किया जाता है। इस मेट्रो कॉरिडोर को कोलकाता मेट्रो का ग्रीन लाइन कॉरिडोर भी कहा जाता है। अब इन दोनों कॉरिडोर को जोड़ने वाली कड़ी (एस्प्लेनेड-सियालदह) को भी शुरू करने की हरी झंडी मिल चुकी है। इस मेट्रो कॉरिडोर में हावड़ा से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं - हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड और सियालदह से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच।
कई बाधाओं और समस्याओं को पार कर एस्प्लेनेड से सियालदह के बीच मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण, ट्रायल रन और सुरक्षा जांच का काम पूरा हो चुका है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने हावड़ा-सॉल्टलेक सेक्टर 5 मेट्रो कॉरिडोर के एस्प्लेनेड से सियालदह स्ट्रेच पर मेट्रो का संचालन करने की हरी झंडी भी दे दी है। इस स्ट्रेच पर मेट्रो सेवाओं के शुरू होते ही यात्री हावड़ा मैदान से सीधे सॉल्टलेक सेक्टर 5 तक का सफर तय कर सकेंगे।

अब जब कोलकाता मेट्रो के ग्रीन लाइन कॉरिडोर पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इस कॉरिडोर को पूरी तरह से अब शुरू किया जाने वाला है, तो चलिए आपको बता देते हैं ग्रीन लाइन मेट्रो कॉरिडोर का रूट मैप क्या है? कुल कितने स्टेशन हैं? एस्प्लेनेड से सियालदह स्ट्रेच पर कितने नए स्टेशन खुलने वाले हैं?
सबसे पहले आपको बताते हैं -
एस्प्लेनेड से सियालदह के बीच कितने नए स्टेशन खुलेंगे?
हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर 5 मेट्रो कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है एस्प्लेनेड से सियालदह के बीच खुल रहा स्ट्रेच। काफी मुश्किलों और मशक्कत के बाद मेट्रो रेलवे के इंजीनियरों ने इस स्ट्रेच का निर्माण कार्य पूरा किया है। इस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के एस्प्लेनेड से सियालदह स्ट्रेच पर कोई नया स्टेशन नहीं खुलने वाला है।
इस कॉरिडोर पर हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड और सियालदह-सॉल्टलेक सेक्टर 5 (दोनों स्ट्रेच पर ही वर्तमान में यात्री सेवाएं चालू हैं) के बीच की कड़ी को सिर्फ जोड़ा जा रहा है। इस कड़ी के जुड़ते ही हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
अगर आपको याद हो, तो यह वहीं स्ट्रेच है जिसके भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के समय बऊ बाजार इलाके में मिट्टी धंस जाने की समस्या उत्पन्न हुई थी। इस वजह से 70 से ज्यादा घरों के निवासी रातोंरात बेघर हो गये थे और दावा किया जाता है कि उनमें से कई परिवार तो आज भी होटलों में रहने के लिए मजबूर है। इसके अलावा मेट्रो का सुरंग बनाते समय एक टनल बोरिंग मशीन (TBM) भी फंस गयी, जिसे बाद में निकाला ही नहीं जा सका। उसे सीमेंट आदि से सुरंग के एक सिरे पर जाम कर देना पड़ा था।

कितनी लंबाई और मेट्रो लाइन का प्रकार?
इस मेट्रो कॉरिडोर पर एलिवेटेड और भूमिगत दोनों तरह से लाइन बनायी गयी है। कोलकाता मेट्रो रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार इस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 16.6 किमी है। इसमें से भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर 10.8 किमी और एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर 5.8 किमी है। इस मेट्रो कॉरिडोर के फेज 1 में सबसे पहले फुलबागान स्टेशन से सॉल्टलेक सेक्टर 5 के बीच मेट्रो सेवाओं की शुरुआत की गयी थी।
बाद में इसमें सियालदह मेट्रो स्टेशन को भी जोड़ा गया था। इसके साथ ही फेज 1 की कुल लंबाई 9.4 किमी हो गयी थी। वहीं फेज 2 के तहत एस्प्लेनेड से हावड़ा मैदान के बीच का मेट्रो कॉरिडोर शुरू किया गया जिसकी लंबाई 7.2 किमी है। खास बात है कि इस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का फेज 2 देश का पहला अंडरवाटर मेट्रो बना, जो हुगली नदी के नीचे से होकर गुजरता है।
क्या है रूट मैप और स्टेशनों के नाम?
- हावड़ा मैदान (भूमिगत)
- हावड़ा स्टेशन (भूमिगत)
- महाकरण स्टेशन (भूमिगत)
- एस्प्लेनेड स्टेशन (भूमिगत)
- सियालदह स्टेशन (भूमिगत)
- फुलबागान स्टेशन (भूमिगत)
- सॉल्टलेक स्टेडियम (एलिवेटेड)
- बंगाल केमिकल स्टेशन (एलिवेटेड)
- सिटी सेंटर स्टेशन (एलिवेटेड)
- सेंट्रल पार्क स्टेशन (एलिवेटेड)
- करुणामई स्टेशन (एलिवेटेड)
- सेक्टर 5 स्टेशन (एलिवेटेड)
CRS से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सिलायदह से एस्प्लेनेड के बीच Missing Link को शुरू कर दिया जाएगा। संभावना जतायी जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस स्ट्रेच को हरी झंडी दिखाकर शुरू कर सकते हैं।



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