Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »हम्पी की गलियों में होली खेलने निकलते हैं लोग तो उत्सव के रंग से भर जाती है कर्नाटक की नदियां

हम्पी की गलियों में होली खेलने निकलते हैं लोग तो उत्सव के रंग से भर जाती है कर्नाटक की नदियां

सरस्वती पूजा बीतने के साथ ही लोग मार्च के महीने का बेसब्री से इंतजार करने लगते हैं। मार्च में सबसे रंग-बिरंगा त्योहार जो आता है, होली का। होली एक ऐसा त्योहार है, जिसे देश के हर एक कोने में मनाया जाता है। मथुरा-वृंदावन में इसे फूलों से खेली जाती है तो वाराणसी में इसे चिता की राख से खेलकर मनाया जाता है। हिमाचल प्रदेश के सांगला में 4 दिनों तक होली का त्योहार मनाया जाता है।

दक्षिण भारत भला होली के इस रंग-बिरंगे त्योहार से कैसे दूर रह सकता है। कर्नाटक के हम्पी में 2 दिनों तक मनाया जाता है होली का त्योहार। लेकिन जरा रुकिए, हम्पी में होली की सबसे बड़ी खासियत होती है कि होली के दिन यहां की नदियां ही उत्सव के रंग में रंगीन बन जाती हैं।

holi festival

हम्पी की होली को देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से लोग आते हैं। बता दें, हम्पी एक ऐतिहासिक स्थान है, जिसे यूनेस्को ने अपनी विश्व धरोहर की लिस्ट में भी शामिल किया हुआ है। हर साल लाखों की संख्या में देश और विदेश से सैलानी हम्पी में आते रहते हैं। मार्च के महीने में भी यहां खासतौर पर होली को देखने और अनोखे अंदाज में होली को सेलिब्रेट करने लोग पहुंचते हैं। हम्पी में होली 2 दिनों तक मनाया जाता है। यहां होली के दिन लोग हम्पी की ऐतिहासिक गलियों में इकट्ठा होते हैं। इसके बाद ढोल और नगाड़ों की थाप पर जुलूस निकाला जाता है।

karnataka hampi

होली के समय हम्पी में मौजूद पर्यटक भी इस जुलूस का हिस्सा बन नाचते-गाते इन ऐतिहासिक गलियों से एक-दूसरों को गुलाल और अबीर लगाते हुए आगे बढ़ते हैं। लेकिन सिर्फ ढोल-नगाड़े ही हम्पी की होली की खासियत नहीं होते हैं। दिन भर इसी तरह अलग-अलग गलियों में घूमकर होली खेलने के बाद यहां लोग तुंगभद्रा नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारों पर इकट्ठा होते हैं।

इस दिन सभी मिलकर इन नदियों में स्नान करते हैं और उस दौरान भी एक-दूसरे पर पानी फेंकते और ढेर सारी मस्ती करते हैं। होली के रंग और गुलाल से इन नदियों का पानी भी रंगीन बन जाता है। होली खेलने के बाद नदी में स्नान करना हम्पी की सालों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसका पालन आज भी किया जाता है।

hampi shrines karnataka

कैसे पहुंचे हम्पी

देश के किसी भी कोने से हम्पी तक पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट बैंगलोर एयरपोर्ट है। बैंगलोर से हम्पी की दूरी लगभग 350 किमी की है। सड़क मार्ग से बैंगलोर से हम्पी पहुंचने में करीब 6 घंटे का वक्त लग सकता है। बैंगलोर से हम्पी तक जाने के लिए आपको आसानी से किराए पर निजी गाड़ियां मिल जाएंगी। इसके अलावा हुबली एयरपोर्ट से हम्पी की दूरी 143 किमी की है। हम्पी में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है।

इसलिए हम्पी का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन होसपेट है। होसपेट से हम्पी की दूरी करीब 13 किमी की है। बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई, विजयवाड़ा, कोलकाता, जोधपुर, कोल्हापुर और गोवा से होसपेट के लिए सीधी ट्रेन आसानी से मिल जाएगी।

More News

    Read more about: karnataka hampi holi
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+