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हैदराबाद का 'कमल धाम' : वास्तुकला में दिल्ली के Lotus Temple से जरा भी नहीं है कम, जानिए Timing

Lotus Temple का नाम लेते ही सबसे पहला नाम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का आता है। दिल्ली घूमने जाने वाले पर्यटकों की Must Visit लिस्ट में लोटस टेम्पल जरूर शामिल होता है। लेकिन क्या आपको पता है, सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी एक लोटस टेम्पल है, जिसकी वास्तुकला दिल्ली के लोटस टेम्पल से जरा भी कम नहीं है।

हैदराबाद जाने वाले पर्यटकों से लेकर वहां के स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर बहुत महत्वपूर्ण है। अगर शहर के शोर-शराबे से दूर शांत होकर कुछ देर अकेले समय बिताना चाहते हैं तो हैदराबाद का कमल-धाम मंदिर आपके लिए बिल्कुल सही जगह है।

kamal dham lotus temple hyderabad

कहां है कमल-धाम मंदिर?

कमल-धाम मंदिर हैदराबाद हाईवे के पास हिमायथ नगर जंक्शन के पास चिलकुर बालाजी मंदिर से महज 3 किमी की दूरी पर स्वामीनारायण गुरुकुल के पास स्थित है। अगर आप हैदराबाद घूमने जाते हैं अथवा आप हैदराबाद में ही रहते हैं और चिल्कुर बालाजी के मंदिर में दर्शन करने जाने जाते हैं तो निश्चित रूप से इस मंदिर में भी जरूर दर्शन करके आएं।

स्वामीनारायण को समर्पित इस मंदिर में कई अन्य देवी-देवताओं की भी स्थापना की गयी है जैसे भगवान विष्णु, महादेव, गणपति, माता पार्वती और सूर्य देव। इसके अलावा मंदिर में जिन देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं उनमें राधा-कृष्ण, सीता राम, तिरुपति बालाजी, भगवान नरसिम्हा और हनुमान शामिल हैं।

कैसी है मंदिर की वास्तुकला?

कमल-धाम मंदिर को एक तालाब के ऊपर बनाया गया है। मंदिर का आधार गुलाबी रंग का खिला हुआ एक विशाल कमल है जो देखने में बहुत सुन्दर लगता है। मुख्य मंदिर की वास्तुकला बड़ी ही सुन्दर है। मंदिर को भी कमल के फूल के आकार का ही बनाया गया है। इसके अलावा मंदिर के ठीक सामने एक विशाल आकार का मंगल कलश भी स्थापित किया गया है जो मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचता है।

lotus temple hyderabad kamal dham

लेकिन यह कोई खोखला कलश नहीं बल्कि यह कलश के आकार में बना मंदिर है। दक्षिण भारतीय मंदिरों के तर्ज पर ही इस मंदिर का भी निर्माण किया गया है। शहर की भागदौड़ से दूर इस मंदिर में खाली बैठने के लिए भी जगहें हैं। मंदिर परिसर से सटा हुआ यज्ञशाला और गौशाला है, जहां आप इन पालतु पशुओं की दिनचर्या को एंजॉय करने के साथ ही शांति से अपने लिए भागदौड़ वाली जिन्दगी से कुछ पल चुरा सकते हैं।

भूख लगी तो मिलेगा शाकाहारी भोजन

हैदराबाद में खाने-पीने की जगहों और रेस्तरां की कमी नहीं होती है। अगर आप चिल्कुर बालाजी मंदिर के आसपास के इलाके में हैं और शुद्ध शाकाहारी व सात्विक भोजन का आनंद उठाना चाहते हैं तो बिना ज्यादा सोच-विचार किये सीधे कमल-धाम मंदिर पहुंच जाएं। यहां काफी किफायती कीमतों पर पूरी स्वच्छता और सात्विकता के साथ शाकाहारी भोजन पकाया और उन्हें बड़े प्यार से परोसा जाता है।

क्या है कमल-धाम मंदिर की Timing?

हैदराबाद का कमल-धाम मंदिर हर दिन दर्शन के लिए सुबह 6.30 बजे से शाम को 7.30 बजे तक खुला रहता है। मंदिर में प्रवेश करने के लिए कोई एंट्री शुल्क भी नहीं होती है। यूं तो हैदराबाद में लोग सालभर ही घूमने के लिए जाते रहते हैं लेकिन अक्तूबर से मार्च के बीच का समय हैदराबाद और कमल-धाम मंदिर में जाने के लिए बेस्ट माना जाता है। सर्दियों के मौसम में यहां ज्यादा तकलीफ भी नहीं होती है।

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