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International Tiger's Day : इन नेशनल पार्क में करीब से देख सकेंगे बाघ

बाघों के प्रति लोगों में जागरुकता जगाने के लिए हर साल 29 जुलाई को International Tiger's Day मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत सबसे पहले रुस में हुई थी। बाद में धीरे-धीरे दूसरे देशों ने भी इस दिन को मनाना शुरू कर दिया। भारत में ऐसे कई जंगल और नेशनल पार्क हैं, जिन्हें खास तौर पर बाघ अभयारण्य घोषित किया गया है। यानी ऐसी जगह जहां बाघ बिना किसी बाहरी खतरे के आराम से घूम सकेंगे।

Tiger roaring

पर्यटकों के लिए फायदे की बात यह हुई कि इन अभयारण्यों व नेशनल पार्क में जंगल सफारी के लिए जाने पर बाघ दिखने की संभावना भी बढ़ जाती है।

हम यहां ऐसे नेशनल पार्क बता रहे हैं जहां आपको बाघ जरूर मिलेंगे।

1. रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान

राजस्थान के इस नेशनल पार्क में हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक सिर्फ बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के उद्देश्य से आते हैं। इस पार्क में जंगल सफारी के दौरान आपको सिर्फ बाघ ही नहीं बल्कि शेरों का झुंड, हाथियों का झुंड, सियार, जंगली बिल्ली, हिरण आदि कई तरह के जानवर उनके प्राकृतिक आवास में बेफिक्र घूमते और शिकार करते दिख जाएंगे।

Ranthambhore national park

कहा जाता है कि इस पार्क में ही दुनिया की सबसे ज्यादा उम्रदराज बाघिन भी मौजूद है। इस पार्क में घूमने आने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से मई के बीच में होता है। अगर आप दिसंबर में आते हैं, तो यहां बाघ दिखने की संभावना ज्यादा मानी जाती है। यह पार्क सुबह 6.30 से 10 बजे तक और दोपहर 2.30 से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।

2. कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश

Kanha national park

मध्य प्रदेश का यह नेशनल पार्क अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए काफी ज्यादा विख्यात है। कान्हा नेशनल पार्क कई तरह के जंगली जानवरों का घर है जिनमें स्लॉथ बियर, भारतीय तेंदुआ और बारासिंघा भी शामिल है। लेकिन इन सबमें जो सबसे खास है वह है रॉयल बंगाल टाइगर। अगर आप जंगल के बादशाह को उसकी प्राकृतिक आवास में शाही चाल में घूमते हुए देखना चाहते हैं तो अप्रैल से जून का महीना बेस्ट होगा। हां, बाघ देखनी है तो सुबह की अपनी प्यारी नींद की कुर्बानी देनी पड़ेगी क्योंकि यहां जंगल सफारी सुबह 6 बजे से शुरू हो जाती है।

3. सुन्दरबन, पश्चिम बंगाल

sundarbans tiger

रॉयल बंगाल टाइगर्स का घर सुन्दरबन टाइगर रिजर्व कहलाता है। मैनग्रोव जंगलों से घिरा हुआ यह टाइगर रिजर्व कई मायनों में बेहद खास है। दरअसल, यहां जंगल सफारी के लिए आपको जीप या हाथी की सवारी नहीं मिलेगी बल्कि सुन्दरबन में आपको नाव में बैठकर जंगल सफारी करनी होगी। यहां पर्यटक मई और सितंबर में सबसे ज्यादा आते हैं। इसलिए अगर आपको शांत परिवेश में घूमना है तो इन दोनों महीनों में यहां आने से बचे। सुन्दरबन ऐसी जगह है जहां बाघ अक्सर किनारों पर बसे गांवों के पास और पानी पीने के लिए जंगल से बाहर आते रहते हैं। यहां प्रवेश शुल्क ₹15 है।

4. जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, उत्तराखंड

यह टाइगर रिजर्व प्रकृति प्रेमियों के साथ-साथ ट्रेकिंग के शौकिनों के लिए भी स्वर्ग के ही समान है। यहां सिर्फ पक्षियों की ही 585 से अधिक प्रजातियां देखने को मिलेंगी। इसके अलावा जंगली जानवर और जंगल के बादशाह रॉयल बंगाल टाइगर तो है, साथ में कई तरह के हिरण, नीलगाय, जंगली कुत्ते, सियार व लोमड़ी जैसे जानवर भी दिखेंगे।

Jim Corbett tiger reserve

जिम कॉर्बेट में सबसे ज्यादा भीड़ नवंबर से मार्च के महीने में होती है। यहां प्रवेश करने के लिए आपको ₹200 का प्रवेश शुल्क देना होगा। यह पार्क सुबह 6 से 10 बजे तक और दोपहर 2 से शाम को 6 बजे तक खुला रहता है। जंगल सफारी के लिए यहां जीप अलग से बुक करनी पड़ेगी।

5. बांदीपुर नेशनल पार्क, कर्नाटक

Tigress

यह नेशनल पार्क मुख्य रूप से बाघ व हाथियों के लिए ही लोकप्रिय है। ऊटी-मैसुर हाईवे पर मौजूद इस नेशनल पार्क में गर्मियों के मौसम में काफी संख्या में पर्यटक खास तौर पर बाघों को देखने के लिए आते हैं। इस नेशनल पार्क में सफारी के लिए बस, जीप और हाथी सफारी उपलब्ध है लेकिन बाघों को करीब से देखना है तो जीप या हाथियों की सफारी का विकल्प ही चुने। इस पार्क में मार्च से जून तक काफी भीड़ होती है। पार्क सुबह 6.30 से 9 बजे तक और दोपहर 3.30 से शाम को 5.30 बजे तक खुला रहता है।

6. बंनेर्घट्टा जैविक उद्यान, कर्नाटक

Karnataka

यहां लोग सिर्फ बाघ देखने के लिए ही नहीं बल्कि कई प्रकार के वनस्पतियों से संबंधित जानकारियां इकट्ठा करने भी आते हैं। इस जैविक उद्यान में बाघ के अलावा तेंदुआ, हाथी, चित्तीदार हिरण और भी कई तरह के जानवर व कई प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं। यह पार्क सुबह 9 बजे खुलता है और शाम को 5 बजे बंद होता है। यानी इस पार्क में बिताने के लिए आपको पूरा दिन का समय मिलता है। तो फिर अपने कर्नाटक ट्रिप में इस जैविक उद्यान को शामिल करना बिल्कुल मत भूलिए।

7. काजीरंगा नेशनल पार्क, असम

Kajiranga

काजीरंगा नेशनल पार्क सिर्फ बाघों ही नहीं बल्कि हाथियों, जंगली भैंसों और भारतीय गैंडो का भी संरक्षित आवास है। काजीरंगा नेशनल पार्क ही भारत में एकमात्र ऐसी जगह है जहां आपको एक सींग वाले गैंडे अपने प्राकृतिक आवास में आसानी से दिख जाएंगे। बताया जाता है कि इस नेशनल पार्क में पुरी दुनिया और भारत में भी सबसे अधिक बाघ मौजूद हैं। यहां बाघों की सबसे ज्यादा संरक्षित आबादी तराई-सवाना क्षेत्र में पायी जाती है। 430 वर्ग किमी में फैला यह नेशनल पार्क जैव विविधता का सबसे बेहतरीन नमूना पेश करता है।

8. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश

Bandhavgarh

भारत में जिन स्थानों पर बाघ सबसे अच्छी तरह से दिखते हैं, उस सूची में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का स्थान सबसे ऊपर आता है। यहां एक दिन में हजारों पर्यटक बाघ देखने के लिए आते रहते हैं। बताया जाता है कि इस टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में रॉयल बंगाल टाइगर अपने प्राकृतिक आवास में बिना किसी परेशानी के निडर होकर रहते हैं। पार्क के अंदर घूमने के लिए आपको जीप बुक करनी पड़ती है। यह पार्क हर बुधवार को बंद रहता है। यहां सुबह 5.30 से 10 बजे तक और शाम को 4 बजे से 7 बजे तक जंगल सफारी करवायी जाती है।

बता दें, नेशनल पार्क या जंगलों को मानसून में बंद कर दिया जाता है क्योंकि यह मानसून जंगली पशुओं का प्रजननकाल होता है। कौन सा नेशनल पार्क या बाघ अभयारण्य मानसून में कब से कब तक बंद रहेगा, इसकी जानकारी के लिए नेटिवप्लैनेट का यह आर्टिकल पढ़े।

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