हैदराबाद के एयरपोर्ट लाइन मेट्रो का हो सकता है विस्तार। उक्त प्रस्ताव आया है हैदराबाद एयरपोर्ट मेट्रो लिमिटेड (HAML) की तरफ से। इस बाबत मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार करीब ₹8000 करोड़ की लागत से यह विस्तार हो सकता है। लेकिन हैदराबाद एयरपोर्ट मेट्रो के फेज 2 का किन-किन इलाकों में विस्तार होगा?
क्या इस विस्तार से आम लोगों को कोई फायदा होने वाला है? इस मेट्रो लाइन का कितना लंबा विस्तार होगा? इस बारे में विस्तार से जानने के लिए अंत तक पढ़े :

The Hindu की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार HAML ने मेट्रो रेल को शमशाबाद स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रस्तावित फोर्थ सिटी तक विस्तार करने का प्रस्ताव रखा है। इसे मंसनपल्ली रोड और आउटर रिंग रोड स्ट्रेच के बीच पेड्डा गोलकोंडा एग्जिट और रविरयाल एग्जिट होते हुए ले जाने का प्रस्ताव रखा गया है। आनुमानिक रूप से इसकी लागत ₹8000 करोड़ हो सकती है।
बताया जाता है कि मेट्रो लाइन फेज 2 परियोजना, जिसकी लंबाई 116.2 किमी है, की लागत ₹32,237 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है। इसमें 5 कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है कि जिनकी आनुमानिक लागत ₹24,237 करोड़ बतायी जाती है।
इस पूरी परियोजना को तेलंगाना सरकार और केंद्र सरकार सम्मिलित रूप से पूरा कर सकती है, जैसा कि देश के दूसरे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। बताया जाता है कि अगले कुछ महीनों के दौरान ही प्रस्तावित मेट्रो लाइन का DPR जमा कर दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि हाल ही में एक बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री ए. रेवनाथ रेड्डी के हवाले से यह स्पष्ट किया गया कि इन सभी विस्तारों की मंजूरी को अंतिम रूप और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी अपने अंतिम चरण में है। फिलहाल इंतजार हो रहा है तो हैदराबाद महानगर विकास क्षेत्र (HMDA) के लिए तैयार हो रहे कॉम्प्रीहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तैयार होने का।

HAML के मैनेजिंग डायरेक्टर N.V.S. रेड्डी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि फोर्थ सिटी के लिए प्रस्तावित मेट्रो लाइन जो शमशाबाद एयरपोर्ट को स्कील यूनिवर्सिटी से जोड़ेगी, 40 किमी लंबी होने वाली है। इसका 2 किमी का जो हिस्सा एयरपोर्ट परिसर के अंदर से गुजरेगा, वह भूमिगत होगा। वहीं 20 किमी हिस्सा एलिवेटेड और बाकी का 18 किमी हिस्सा सड़क के स्तर पर ही होगा। सड़क के स्तर का 18 किमी, आउटर रिंग रोड रविरयाल एग्जिट से स्कील यूनिवर्सिटी तक का हिस्सा प्रस्तावित नये ग्रीनफिल्ड 300 फीट के सड़क का हिस्सा होगा।
मेट्रो कॉरिडोर के लिए सबसे पहले केंद्र सरकार की मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है जिसके लिए CMP को दोबारा जांच कर DPR तैयार करने का काम चल रहा है। इससे पहले वाली बैठक में मुख्यमंत्री ने पहले ही तय कर लिया था कि शमशाबाद एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए नेशनल हाईवे 44 (बेंगलोर हाईवे) पर आरामघर और नए हाई कोर्ट के माध्यम से ही मेट्रो का अलाइनमेंट तैयार किया जा रहा है।
इसके आधार पर ही कॉरिडोर 4 - नागोल-आरजीआईए (एयरपोर्ट कॉरिडोर) 36.6 किमी लंबा, कॉरिडोर 5 - रायदुर्ग-कोकापेट नियोपॉलिस 11.6 किमी लंबा, कॉरिडोर 6 - चंद्रयानगट्टा (ओल्ड सिटी कॉरिडोर) 7.5 किमी, कॉरिडोर 7 - मियापुर-पाटनचेरु 13.4 किमी लंबा, कॉरिडोर 8 - एलीबी नगर-हयात नगर 7.1 किमी और कॉरिडोर 9 - आरजीआईए - फोर्थ सिटी (स्कील यूनिवर्सिटी) - कुल 116.2 किमी लंबा होगा।
जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर नागोल से शमशाबाद एयरपोर्ट तक जाएगा जो हाईवे पर एल.बी. नगर, करमनघाट, ओवैसी अस्पताल, डीआरडीओ, चंद्रयानगट्टा, मेलरदेवपल्ली, आरामघर, नया हाई कोर्ट और शमशाबाद जंक्शन होकर जाएगा। यह मेट्रो कॉरिडोर नागोल, एल.बी. नगर और चंद्रयानगट्टा में मौजूद सभी मेट्रो लाइन्स को जोड़ता हुआ आगे बढ़ेगा। बताया जाता है कि इसकी कुल लंबाई 36.6 किमी होगी, जिसमें से 35 किमी एलिवेटेड और 1.6 किमी भूमिगत होगा। इस मेट्रो कॉरिडोर में 24 स्टेशन होंगे जिसमें से 1 मेट्रो स्टेशन भूमिगत होगा जो एयरपोर्ट स्टेशन होगा।
बताया जाता है कि मेट्रो कॉरिडोर 5को ब्लू लाइन मेट्रो के विस्तार के रूप में ही तैयार किया जा रहा है जो रायदुर्ग मेट्रो स्टेशन से कोकापेट नियोपॉलिस तक वाया बायोडाइवर्सिटी जंक्शन, खाजगुडा रोड, नानाकरमगुडा जंक्शन, विप्रो सर्किल, फाइनेनशियल डिस्ट्रिक्ट और कोकापेट नियोपॉलिस तक जाएगा। इस कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे और यह पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड ही होगा।



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