पिछले कई सालों से हैदराबाद के पास स्थित ममनूर एयरफिल्ड (Mamnoor Airfield) का संचालन किसी आम एयरपोर्ट की तरह होने का इंतजार किया जा रहा है। अब इस दिशा में सकरात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही हैदराबाद के दूसरे एयरपोर्ट के तौर पर इस एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो जाएगा।
ममनूर एयरफिल्ड हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 170 किमी की दूरी पर स्थित वारंगल जिले में स्थित है। राज्य सरकार ने एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण के लिए ₹200 करोड़ से ज्यादा की राशि का अनुमोदन भी दिया है। कब से शुरू हो सकता है ममनूर एयरपोर्ट?

बता दें, क्षेत्रीय संपर्क परियोजना (UDAN) के तहत जिन 6 एयरपोर्ट का प्रस्ताव तेलंगाना राज्य में दिया गया है, उनमें से पहला ममनूर एयरपोर्ट होने वाला है।
कितनी भूमि का होगा अधिग्रहण?
Telangana Today की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार तेलंगाना राज्य के वारंगल जिले में ममनूर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए लगभग 280.30 एकड़ की भूमि अधिग्रहित करने की अनुमति जिलाधिकारी को दी गयी है। इसके साथ ही ममनूर एयरपोर्ट पर रनवे का विकास और विस्तार करने के लिए अतिरिक्त 253 एकड़ की भूमि भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को सौंपने की अनुमति राज्य सरकार ने दी है।
news18 की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आसपास के गांवों जैसे गडीपल्ली, गुंटूरपल्ली, नक्कलपल्ली और ममनूर में भूमि अधिग्रहण की जाएगी। बताया जाता है कि भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग ₹205 करोड़ अनुमोदित किये गये हैं।
हैदराबाद एयरपोर्ट ने दिया NOC
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार राजीव गांधी हैदराबाद इंटरनेशल एयरपोर्ट बोर्ड द्वारा ममनूर एयरपोर्ट के संचालन को लेकर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने के बाद राज्य सरकार ने AAI से एयरपोर्ट को विकासित करने को लेकर आगे बढ़ने के लिए कहा था। इसके साथ ही रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग ने भी एयरपोर्ट अथॉरिटी से एयरपोर्ट के निर्माण का डिजाइन तैयार करने के साथ ही विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) भी तैयार करने के लिए कहा है।
आप जरूर सोच रहे होंगे कि ममनूर एयरपोर्ट को हम हैदराबाद का दूसरा एयरपोर्ट क्यों करार दे रहे हैं? यह एयरपोर्ट वारंगल में मौजूद है लेकिन हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मात्र 150-170 किमी की दूरी पर ही स्थित होने की वजह से इसे हैदराबाद का दूसरा एयरपोर्ट ही करार दिया जा रहा है।

कब से शुरू हो सकता है हैदराबाद का दूसरा एयरपोर्ट ममनूर?
ममनूर एयरपोर्ट को लेकर The Hindu की रिपोर्ट में तेलंगना के मंत्री कोमतीरेड्डी वेंकट रेड्डी के हवाले से बताया गया है कि वारंगल में स्थित ममनूर एयरपोर्ट पर पूरी तरह से विमानों का संचालन अगले 1.5 सालों में ही शुरू हो जाएगा। यानी वह दिन अब दूर नहीं जब हैदराबाद, वारंगल और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग ममनूर एयरपोर्ट से होकर यात्रा कर सकेंगे।
बताया जाता है कि ममनूर एयरपोर्ट को चौड़े विमानों (Aircrafts) के लैंड कर पाने लायक विस्तृत किया जाएगा। तेलंगाना के सिविल एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से सभी आवश्यक क्लियरेंस लेने वाले हैं।
news18 की रिपोर्ट में किये गये दावे के अनुसार ममनूर एयरफिल्ड किसी समय लगभग 1140 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ था लेकिन वर्तमान में यह सिर्फ 693 एकड़ में ही मौजूद है। बाकी की भूमि पर अधिग्रहण की वजह से नष्ट हो गयी है। यह आजादी से पहले भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी हुआ करता था।
लेकिन पिछले लगभग 40 सालों से यह बस यूं ही पड़ा हुआ है। 1930 में जब इसे हैदराबाद के बेगमपेट में बनाया गया था, तब यहां से होकर आम नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में सेना के जवान भी आवाजाही किया करते थे।



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