कर्नाटक में जल्द लाया जाएगा 'कर्नाटक टूरिज्म रोपवेज बिल, 2024' (Karnataka Tourism Ropeways Bill, 2024)। इस बिल का उद्देश्य कर्नाटक के राज्यभर में फैले सभी पर्यटन स्थलों पर केबल कार अथवा रोपवे के विकास करना है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक की पर्यटन सचिव सलमा के फहिम का कहना है कि कर्नाटक सरकार राज्य भर के सभी प्रमुख हेली-टूरिज्म वाले लोकेशनों पर रोपवे और केबल कार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसलिए जल्द ही राज्य सरकार विधानसभा में कर्नाटक रोपवे बिल 2024 को प्रस्तुत करने वाली है।

Money Control से बात करते हुए पर्यटन सचिव ने आगे बताया कि यह बिल कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर रोपवे को लगाने, उनका संचालन करने और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी लेगा। अगर ऐसा होता है तो कर्नाटक पहला दक्षिण भारतीय राज्य होगा, जहां रोपवे बिल लाया जाएगा।
इस बारे में एक अधिकारी का कहना है कि कई राज्यों में पहले से ही रोपवे एक्ट हैं, जो इन परियोजनाओं के लिए अनुमति देने का काम करते हैं। उक्त अधिकारी का कहना है कि केबल कार पर्यावरण पर कम से कम बुरा असर डाले यातायात का बेहतरीन विकल्प बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने कई जगहों पर केबल कार बनाने के बारे में सोच-विचार करना शुरू कर दिया है ताकि इन स्थानों का औद्योगिक विकास किया जा सकें।
बताया जाता है कि अगले 3 महीने के अंदर ही सभी तरह के सोच-विचार और तकनीकी जांच-पड़ताल के बाद उन जगहों का चुनाव कर लिया जाएगा, जहां केबल कार बनाएं जाएंगे। इसके अगले 6 महीने के अंदर अगले चरण का काम कर लिया जाएगा।

कहां-कहां बनेगा रोपवे?
राज्य सरकार ने जिन स्थानों का चुनाव रोपवे बनाने के लिए किया है, वो हैं -
- नंदी हिल्स, बेंगलुरु
- कोप्पल में आंजनेंद्री हिल्स
- तुमकुरु में मधुगिरी फोर्ट
- कोडागु में मल्लाली फॉल्स
- बेलागावी में सवदत्ती यल्लाम्मना गुड्डा
- बल्लारी फोर्ट
- यदगिर फोर्ट
- न्रुपतुंग हिल्स, हुबली
- देवरागुड्डा, हावेरी
- होलम्मा मंदिर, गडग
- कलकालेश्वर मंदिर, गडग
- मायलरलिंगेश्वर मंदिर, यदगिर
कर्नाटक का पहला रोपवे बनेगा नंदी हिल्स पर
अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्नाटक का पहला रोपवे बेंगलुरु के पास नंदी हिल्स पर बनेगा। इसी साल जुलाई के महीने में राज्य सरकार ने नंदी हिल्स पर 2 एकड़ की जमीन उपलब्ध करवायी थी, जहां रोपवे का 2.93 किमी लंबा टर्मिनल बनाया जाएगा। इसस जमीन को 30 वर्षों के लिए निजी कंपनी को लीज पर दिया गया है। हालांकि इस रोपवे का शिलान्यास मार्च 2023 में ही कर दिया गया था, लेकिन जमीन के स्थानांतरण में कुछ समस्याएं होने के कारण इसमें देरी हो रही थी।
नंदी हिल्स को इको-संवेदनशीलता का खिताब प्राप्त है, जिस वजह से यहां पर रोपवे का निर्माण काफी चुनौतीपूर्ण काम है। उसी तरह से जोग फॉल्स भी इको-संवेदनशील क्षेत्र होने की वजह से यहां भी केबल कार बनाना मुश्किल भरा काम है। चामुंडी हिल्स पर 1990 के मध्य में ही केबल कार बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से वह भी लंबित पड़ा हुआ है।

अब तक जिन राज्यों में लागू हो चुका है रोपवे एक्ट
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
- महाराष्ट्र
- राजस्थान
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- ओडिशा
- जम्मू और कश्मीर
- असम
- मेघालय
प्रमुख पर्यटन स्थल जहां हैं रोपवे
- गुलमर्ग गंडोला राइड
- औली केबल कार, उत्तराखंड
- गंगटोक
- धुंआधार, मध्य प्रदेश
- दार्जिलिंग
- करणी माता, उत्तर प्रदेश
- गिरनार, गुजरात
- रायगढ़, महाराष्ट्र
- मलमपुत्ज़ा, केरल



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