कर्नाटक का उडुपी एक समुद्रतटिय शहर है, जिसकी सुन्दरता में मानसून चार चांद लगा देता है। मंदिरों, समुद्र तटों और लजीज व्यंजनों के लिए मशहूर यह शहर बारिश के मौसम में जीवंत हो उठता है। हालांकि, इस मौसम में यात्रा करने के लिए तैयारी की आवश्यकता होती है।
अगर इस साल मानसून के समय आप भी उडुपी जाने के बारे में सोच रहे हैं तो मानसून में उडुपी ट्रिप से पहले ध्यान रखने योग्य छह बातें हम यहां बता रहे हैं। इस बातों को अच्छी तरह से गांठ बांध लें।
मौसम की स्थिति
उडुपी में जून से सितंबर तक भारी बारिश होती है। यहां कब बादल बरस जाएं और कितनी बारिश होगी, इसका अंदाजा लगाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए नियमित रूप से मौसम और बारिश से जुड़ी खबरों पर अपनी नजरें बनाएं रखें। अगर उडुपी में आपने कोई होटल बुक कर लिया हो या आपके जान-पहचान के लोग रहते हो, तो उनसे मौसम की वास्तविक स्थिति के बारे में जरूर पता कर लें।
सामान की पैकिंग
ट्रिप के लिए अपना सामान पैक करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप सामान हल्का पैक हुआ हो। मानसून के समय उडुपी जाते समय छाता (अगर फोल्डिंग हो तो ले जाने में सुविधा होगी), जल्दी सूखने वाले कपड़े और वाटरप्रूफ जूते और हां, बैग का रेन कवर जैसी ज़रूरी चीज़ें जरूर शामिल हो।
बारिश के मौसम में कई तरह की बीमारियां बिल्कुल आम होती है। इसलिए हल्की-फुल्की जरूरी दवाईयां भी जरूर साथ में रखें। मानसून की ट्रिप पर जाते समय पावर बैंक ले जाना भी समझदारी का काम होता है क्योंकि भारी बारिश के दौरान बिजली रानी कभी भी गुल हो सकती है।
होटल की एडवांस बुकिंग
हमारी सलाह है कि मानसून के समय किसी भी ट्रिप पर जाने से पहले होटल की बुकिंग एडवांस में जरूर कर लें। इससे न सिर्फ लास्ट मोमेंट पर होने वाली परेशानी और बारिश में भींगते हुए अपने लिए किसी अच्छे होटल को तलाशने की परेशानी से आपको राहत मिलेगी बल्कि मानसून के दौरान कई होटल और होमस्टे छूट देते हैं। उनका लाभ भी उठा सकेंगे। गीले कपड़े सुखाने की सुविधा या लॉन्ड्री हो, उन जगहों का ही चयन करें। बिजली की बैकअप सुविधा का होना भी जरूरी है, क्योंकि बारिश में अक्सर बिजली गुल होने की परेशानी रहती है।
यातायात
मानसून के कारण सड़कों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए अपनी यात्रा, रुकने के होटल या घूमने की जगहों का चुनाव उसी के आधार पर करें। अगर आप सड़क मार्ग से उडुपी जाने के बारे में सोच रहे हैं तो बसों और ट्रेनों जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना सुरक्षित है, जो विश्वसनीय हैं। यह आपकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेंगे। यदि आप किराए पर गाड़ी लेकर जाने के बारे में सोच रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि कार अच्छी स्थिति में है और ड्राइवर को स्थानीय मार्गों का अनुभव है।

कैसे पहुंचे?
विमान से - नजदीकी एयरपोर्ट मैंगलोर। मैंगलोर से उडुपी के लिए टैक्सी बुक कर सकते हैं।
ट्रेन से - नजदीकी रेलवे स्टेशन उडुपी स्टेशन।
बस से - बैंगलोर, चेन्नई, कोच्चि, त्रिशुर, हैदराबाद और पुणे से उडुपी के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध होती है।
पर्यटन स्थल
मानसून की ट्रिप पर उडुपी जा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि बारिश के कारण कुछ जगहों पर जाना प्रतिबंधित हो सकता है। अपनी मानसून ट्रिप पर उडुपी के श्री कृष्ण मठ और प्राचीन मालपे बीच पर जरूर जाएं। बारिश सेंट मैरी द्वीप और कुडलू फॉल्स जैसी जगहों की खूबसूरती तो बढ़ जाती है लेकिन मई से अक्तूबर के बीच मानसून की वजह से सेंट मैरी द्वीप पर फेरी सेवा को बंद कर दिया जाता है।
कुडलू फॉल्स सुबह 8.30 बजे से शाम को 4 बजे तक ही खुला रहता है। अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले हमेशा जांच कर लें कि कौन सी जगहें खुली हैं और कौन सी जगहें मानसून में बंद हैं।

लजीज व्यंजनों का स्वाद
उडुपी के लोकल व्यंजनों का स्वाद मानसून के समय बढ़ जाता है। इसलिए जब भी मानसून में उडुपी जाएं तो गरमागरम डोसा, इडली और पारंपरिक भोजन का जरूर आनंद लें। बारिश के मौसम में फिल्टर कॉफी के साथ मसाला वडा भी जरूर ट्राई करें। भोजन से संबंधित बीमारियों से बचने के लिए हमेशा स्वच्छ और साफ-सुथरे होटल या रेस्तरां का ही चुनाव करें।



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