हैदराबाद का नाम लेते ही हमारे मन में कुछ खास चीजें घूमने लगती हैं, जैसे हैदराबादी बिरयानी, चारमीनार और मोती। हैदराबाद जो 'City of Pearl' के नाम से भी मशहूर है। लेकिन इन चीजों के अलावा हैदराबाद की एक और फेमस चीज का नाम लेना हम अक्सर भूल जाते हैं और वह है लाख से बनी रंग-बिरंगी चूड़ियां। हैदराबाद आने वाले पर्यटकों में लाख से बनी और कृत्रिम हीरे से सजी इन चूड़ियों के लिए लाड-बाजार सबसे अधिक लोकप्रिय है।

किसी जमाने में इस बाजार का नाम लॉर्ड बाजार हुआ करता था। यहां कम से कम 350 ऐसी दुकानें हैं, जहां लाख से बनी हजारों डिजाइंस की चूड़ियां बिकती हैं। इन दुकानों में चूड़ियों के अलावा ब्रेसलेट भी मिलती हैं और ये सभी लाख और कृत्रिम हीरों से ही सजायी जाती है। लाड बाजार को अपना नाम भी लाख की वजह से ही मिली थी। बाजार में करीब 150 से अधिक वर्कशॉप हैं, जहां घंटों की मेहनत के बाद लाख से बनीं ये बेहद खुबसूरत चूड़ियों को तैयार किया जाता है।

लाख से बनी इन चूड़ियों को आमतौर पर एल्यूमिनीयम के बेस पर टाइटेनियम पाउडर और बेल्जियम के मिश्रण से बने लाख को ढालकर चूड़ियां तैयार की जाती हैं। लाख पर विभिन्न प्रकार के रंगों और पत्थरों का इस्तेमाल कर कई तरह के पैटर्न बनाए जाते हैं।
त्योहारों के मौसम के अलावा छुट्टियों के सीजन में भी इस बाजार में लाख की चूड़ियों की बिक्री कई गुणा बढ़ जाती है जब अधिक संख्या में पर्यटक हैदराबाद घूमने के लिए आते हैं। लाड बाजार कई किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ एक मार्केट है, जहां सिर्फ लाख से बनी चूड़ियां ही नहीं बल्कि शादी के सामान, साड़ियां और गहने बड़ी ही किफायती कीमतों पर उपलब्ध होता है।

लाड बाजार हैदराबाद के आईकॉनिक चारमीनार के चारों तरफ जाते रास्तों में से एक में होता है। अगर आप भी अपनी हैदराबाद की ट्रिप में लाड बाजार से लाख की बनी इन रंग-बिरंगी सुन्दर चूड़ियों को खरीदना चाहते हैं, तो चारमीनार, मक्का मस्जिद और चौमहल्ला पैलेस इलाकों में जरूर जाएं। यहां आपको हैदराबाद की संस्कृति को समझने में भी मदद मिलेगी। लाड बाजार को अगर लाख से बनी चूड़ियों का हब कहा जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा।
कैसे पहुंचे और क्या खरीदें

लाड बाजार में लाख से बनी हजारों डिजाइंस की इन चूड़ियों के अलावा और भी कई तरह की चीजें जैसे महंगे और कीमती पत्थर, मोती, गहने, पेंटिंग, सिल्क, सूती, वेल्वेट और ब्रोकेड के कपड़े भी खरीद सकते हैं। लाड बाजार में चारमीनार की तरफ गाड़ियों और ऑटो-रिक्शा का प्रवेश बैन होता है। यहां सिर्फ पैदल, साइकिल या फिर मोटर साइकिल से ही जा सकते हैं। इसके बावजूद पिछले करीब 200 सालों से लाड बाजार लाखों की संख्या में देसी-विदेशी पर्यटकों और खास तौर पर महिलाओं को आकर्षित कर रहा है।



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