इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने रमदान की शुरुआत हो चुकी है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पूरा दिन रोजा रखने के बाद शाम को नमाज पढ़कर ही इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग भोजन करते हैं। बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में जाकर नमाज कर अपने खुदा की इबादत करते हैं। क्या आप जानते हैं, भारत में कौन सी मस्जिद सबसे पहले बनी थी?
जी नहीं, शाहजहां या औरंगजेब या किसी मुगल शासक द्वारा बनवायी गयी कोई मस्जिद नहीं बल्कि उससे भी काफी पहले भारत में पहली मस्जिद का निर्माण हो चुका था। भारत में सबसे पहली और उपमहाद्वीप की सबसे पुरानी मस्जिद केरल में बनायी गयी थी - चेरामन जुमा मस्जिद। भारत की पहली जुमा की नमाज इसी मस्जिद में पढ़ी गयी थी।

कब बनी थी भारत की पहली मस्जिद?
भारत में इस्लाम धर्म की शुरुआत, इस्लाम के इतिहास जितना ही पुराना माना जाता है। माना जाता है कि भारत में इस्लाम की शुरुआत केरल के इसी मस्जिद के साथ हुई थी। आधिकारिक रिपोर्ट की माने तो 629 ईस्वी में केरल में भारत की पहली मस्जिद बनवायी गयी थी।
वर्तमान समय में यह मस्जिद न सिर्फ भारत की सबसे पुरानी बल्कि दुनिया की टॉप 10 सबसे प्राचीन मस्जिदों में अपना स्थान रखती है। माना जाता है कि इस मस्जिद का निर्माण केरल के चेरामन पेरुमल वंश के राजाओं द्वारा करवाया गया था। इसलिए मस्जिद का नाम चेरामन मस्जिद रखा गया।
मंदिर के तर्ज पर बनी थी मस्जिद

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस मस्जिद का निर्माण मंदिर के तर्ज पर ही करवायी गयी थी। दावा किया जाता है कि जिस समय सऊदी अरब में इस्लाम धर्म का उदय हो रहा था, उस समय भारत के साथ अरब के व्यापारिक संबंध थे। पेरुमल वंश के राजा अक्सर व्यापार के सिलसिले में अरब देशों की यात्रा पर जाते रहते थे। इस दौरान वे मोहम्मद साहब के विचारों से प्रभावित हुए और उन्होंने इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया।
उन्होंने ही केरल में मस्जिद बनवाने का फैसला लिया और जेद्दा के राजा की बहन से निकाह भी कर लिया। दावा किया जाता है कि पेरुमल वंश के राजाओं ने मलिक इब्न दीनार को केरल में भेजा था इस मस्जिद का निर्माण करवाने के लिए। मस्जिद के निर्माण की शुरुआत पूरी तरह से केरल की वास्तुशैली के आधार पर ही की गयी थी। बाद में यानी 11वीं सदी और 17वीं सदी में इस मस्जिद में कई बदलाव किये गये और इसे मस्जिद का स्वरूप दिया गया। शुरुआती दौर में मस्जिद में कोई गुंबद नहीं था और न ही मीनारे थी।

इसमें हैंगिंग लैप्स लगे हुए थे। बताया जाता है कि इस मस्जिद में आज भी काफी कुछ है जो हिंदू धर्म की तरह है। जैसे मस्जिद के बीचोंबीच एक जलता हुआ दीपक है, जो हजारों वर्षों से लगातार जल रहा है। मस्जिद में आने वाले सभी धर्मों के तीर्थ यात्री इसमें तेल डालते रहते हैं।
कहां है भारत की सबसे पुरानी मस्जिद?
भारत की सबसे पहली और दुनिया की सबसे पुरानी मस्जिदों में एक चेरामन जुमा मस्जिद केरल में एर्नाकुलम से करीब 36 किमी और त्रिशूर से लगभग 38 किमी दूर स्थित है। यह मस्जिद केरल के कोडुंगल्लूर टाउन के पास स्थित है। इस मस्जिद में हर धर्म के लोगों को प्रवेश करने की अनुमति है। इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1504 में पुर्तगालियों ने इस मस्जिद को नष्ट कर दिया था।

कुछ सौ सालों बाद इस मस्जिद का निर्माण संभवतः 17वीं शताब्दी के मध्य में करवाया गया था। 1984 में मस्जिद के वर्तमान कॉरिडोर का निर्माण करवाया गया था। साल 2015-16 में पीएम नरेंद्र मोदी जब सऊदी अरब के दौरे पर गये थे, तब उन्होंने सऊदी के किंग सलमान को इस मस्जिद का सोने से बना मॉडल भी भेंट किया था। मस्जिद में पुराने जमाने के कई तरह के सामान भी रखे हुए हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं।
दावा किया जाता है कि इसके अंदर लगा काला संगमरमर मक्का से लाया गया था। मस्जिद के अंदर मलिक दीनार और उसकी बहन की कब्र भी मौजूद हैं।



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