हावड़ा स्टेशन पर खड़ी है वंदे भारत एक्सप्रेस का एक कोच। लेकिन इसमें चढ़ते ही पता चलता है कि यह ट्रेन का कोई आम कोच नहीं आता है एक शानदार रेस्तरां। इस रेस्तरां में मिलते हैं वेज के साथ-साथ नॉन वेज लजीज व्यंजन भी। लेकिन क्या इस रेस्तरां में खाना खाने के लिए टिकट होना अनिवार्य है?

कौन खाना खा सकेंगे इसमें? क्या यह रेस्तरां सिर्फ वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों का स्वागत करता है? या इसमें दूसरी ट्रेन के यात्री भी व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे? परिचालन शुरू होने के बाद से ही वंदे भारत एक्सप्रेस के प्रति यात्रियों में काफी उत्साह देखा गया है। साल 2019 में शुरू होने के बाद से लेकर अब तक 35 से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन विभिन्न रूट्स पर किया जा रहा है। यात्रियों के इसी उत्साह को ध्यान में रखते हुए ही हावड़ा स्टेशन परिसर में ट्रेन के कोच में रेस्तरां की शुरुआत की गयी है।
कहां है वंदे भारत कोच रेस्तरां?

वंदे भारत के तर्ज पर ट्रेन के एक कोच में खोला गया यह रेस्तरां हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स के ठीक सामने खोला गया है। इस रेस्तरां का उद्घाटन गत शुक्रवार (10 नवंबर) धनतेरस के दिन केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर ने किया। रेस्तरां को हावड़ा स्टेशन के ठीक सामने हुगली नदी (गंगा) के किनारे बापू उद्यान में किया गया है। यानी गंगा से आती ठंडी-ठंडी हवा का आनंद उठाते हुए लोग इस रेस्तरां में खाना खाने का लुत्फ उठा सकते हैं। अगर किसी यात्री को एसी में बैठकर खाना खाने का दिल है तो इस रेस्तरां में उसकी सुविधा भी उपलब्ध है।
वंदे भारत एक्सप्रेस के तर्ज पर की गयी सजावट

हावड़ा स्टेशन के ठीक सामने खोले गये इस रेस्तरां का नाम 'रेल कोच रेस्तरां' रखा गया है। रेस्तरां के आसपास के क्षेत्र को पेड़-पौधो से बड़े ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है। रेल कोच रेस्तरां को दूर से देखने पर ऐसा लगेगा मानो वंदे भारत एक्सप्रेस का नीला-सफेद रंग का कोई कोच खड़ा है। एक परित्यक्त आईसीएफ कोच की मरम्मत के बाद उसे एक शानदार रेस्तरां में बदल दिया गया है। इस कोच को काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया है। यात्रियों को इसमें भोजन करते वक्त रोमांच का अनुभव होगा।
क्या टिकट अनिवार्य होगा?
रेल कोच रेस्तरां में भोजन करने के लिए रेल यात्री होने की अनिवार्यता नहीं है। अगर आप सिर्फ रेल कोच रेस्तरां करने के उद्देश्य से ही हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स इलाके में गये हैं, तब भी आपका इस रेस्तरां में स्वागत किया जाएगा। यानी इस रेस्तरां में लंच या डिनर के लिए आपके पास ट्रेन का टिकट होना अनिवार्य नहीं है।

यहां से आपको हावड़ा की ऐतिहासिक ब्रिज, हावड़ा स्टेशन और सबसे अधिक गंगा नदी में शाम के वक्त डूबते सूर्य का शानदार नजारा दिखाई देगा। रेस्तरां के मेन्यू में भारतीय भोजन के साथ-साथ तंदूरी, कॉटिनेंटल और चाइनीज जैसे व्यंजनों के विकल्प मिलेंगे। रेलवे के अधिकारियों का दावा है कि यह रेस्तरां काफी किफायती कीमतों पर लोगों को स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध करवाएगा।
नोट :- हावड़ा में वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच के तर्ज पर बने रेल कोच रेस्तरां के पास ही रेलवे म्यूजियम भी मौजूद है। इसलिए अगर आपको ट्रेन पकड़ने की जल्दी ना हो तो एक बार रेलवे म्यूजियम में जरूर घूम आएं। खास तौर पर अगर आपके साथ बच्चे हैं, तो उन्हें यह म्यूजियम जरूर पसंद आएगा।



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