4 जुलाई से सावन की शुरुआत हो चुकी है। सावन का महीना यानी भगवान शिव के भक्तों का उत्सव मनाने का समय। इस साल अधिमास होने की वजह से दो सावन के महीने होंगे। यानी 4 जुलाई से 31 अगस्त तक सावन चलेगा। इस दौरान ना सिर्फ भगवान शिव की पूजा अर्चना होती है, बल्कि महादेव का जयघोष करते हुए भक्त कांवड़ लेकर भी निकल पड़ते हैं।

गंगा के किनारे बसे जिन शहरों से कांवड़िये जल लेकर महादेव का जलाभिषेक के लिए जाते हैं, उनमें सबसे ज्यादा महत्व हरिद्वार का होता है। हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार आते हैं, कांवड़ में जल लेने। ऐसे में हरिद्वार में रुकने के लिए होटल मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। और जो इक्का-दुक्का होटलों में कमरे मिलते भी हैं, उनके किराए आसमान छु रहे होते हैं। ऐसे में कांवड़ियों के रुकने के लिए विकल्प के तौर पर आश्रम ही बचते हैं।
हम आपको हरिद्वार के कुछ आश्रमों के बारे में बता रहे हैं, जहां आपको ठहरने और खाने की मुफ्त सुविधा मिलेगी।

सप्तऋषि आश्रम
हरिद्वार के सबसे पुराने और सबसे अच्छे आश्रमों में से एक है सप्तऋषि आश्रम। इस आश्रम में मुख्य रूप से साधु-संत और वोलेंटियर ही रुक सकते हैं। गंगा नदी के काफी करीब होने के कारण आश्रम में हमेशा भक्तों की भीड़ लगी रहती है। इस आश्रम में मुफ्त लंगर तो लगता ही है, जिसमें फ्री में खाना मिलता है। इसके साथ ही आश्रम में फ्री योग क्लास भी लगती है।
पता : सप्तऋषि आश्रम, भूपतवाला, हरिद्वार, उत्तराखंड

शांतिकुंज आश्रम
शांतिकुंज गायत्री परिवार के हरिद्वार में स्थित आश्रम शांतिकुंज में आपको रहने और खाने दोनों की मुफ्त सुविधा मिल जाएगी। यह आश्रम हरिद्वार में विभिन्न धार्मिक कार्यों, प्रशिक्षण कार्यों में हिस्सा लेने आने वाले लोगों को ही केवल उपलब्ध करवाया जाता है। बताया जाता है कि इस आश्रम में सुबह और शाम को लंगर लगता है, जिसमें कोई भी व्यक्ति खा सकता है। यहां ठहरने और खाने वाले लोगों को आश्रम के छोटे-मोटे कामों में हाथ भी बंटाना पड़ता है। यह आश्रम हर की पौड़ी से 7 किमी दूर है।
पता : शांतिकुंज आश्रम, शांतिकुंज रोड, मोतीचूर, हरिद्वार

प्रेमनगर आश्रम
हरिद्वार में कम पैसों में रुकने की सुविधा देने वाले आश्रमों में प्रेमनगर आश्रम भी प्रमुख है। इस आश्रम में खुला मैदान है, जहां आप पानी के फव्वारों और हरियाली के बीच शांति से बैठ सकेंगे। बताया जाता है कि इस आश्रम में रुकने के लिए एक रात का किराया ₹50 देना पड़ता है। आश्रम में सुबह और शाम को लंगर लगता है, जहां आप खाना खा सकते हैं। इस आश्रम में करीब 800 कमरे बताए जाते हैं।
पता : प्रेमनगर आश्रम, ज्वालापुर रोड, प्रेमनगर, हरिद्वार

वासुदेव आश्रम
हरिद्वार के वासुदेव आश्रम में सिर्फ धार्मिक कार्यों से जुड़े लोग ही नहीं बल्कि सैलानी भी रुक सकते हैं। अगर आप सावन के महीने में हरिद्वार की छटा देखने जाना चाहते हैं तो यह आश्रम रुकने के लिए बेस्ट है। बताया जाता है कि इस आश्रम में रुकने और खाने की सुविधा मुफ्त में मिलती है।
पता : वासुदेव आश्रम, भागिरथ नगर, भूपतवाला, हरिद्वार
श्री व्यास आश्रम
हरिद्वार का व्यास आश्रम गंगा नदी के किनारे पर स्थित है। हरिद्वार में एक दिन या एक रात रुकने के लिए यह आश्रम बिल्कुल सही है। इस आश्रम में रुकने का कोई किराया नहीं लगता है। व्यास आश्रम से गंगा नदी साफ नजर आती है।
पता : श्री व्यास आश्रम, हरिपुर मार्ग, साधुबेला, हरिद्वार



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