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जम्मू-कश्मीर को चाहिए बहन का साथ, अब बारी है आपकी

Written By: Goldi

जम्मू कश्मीर भारत का एक बेहद ही खूबसूरत क्षेत्र हैं,जहां हर साल लाखों की तादाद में देशी और विदेशी पर्यटक घूमने पहुंचते हैं। पाकिस्तान के नजदीक होने के कारण यहां अक्सर गोलीबारी की घटनाएं सुनने और देखने को मिलती है, जिसका असर पर्यटन पर पड़ता है।

इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग देश के सभी राज्यों में रोड शो आयोजित कर लोगो को जम्मू कश्मीर पर्यटन से रूबरू करायेंगे। इसी क्रम में हाल ही जम्मू कश्मीर के पर्यटन मंत्री प्रिया सेठी तमिलनाडू की राजधानी चेन्नई पहुंची थीं। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर, ने तमिलनाडु के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने के लिए 'एक भारत उत्कृष्ट भारत' योजना के तहत एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए , जिसमें तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर को सिस्टर स्टेट माना जायेगा।

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प्रिया सेठी ने चेन्नई में रोड शो में कहा कि, लोगों में गलत धारणा है कि जम्मू और कश्मीर एक असुरक्षित स्थान है। उसने तमिलनाडु के लोगों से अपने राज्य की यात्रा के लिए अनुरोध किया और कहा वहां जाकर देखिये सब कुछ काफी कुछ बदल चुका है,और एक सुरक्षित पर्यटन स्थल बन गया है।

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उन्होंने आगे, जम्मू-कश्मीर के बारे में असुरक्षा और गलत धारणा के बारे में बात करते हुए कहा, "तमिलनाडु में कई कॉरपोरेट कम्पनियां हैं और मैं उनका जम्मू और कश्मीर में एमआईसीई गतिविधियों के लिए स्वागत करतीं हूं। जम्मू कश्मीर वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए भी जाना जाता है, जो कि पर्यटन में नवीनतम प्रवृत्ति है। "उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम पूरे देश में अभियान चलाएगी, और जम्मू-कश्मीर के बारे में गलतफहमी को साफ करने का तरीका है।

अगर आप जम्मू-कश्मीर घूमने का प्लान बना रहें हैं, तो एक नजर डालिए यहां की खूबसूरत जगहों पर

डल झील, श्रीनगर

डल झील, श्रीनगर

कश्मीर अपनी अपार प्राकृतिक सुंदरता के कारण पृथ्वी का स्वर्ग माना जाता है। ये इतना खूबसूरत है कि मुग़ल बादशाह जहांगीर ने भी इसे जमीन पर जन्नत का दर्जा दिया था । जहांगीर ने कहा था कि "अगर इस धरती पर कहीं स्वर्ग है, (तो वो) यहीं है, यहीं है " ज्ञात हो कि भारत के उत्तर- पश्चिमी क्षेत्र में स्थित कश्मीर घाटी हिमालय और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच बसी है। यहां आने वाले पर्यटक अगर चाहें तो झील में गोताखोरी, फिशिंग, एंग्लिंग, वॉटर सर्फिंग, कायकिंग का लुत्फ़ ले सकते हैं। सर्दियों के दौरान, तापमान इतनी कम हो जाती है कि झील के पानी को बर्फ देती है।

लद्दाख

लद्दाख

इंडस नदी के किनारे पर बसा ‘लद्दाख' , जम्मू और कश्मीर राज्य का एक प्रसिद्ध पर्यटन-स्थल है। इसे, लास्ट संग्रीला, लिटिल तिब्बत, मून लैंड या ब्रोकन मून आदि के नाम से भी जाना जाता है। मुख्य शहर ‘लेह' के अलावा, इस क्षेत्र के समीप कुछ प्रमुख पर्यटन-स्थल जैसे, अलची, नुब्रा घाटी, हेमिस लमयोरू, जांस्कर घाटी, कारगिल, अहम पैंगांग त्सो, और त्सो कार और त्सो मोरीरी आदि स्थित हैं।Pc:irumge

पटनीटॉप

पटनीटॉप

जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में स्थित पटनीटॉप बेहद आकर्षक हिल रिज़ोर्ट है। पटनीटॉप को वास्तव में ‘पाटन दा तालाब' के नाम से जाना जाता है। जिसका शाब्दिक अर्थ है 'राजकुमारी का तालाब' कहा जाता है यहाँ की राजकुमारी इसी तालाब में प्रतिदिन स्नान करती थीं। हरी-भरी घुमावदार पहाडियाँ, लुभावने दृश्य, घने जंगल और शांत वातावरण पटनीटॉप की पहचान हैं।Pc:Priyanka

वैष्णो देवी मंदिर

वैष्णो देवी मंदिर

भारत में हिन्‍दूओं का पवित्र तीर्थस्‍थल वैष्णो देवी मंदिर है जो त्रिकुटा हिल्‍स में कटरा नामक जगह पर 1700 मी. की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर के पिंड एक गुफा में स्‍थापित है, गुफा की लंबाई 30 मी. और ऊंचाई 1.5 मी. है। लोकप्रिय कथाओं के अनुसार, देवी वैष्‍णों इस गुफा में छिपी और एक राक्षस का वध कर दिया।मंदिर का मुख्‍य आकर्षण गुफा में रखे तीन पिंड है। इस मंदिर की देखरेख की जिम्‍मेदारी वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की है।Pc: Shivaji121810

पेंगोंग झील

पेंगोंग झील

पेंगोंग झील एक नमक की झील है। ईसकी वास्तविक लम्बाई तो नहीं पता लेकिन यह पचास किलोमीटर से भी ज्यादा भारत में है और ऐसा कहा जाता है कि अपनी कुल लम्बाई का एक तिहाई यह भारत में है और दो तिहाई तिब्बत में।इस झील की खास बात यह है की इस झील का पानी नीला है। यकीनन इस झील को देखकर आपको लगेगा की आप बस इसे निहारते ही रहे।Pc:Amareshwara Sainadh

किश्‍तवाड़

किश्‍तवाड़

जम्मू कश्मीर का बेहद आकर्षक ट्रेकिंग स्थल है किश्‍तवाड़ जो ट्रेकिंग के लिए पूरे राज्य व भारत में विख्यात है। अगर आप ट्रेकिंग के शौक़ीन हैं तो आप यहाँ अवश्य जाएँ। साथ ही यहाँ की संस्कृति लोगों से मेल जोल आपको पसंद आएगा।Pc:sauood

गुलमर्ग

गुलमर्ग

गुलमर्ग का अर्थ है "फूलों की वादी"। जम्मू - कश्मीर के बारामूला जिले में लग - भग 2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुलमर्ग, की खोज 1927 में अंग्रेजों ने की थी। यह पहले "गौरीमर्ग" के नाम से जाना जाता था, जो भगवान शिव की पत्नी "गौरी" का नाम है। फिर कश्मीर के अंतिम राजा, राजा युसूफ शाह चक ने इस स्थान की खूबसूरती और शांत वारावरण में मग्न होकर इसका नाम गौरीमर्ग से गुलमर्ग रख दिया। यहां आने वाले पर्यटक निंगली नल्लाह, ऑटर सर्कल वाक, अफरात पहाड़ी, झेलम नदी , खिलनमर्ग, और नंगा पर्वत की यात्रा अवश्य करें। गुलमर्ग का सुहावना मौसम, शानदार परिदृश्य, फूलों से खिले बगीचे, देवदार के पेड, खूबसूरत झीले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।Pc:Codik

द्रास

द्रास

द्रास, जिसको 'लदाख का प्रवेश द्वार' भी कहा जाता है, जम्मू और कश्मीर के कारगिल जिले में स्थित है। यह शहर समुद्र तल से 3280 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे साईबेरिया के बाद दूसरी सबसे ठंडी बसी हुई जगह माना जाता है। कारगिल से करीबन 62 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, यह जगह जहाँ 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी, द्रास, एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है।दाख के अलावा, द्रास कई लोकप्रिय हिल स्टेशन और जम्मू और कश्मीर के कई शहरों का प्रवेश द्वार भी है।Pc:Narender9

 मार्तंड सूर्य मंदिर

मार्तंड सूर्य मंदिर

मार्तंड सूर्य मंदिर का निर्माण 7वीं से 8वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। सूर्य राजवंश के राजा ललितादित्य ने इस मंदिर का निर्माण जम्मू कश्मीर के छोटे से शहर अनंतनाग के पास एक पठार के ऊपर करवाया था। इसमें 84 स्तंभ हैं जो नियमित अंतराल पर रखे गए हैं। मंदिर को बनाने के लिए चूने के पत्थर की चौकोर ईंटों का उपयोग किया गया है, जो उस समय के कलाकारों की कुशलता को दर्शाता है। बर्फ से ढंके हुए पहाड़ों की पृष्ठभूमि के साथ केंद्र में यह मंदिर इस स्थान का करिश्मा ही कहा जाएगा। इस मंदिर से कश्मीर घाटी का मनोरम दृश्य भी देखा जा सकता है।Pc:Varun Shiv Kapur

अल्छी

अल्छी

लद्दाख के लेह जिले में स्थित एक प्रसिद्ध गाँव है- अल्छी। हिमालय पर्वत क्षेत्र के बीच,लेह से 70कि.मी. दूर यह गाँव सिंधु नदी के किनारे है। यह गाँव अल्छी नाम के एक प्राचीन मठ के लिए जाना जाता है। अल्छी मठ, लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों में से एक है। प्रकृति के बीच स्थित अल्छी गाँव, एक सुंदर स्थान है। इस जगह पर पर्यटक मठ के जीवन को पास से महसूस कर सकते हैं।Pc:Steve Hicks

कठुआ

कठुआ

कठुआ जम्मू से तक़रीबन 88 किलोमीटर दूरी पर बसा जम्मू कश्मीर का एक बेहद खूबसूरत जिला है। यह जिला जम्मू कश्मीर राज्य के जिलों में सबसे खूबसूरत और आकर्षक जिला माना जाता है। यहाँ आप कई हरी-भरी घाटियां, मखमली घास के मैदान, ऊँचे ऊँचे पेड़, प्राकृतिक नज़ारे, घने जंगल, कल कल बहते झरने आदि को देखकर मंत्रमुग्ध हो जायेंगे।

तुलियन झील

तुलियन झील

तुलियन झील पहलगाम से 15 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। यह झील वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से जमी रहती है। यहाँ के ख़ूबसूरत दृश्य सभी को आश्चर्यचकित कर देने की सामर्थ्य रखते हैं।यह ख़ूबसूरत झील 3353 मीटर की ऊंचाई पर है।इस झील को 'तारसीर झील' के नाम से भी जाना जाता है। आप इस झील की सैर कभी भी करने जा सकते हैं। अगर आप को फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।Pc:Raqueeb Mir

कोकरनाग

कोकरनाग

कुकरनाग अथवा कोकरनाग जम्मू और कश्मीर राज्य के अनंतनाग में स्थित एक पर्यटन स्थल है।कोकरनाग दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है 'कोकर' और 'नाग'। कोकर शब्द कश्मीरी शब्द मोरगी से लिया गया है जिसका अर्थ 'चिकन' होता है। जबकि नाग संस्कृत का एक शब्द है जिसका अर्थ 'सांप' होता है। कोकरनाग श्रीनगर से 80और अनन्तनाग से 25 किमी की दूरी पर स्थित है।यहां शुद्ध जल की कश्मीर की सबसे विशाल सरोवर है। पर्यटक यहां कई मन्दिरों को देख सकते हैं जैसे हनुमान मंदिर,सीता मंदिर,नीला नाग,गणेश मंदिर ,शिवा मंदिर आदि। इसके अलावा पर्यटक अनंतनाग को भी घूम सकते हैं।

डोडा

डोडा

डोडा, जम्मू-कश्मीर का बहुत ही फेमस जगह है, जहां हर साल लाखों टूरिस्ट आते हैं। यहाँ की बेमिसाल जगहों में हैं भद्रवाह, चिंता घाटी, सिओज घास का मैदान और भाल पाद्री आदि जो इसे अपने आपमें ख़ास बनाते हैं। यह जगह तीर्थ यात्रियों के लिए भी बेहद अच्छी हैं।Pc:hamon jp

 पहलगाम

पहलगाम

पहलगाम जम्मू और कश्मीर राज्य के अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम एक बेहद आदर्श स्थल है। जो प्राचीन मुगलकाल, मध्ययुग काल की ओर ले जाता है। यहाँ आप स्थानीय लोगों की संस्कृति, सभ्यता, कपड़े, भोजन आदि से काफी प्रभावित होंगे। यहाँ का कोना कोना प्राकृतिक सुंदरता का जीता जागता उदाहरण है।Pc:Hermann Luyken

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