अमरनाथ यात्रा हो या मानसून में किसी पहाड़ी जगह पर घूमने जाने का प्लान, बारिश के मौसम में सबसे बड़ी समस्या पहाड़ों से नीचे खिसक कर आने वाले पत्थरों से होती है। पहाड़ों से नीचे आते पत्थरों को लैंडस्लाइड कहा जाता है। लैंडस्लाइड की वजह से कई बार रास्ते बंद हो जाते हैं तो कई बार यात्री बड़ी दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं।

अगर थोड़ी सी सतर्कता और पहाड़ी रास्तों पर ट्रेकिंग के दौरान आगे बढ़ते हुए सावधान रहा जाए तो किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।
इस आर्टिकल में हम आपको लैंडस्लाइड से बचने के लिए ध्यान देने योग्य कुछ बातें बता रहे हैं।
- लैंडस्लाइड होने पर सबसे पहले पैनिक या घबराने की बजाए खुद को पहाड़ों से सुरक्षित दूरी पर ले जाएं।
- यह सुनिश्चित करें कि आपके साथ चल रहे यात्री, परिवार के सदस्य और दोस्त भी पहाड़ों से सुरक्षित दूरी को बनाए रखें।
- सुरक्षित दूरी बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी होता है कि दूसरी तरफ खाई है। इसलिए रास्ते के दूसरे छोर पर भागने के बजाए सीधे आगे बढ़ जाएं।
- पहाड़ जब दरकने लगते हैं तो वहां दरकने की हल्की आवाज, पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े और धूल गिरना शुरू होता है। इन संकेतों की तरफ जरूर ध्यान दें।
- अगर पहाड़ों के दरकने की हल्की सी आवाज या संकेत मिलता है तो लापरवाही ना बरतकर तुरंत वह जगह छोड़कर आगे बढ़े।

- आप जहां भी घूमने जा रहे हैं वहां मौसम से संबंधित प्रशासनिक चेतावनी की पहले से जानकारी जरूर रखें और उन्हें अनसुना ना करें।
- पहाड़ों पर ट्रिप के लिए प्रशासन के टिप्स पर ध्यान दें। याद रखें, आप भले ही बहुत अच्छे पर्वतारोही या एडवेंचरस हो लेकिन स्थानीय प्रशासन से बेहतर पहाड़ों को आप कभी नहीं समझ सकते।
- तेज ढ़लान वाली जगहों पर कभी भी ज्यादा देर मत ठहरिए। ऐसी जगहों पर बेहद चौकन्ना रहें।
- पहाड़ों पर ट्रेकिंग पर जाने से पहले बचाव दल से किसी भी मुसिबस में फंसने पर संकेत देने के तरीके जरूर सीख लें।
- ट्रेकिंग शुरू करने से पहले संबंधित जगह के बारे में, वहां के पहाड़ों और प्रकृति के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें।
- अगर किसी ऐसी जगह पर जा रहे हैं, जहां के बारे में आपके पास ज्यादा जानकारी नहीं है, तो गाईड की मदद जरूर लें।
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