कर्नाटक या दक्षिण भारत में समुद्रतटों पर बीच पार्टी से लेकर नाइट लाइफ तक को जीने के लिए अब गोवा तक जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि गोवा के तर्ज पर अब कर्नाटक के समुद्रतटों को न सिर्फ विकसित किया जाएगा बल्कि कई नियमों में भी परिवर्तन करने के बारे में सोच-विचार किया जा रहा है ताकि विदेशों से भी आने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकें।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मूल रूप से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ही कर्नाटक के टूरिज्म विभाग ने यह पहल की है। इससे पर्यटकों के लिए कर्नाटक टूर का अनुभव पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बदलने वाला है।

आइए आपको बताते हैं इस पहल के तहत कौन से नये कदम उठाए जाने के बारे में सोच-विचार किया जा रहा है -
बनाए जाएंगे Shacks
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार कर्नाटक के पर्यटन विभाग ने समुद्रतटीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के परिवर्तन करने का फैसला लिया है, जो काफी हद तक गोवा की तरह होने वाले हैं। इनमें से ही एक है समुद्रतटों पर Shacks बनाना। जी हां, जिस तरह गोवा में समुद्रतटों पर पर्यटकों के रहने और आराम करने के लिए Shacks बनाए जाते हैं, ठीक उसी तरह से कर्नाटक के प्रमुख समुद्रतटों पर भी बनाए जाएंगे। यहां खाने-पीने से लेकर म्यूजिक, रिलैक्स करने और अपने ट्रिप को पूरी तरह से एंजॉय करने की सभी सुविधाएं उपलब्ध करवायी जाएंगी।
विकसित होगी नाइटलाइफ
गोवा आने वाले पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण वहां की नाइटलाइफ (Nightlife) होती है। ठीक उसी तरह से कर्नाटक के भी कुछ समुद्रतटों पर नाइटलाइफ को विकसित किया जाएगा, ताकि यहां भी पर्यटकों को गोवा वाली वाइव्स मिले। इन सबके साथ ही पर्यटकों की सुविधा और आराम पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा का भी खास ख्याल रखा जाएगा। समुद्रतटों पर लाइट्स की पूरी व्यवस्था की जाएगी ताकि रात के समय वहां आने-जाने से लेकर किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि विकसित न होने पाए।

मद्यपान के बदलेंगे नियम
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अब तक कर्नाटक के समुद्रतटों पर मद्यपान की अनुमति नहीं हुआ करती थी। लेकिन अब यहां Shacks बनाने के साथ-साथ समुद्रतटों पर मद्यपान की अनुमति भी दी जाएगी, जिससे ज्यादा-से-ज्यादा पर्यटकों के यहां आने की संभावना है। बताया जाता है कि दक्षिण कन्नड और उडुपी के समुद्रतटों पर मद्यपान करने की अनुमति दी जा सकती है।
क्या कहना है अधिकारियों का
कर्नाटक पर्यटन विभाग के डायरेक्टर और कर्नाटक स्टेट टूरिज्म विकास प्राधिकरण के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेंद्र केवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कर्नाटक के समुद्रतटों को भी गोवा की तरह ही सुरक्षित और आरामदायक बनाकर उन्हें लोकप्रिय करना ही मुख्य लक्ष्य है। कर्नाटक के विभिन्न समुद्रतटों को विकसित करने के साथ ही वहां समय को भी बढ़ाया जाएगा, ताकि ज्यादा समय तक पर्यटक समुद्रतटों पर आराम से समय बिता सकें।
इस बारे में दक्षिण कन्नड़ के विधायक डीसी मुल्लाई मुलिगन का कहना है कि मैंगलोर में समुद्रतटों पर समय को 1 घंटा बढ़ा दिया गया है। लेकिन बाकी सभी समुद्रतटों पर रात के 9 बजे के बाद आम नागरिकों की आवाजाही पर पाबंदी लगायी गयी है, जिस बारे में स्थानीय पुलिस के साथ बात की जाएगी ताकि वजह का पता लगाया जा सकें। राजेंद्र केवी का कहना है कि कर्नाटक में टेंट टूरिज्म को भी विकसित करने की योजना है ताकि लोग जंगलों और प्राकृतिक परिवेश में कुछ पल आराम से बिता सकें।



Click it and Unblock the Notifications














