आपने चिड़ियाघर में शेर, बाघ, भालु या लोमड़ी-तेंदुआ जैसे जंगली जानवरों को पिंजड़े में जरूर देखा होगा। पक्षियों के पिंजड़े भी देखे होंगे। कई घरों में खरगोश से लेकर पालतु कुत्ते-बिल्लियों को रखने के लिए भी बनाए गये बड़े आकार वाले पिजड़े भी जरूर देखे होंगे। लेकिन क्या कभी आपने हाथियों का पिंजड़ा देखा है या पिंजड़े में कैद हाथियों को देखा है?

जी हां, हम बिल्कुल सच कह रहे हैं। हाथियों को आमतौर पर जहां भी पाला जाता है उनके पैरो में लोहे की मोटी जंजीर डाल दी जाती है लेकिन केरल में हाथियों को रखने के लिए लकड़ी से बने विशालाकार पिंजड़ों का इस्तेमाल होता है।
केरल के अराणमुला में कोनी एक ऐसी जगह है जिस जगह की सुन्दरता को शब्दों में बयां कर पाना बहुत मुश्किल होता है। इस जगह ने अपने आप प्राकृतिक खूबसूरती का खजाना समेटा हुआ है। एडवेंचर के शौकिन लोग कोनी एलीफेंट ट्रेनिंग सेंटर में घूमने के लिए आते रहते हैं। पत्तनंतिट्टा जिले में अराणमुला से करीब 25 किमी दूर यह जगह ईको टूरिज्म को समर्पित है। केरल सरकार की तरफ से यहां पर्यटन से संबंधित सभी सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गयी है।

मुख्य आकर्षण हैं पिंजड़े में रखे गये हाथी
जंगल में अपने माता-पिता या झुंड से भटक गये शिशु हाथी या कहीं घायल अवस्था में मिले हाथियों को कोनी एलीफेंट ट्रेनिंग सेंटर में लाकर उनकी अच्छी तरह से देखभाल और प्रतिकूल परिस्थितियों से निबटने का प्रशिक्षण पारंपरिक तरीके से दी जाती है। इन हाथियों को प्रशिक्षित करने की यह पारंपरिक विधि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली जा रही है।
सेंटर में इन हाथियों को खास आदेशों का पालन करना, सुबह के समय व्यायाम में सैर पर ले जाना, नहलाना और विशेष खाना खिलाया जाता है। हाथियों को लोहे की मोटी जंजीरों में बांधकर रखने के बजाए विशालाकार पिंजड़ो में रखा जाता है। इन पिंजड़ों को स्थानीय भाषा में आनक्कूड़ कहा जाता है जिसमें एक बार में 3 से 4 हाथी रह सकते हैं।
कोन्नी एलीफेंट सेंटर में न सिर्फ हाथियों के प्रशिक्षण की सभी प्रक्रियाओं के पर्यटक सामने से देख सकेंगे बल्कि शिशु हाथियों के साथ खेल भी सकेंगे जिनका व्यवहार इंसानों के लिए बड़ा ही दोस्ताना होता है। पर्यटकों को बड़े हाथियों की सवारी और आसपास घुमाने भी ले जाया जाता है।

कैसे पहुंचे एलीफेंट ट्रेनिंग सेंटर
कोनी एलीफेंट ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन चेंगन्नूर है, जो यहां से करीब 35 किमी की दूरी पर मौजूद है। वहीं नजदीकी एयरपोर्ट त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) है, जो यहां से लगभग 100 किमी की दूरी पर मौजूद है। चेंगन्नूर और त्रिवेंद्रम से कोन्नी एलीफेंट सेंटर तक आने के लिए किराए पर गाड़ियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा बस सेवा भी मिल जाएगी।



Click it and Unblock the Notifications














