सभी बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम गले का फांस बनती जा रही है। बेंगलुरु-हैदराबाद हो या दिल्ली-मुंबई, दिन-प्रतिदिन बढ़ती गाड़ियों की संख्या और उसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्याओं ने लोगों के जीवन को और भी मुश्किलों में डाल दिया है। ऑफिस या कहीं भी घूमने निकलने से पहले लोग ट्रैफिक में फंसकर कितना समय बर्बाद होगा, इस बारे में सोच-विचार करने लगते हैं। लेकिन अब लगता है हैदराबाद वालों की मुश्किलें थोड़ी कम होने वाली हैं।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) ने हैदराबाद में कई फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया है जिसमें से 3 मल्टी-लेवल फ्लाईओवर होंगे। सिर्फ नए फ्लाईओवर ही नहीं बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए सड़कों को चौड़ा बनाने की भी योजना है।

कहां-कहां बनेंगे मल्टी-लेवल फ्लाईओवर?
Times of India की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार हैदराबाद में 3 जगहों पर मल्टी-लेवल फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया है, जो निम्न हैं -
1. आईआईआईटी जंक्शन
2. खाजागुडा
3. विप्रो जंक्शन
इसके साथ ही साईबराबाद कमिश्नरेट से गाचीबोली जंक्शन तक के सड़क को चौड़ा करने का भी प्रस्ताव दिया गया है, ताकि वाहनों को आवाजाही करने में ज्यादा समस्या न हो और गाड़ियों के रूक जाने या ट्रैफिक के बहाव के धीमे पड़ जाने की वजह से ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियां पैदा न हो जाएं।
कितनी राशि की गयी आवंटित?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए नए फ्लाईओवर और सड़कों को चौड़ा करने के लिए ₹800 करोड़ से ज्यादा की राशि को मंजूरी दी है। तीनों मल्टी-लेवल फ्लाईओवर के लिए आवंटित राशि है -
- सबसे ज्यादा ₹459 करोड़ आईआईआईटी जंक्शन पर मल्टी-लेवल फ्लाईओवर बनाने के लिए आवंटित की गयी है। यह हैदराबाद के सबसे ज्यादा महंगे ब्रिज परियोजनाओं में से एक होने वाला है।
- खाजागुडा में मल्टी-लेवल फ्लाईओवर बनाने के लिए ₹220 करोड़ GHMC ने आवंटित किया है।
- वहीं विप्रो जंक्शंस पर मल्टी-लेवल फ्लाईओवर बनाने के लिए ₹158 करोड़ आवंटित की गयी है।

किया जा रहा अध्ययन
Times of India की रिपोर्ट में हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ट्रैफिक जाम और इन सभी फ्लाईओवर का निर्माण, ट्रैफिक के वर्तमान दबाव और ट्रैफिक जाम को लेकर अध्ययन किया जा रहा है।
GHMC के इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हमारा लक्ष्य इन इलाकों में ट्रैफिक की स्पीड को 15 किमी प्रतिघंटा से बढ़ाकर 35 किमी प्रतिघंटा करना है। इसके साथ ही ईंधन की बचत और विभिन्न जंक्शनों पर लगने वाली जाम में फंसकर होने वाली देर से लोगों को बचाना भी है।
स्थानीय लोगों का कहना है
मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावों में स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सभी जंक्शन पर ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को एडजस्ट करने की जरूरत है, क्योंकि यहां वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं। इसके साथ ही इस इलाके से होकर आवाजाही करने वाले वाहन चालकों की मांग है कि गाचीबोली या नानाक्रमगुडा की ओर सीधा जाने वाले फ्लाईओवर के निर्माण की भी जरूरत है।
विप्रो जंक्शन से होकर आवाजाही करने वाले लोगों का कहना है कि यहां पर कई बार जाम 1.5 किमी लंबी भी लग जाती है जो आईआईआईटी, आईसीआईसीआई, बीएसआर और गोलीडोड्डी में पीक आवर के दौरान यानी सुबह 8 से 11 बजे तक और शाम को 5 से 8 बजे तक सभी दिशाओं में जाने वाली गाड़ियों का जाम लग जाता है। यह जाम कई बार 1 किमी तक लंबा हो जाता है।



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