देश का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन कौन है? अगर आप दिल्ली, मुंबई या फिर दक्षिण भारतीय किसी शहर के बारे में सोच रहे हैं तो आपका जवाब गलत है। देश का सबसे बड़ा और व्यस्त रेलवे स्टेशन है पूर्व रेलवे का हावड़ा स्टेशन। जुड़वां शहर और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को हावड़ा ब्रिज के माध्यम से जोड़ने वाले हावड़ा स्टेशन पर अब तक कुल 23 प्लेटफार्म हुआ करती थी।
इतनी ज्यादा संख्या में प्लेटफार्म भारत के किसी भी दूसरे स्टेशन पर नहीं मौजूद है। लेकिन अब हावड़ा स्टेशन पर 23 प्लेटफार्म नहीं होंगे। लेकिन इस बारे में बताने के साथ-साथ हम आपको आज हावड़ा स्टेशन के बारे में भी कुछ दिलचस्प जानकारियां देने वाले हैं। इसके साथ ही हावड़ा स्टेशन के इतिहास से भी हम आपको रू-ब-रू करवाने वाले हैं।

हावड़ा स्टेशन से कब खुली थी पहली ट्रेन?
हावड़ा स्टेशन से सबसे पहली ट्रेन वर्ष 1854 में खुली थी। पहली ट्रेन हावड़ा से पश्चिम बंगाल के ही हुगली के बीच यह ट्रेन चली थी। सन्मार्ग की एक मीडिया रिपोर्ट में पूर्व रेलवे के हवाले से बताया गया है कि 15 अगस्त 1854 को हुगली के लिए पहली बार हावड़ा से ट्रेन रवाना हुई थी।
हावड़ा से हुगली के बीच 3 स्टेशन पड़ते थे - बाली, श्रीरामपुर और चंदननगर। भारत के जिस रेलवे स्टेशन पर सर्वाधिक प्लेटफार्म है वह है हावड़ा स्टेशन। क्या आप जानते हैं, हावड़ा में कुल कितने प्लेटफार्म हैं?
हावड़ा स्टेशन के प्लेटफार्म
हावड़ा स्टेशन पर कुल 23 प्लेटफार्म हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हावड़ा स्टेशन पर साल 1905 में 6 नए प्लेटफार्म बनाए गये थे। वर्ष 1992 में हावड़ा स्टेशन के पुराने टर्मिनल के ठीक बगल में ही नया टर्मिनल बनाया गया। साल 2009 में हावड़ा स्टेशन पर कई नए प्लेटफार्म बनाए गये जिसके बाद प्लेटफार्मों की कुल संख्या बढ़कर 23 हो गयी थी।
सबसे मजेदार बात है कि हावड़ा स्टेशन के पुराने टर्मिनल में प्लेटफार्म नंबर 1 से 15 तक प्लेटफार्म है और नये टर्मिनल में प्लेटफार्म नंबर 17 से 23 है। लेकिन प्लेटफार्म नंबर 16 नहीं है। दरअसल, प्लेटफार्म नंबर 16 से किसी भी यात्री ट्रेन का संचालन नहीं होता है और इसे जीरो माइल कहा जाता है। इस प्लेटफार्म से सिर्फ मालगाड़ियों का संचालन होता है, इसलिए इस प्लेटफार्म की गिनती ही नहीं होती है। लेकिन अब हावड़ा स्टेशन पर नहीं रहेंगे 23 प्लेटफार्म।

हावड़ा स्टेशन पर नहीं होंगे 23 प्लेटफार्म
हावड़ा स्टेशन पर अब 23 प्लेटफार्म नहीं होंगे। जी नहीं, हावड़ा स्टेशन पर किसी भी प्लेटफार्म को तोड़ा या घटाया नहीं जा रहा है। दरअसल, हावड़ा स्टेशन पर बनाया जा रहा है प्लेटफार्म नंबर 24। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हावड़ा स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 24 का निर्माण पूर्व रेलवे द्वारा किया जा रहा है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि हावड़ा स्टेशन का यह प्लेटफार्म दक्षिण पूर्व रेलवे के डिविजन में आता है। बताया जाता है कि नये प्लेटफार्म का निर्माण कार्य मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्लेटफार्म पर ले जा सकते हैं गाड़ियां
क्या आप जानते हैं, हावड़ा स्टेशन संभवतः भारत का एकमात्र स्टेशन है, जिसके प्लेटफार्म पर आप गाड़ियां लेकर जा सकते हैं। news18 की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार स्टेशन के अंदर प्लेटफार्म नंबर 21 और 22 के बीच पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि यहां ओला, ऊबर, ऐप कैब या कोई भी टैक्सी पार्क नहीं की जा सकती है।
बताया जाता है कि इस स्टेशन के अंदर गाड़ियां पार्क करने के लिए प्रति घंटा ₹150-₹200 का शुल्क चुकाना पड़ता है। गौरतलब है कि हावड़ा स्टेशन का निर्माण ब्रिटिश काल में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा करवाया गया था। देश की राजधानी नई दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर जहां मात्र 16 प्लेटफार्म ही हैं, वहीं हावड़ा स्टेशन पर जल्द ही अब प्लेटफार्म की संख्या बढ़कर 24 होने वाली है। हर दिन इस स्टेशन से होकर करीब 350 से ज्यादा ट्रेनें खुलती हैं।



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