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गोवा का एक ऐसा हेरिटेज साइट जहां रखी सैंकड़ों साल पुरानी मम्मी करती है चमत्कार

गोवा की राजधानी पण्जी से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित है 'ओल्ड गोवा चर्च', जिसे बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च भी कहा जाता है। यह गोवा का सबसे पुराना चर्च है। इस चर्च में 450 सालों से भी पुरानी एक मम्मी रखी हुई है, जिसे चमत्कारी माना जाता है।

old goa church

वर्ल्ड हेरिटेज डे पर गोवा के इस हेरिटेज साइट के बारे में जानते हैं

तीन बार दफनाने के बावजूद नहीं सड़ती है मम्मी

ओल्ड गोवा चर्च में फ्रांसिस जेवियर का मृत शरीर मम्मी बनाकर रखा हुआ है जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी यहां आते हैं। कहा जाता है कि इस शव को 3 बार दफनाया गया था लेकिन यह शरीर ना तो सड़ी और ना ही खराब हुई। बताया जाता है कि जेवियर की मृत्यु के बाद उनकी इच्छानुसार उनके शिष्यों ने उनके शव को गोवा में दफनाया। कुछ सालों बाद रोम से आये संतों ने उनके शव को कब्र से बाहर निकाला और उसे फिर से दफनाया।

mummy

ऐसा 3 बार किया गया लेकिन हर बार उनका शव ठीक वैसा ही दिखा जैसा पहली बार दफनाते समय दिखता था। बता दें, संत फ्रांसिस जेवियर इग्नाटियस लोयोला के छात्र थे। इग्नाटियस ने सोसाइटी ऑफ जीसस धार्मिक संस्था की शुरुआत की थी। पुर्तगाल के राजा और तत्कालिन पोप ने संत फ्रांसिस जेवियर को धर्म के प्रचार के लिए भारत भेजा था।

सुईं चुभाने पर निकला था खून

कहा जाता है कि मृत्यु से पहले संत जेवियर ने दिव्य शक्तियों से अपना हाथ अपने शरीर से अलग कर दिया था, जिसे उन्होंने रोम से आने वाले डेलिगेशन के लिए सुरक्षित रखा था। बताया जाता है कि आज भी उनका वह हाथ चर्च में सुरक्षित रखा हुआ है। पुरानी कथा के अनुसार एक बार एक महिला ने उनके पार्थिव शरीर में सुईं चुभोई थी, जिसके बाद वहां से खून निकला था। यह घटना तब की बतायी जाती है जब संत जेवियर के पार्थिव शरीर को पूरी तरह से सूखे हुए सैंकड़ों साल का समय बीत चुका था।

church

हर 10 साल बाद संत फ्रांसिस जेवियर की मम्मी को दर्शन के लिए बाहर निकाला जाता है। बाकी समय इसे ताबूत में रखकर ओल्ड गोवा चर्च के प्रार्थना कमरे में रखा जाता है, जहां दूर से सैलानी इसे देख सकते हैं। इसे आखिरी बार 2014 में बाहर निकाला गया था यानी अगले साल 2024 में इसे फिर से निकाला जा सकता है। आज भी यह शव बिल्कुल नहीं सड़ी है।

नहीं टिकता है क्रॉस

चर्च पर कोई भी क्रॉस नहीं टिकता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस चर्च को एक शिव मंदिर को तोड़कर बनाया गया था। इसलिए चर्च पर जितनी बार क्रॉस लगाने की कोशिश की गयी है, वह टूट कर गिर गया है। गोवा के स्थानीय कुछ लोगों का कहना है कि दिवाली पर पादरी चर्च के पीछे बने तालाब में दीया जलाते हैं। चर्च के अंदर प्रार्थना कमरे में फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है लेकिन चर्च के बाहर इस हेरिटेज साइट पर आप फोटोग्राफी का आनंद उठा सकते हैं।

कब और कैसे पहुंचे ओल्ड गोवा चर्च

ट्रेन से आने पर ओल्ड गोवा चर्च का सबसे नजदीकि स्टेशन वास्को-डी-गामा रेलवे स्टेशन और गोवा एयरपोर्ट है, जहां से आपको कैब-टैक्सी आसानी से मिल जाएगी। रास्ते में अपने टैक्सी ड्राईवर से ओल्ड गोवा चर्च समेत स्थानीय जगहों के बारे में अनसुनी कहानियां सुनना बिल्कुल ना भूलें। गोवा के स्थानीय टैक्सी ड्राईवर किसी गाईड से कम नहीं होते हैं। ओल्ड गोवा चर्च सुबह 10 बजे से लेकर शाम को 6.30 बजे तक खुला रहता है। चर्च सोमवार से रविवार तक सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है।

FAQs
क्या ओल्ड गोवा चर्च में फोटोग्राफी की अनुमति है?

ओल्ड गोवा चर्च के अंदर प्रार्थना सभी में फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है। लेकिन चर्च के बाहर और आसपास फोटोग्राफी करने में कोई रोकटोक नहीं है।

ओल्ड गोवा चर्च में क्रॉस क्यों नहीं लगाया जाता है?

स्थानीय लोगों का मानना है कि ओल्ड गोवा चर्च को एक शिव मंदिर को तोड़कर बनाया गया था। इसी वजह से इस पर कोई भी क्रॉस नहीं टिकता है और टूट कर गिर जाता है।

ओल्ड गोवा चर्च में किसके शव को रखा गया है?

ओल्ड गोवा चर्च में संत फ्रांसिस जेवियर का शव रखा हुआ है, जिसके बारे में कहा जाता है कि 450 सालों से भी पुरानी यह मम्मी कभी सड़ती नहीं है।

ओल्ड गोवा में कुल कितने चर्च हैं?

ओल्ड गोवा में कुल 6 चर्च हैं, जिसमें सबसे पुराना चर्च बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च है, जो गोवा के पण्जी इलाके में है।

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