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जानिए... गांधीनगर का इतिहास, क्या था पुराना नाम व कैसे बनी गुजरात की राजधानी?

गांधीनगर (गुजरात की राजधानी) साबरनदी के किनारे पर बसा हुआ एक आद्योगिक शहर है। इसे हरित नगर के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है।

गांधीनगर गुजरात राज्य की राजधानी है, वही गुजरात जहां स्वतंत्रता की लड़ाई ने एक नया इतिहास लिखा था। यह शहर अहमदाबाद के उत्तर में साबरमती के किनारे बसा एक खूबसूरत सा शहर है। इस शहर हरित नगर या ग्रीन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। आजादी के बाद 1960 ईस्वी में जब मुंबई को महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजित किया गया, तब इसे गुजरात की राजधानी के रूप में अधिकारिक दर्जा मिला। इस शहर का नाम राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है।

एचके मेवाड़ा ने डिजाइन किया था गांधीनगर

गांधीनगर शहर की वास्तुकला देखी जाए तो वो भी एक सुनियोजित शहर की ओर इशारा करती हैं। इस शहर में अक्षरधाम मंदिर भी है, जो यहां का सबसे बड़ा मंदिर है। इसकी वास्तुकला और शैली किसी को भी मोहित कर सकती है। करीब 108 फीट ऊंचा यह मंदिर राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर से बनाई गई है, जहां हर साल करीब 20 लाख से भी अधिक लोग आते हैं। बाकी इस शहर की खूबसूरती भी देखने लायक है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय के स्नातक एचके मेवाड़ा और उनके सहायक प्रकाश एम आप्टे द्वारा इस शहर को डिजाइन किया गया है।

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प्राचीन समय में पेठापुर के नाम से जाना जाता था गांधीनगर

गांधीनगर के इतिहास की बात की जाए तो ये शहर करीब 800 से 1000 साल पुराना है। इस शहर को पहले पेठापुर के नाम से जाना जाता था, जो यहां के राजा पेठापुर के नाम पर था। 13वीं शाताब्दी में तब गांधीनगर का कोई नाम निशान नहीं था। सिर्फ राजा के नाम पर ही इस पुरे राज को चिन्हित किया जाता था।

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गांधीनगर के आकर्षण

ऐतिहासिक रूप से समृद्ध इस शहर में कई खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो न सिर्फ देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों का भी ध्यान आकर्षित करते हैं। यहां के साबरमती संग्रहालय में भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बताया गया है, जो लगभग सभी पर्यटक जानने के बड़े ही उत्सुक होते हैं। इसके अलावा आप यहां झरनों व वन आच्छादित क्षेत्रों का अनुभव कर सकते हैं।

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गांधीनगर में घूमने वाली जगहें

यहां पर घूमने के लिए अडालज स्टेपवेल (यह एक बावड़ी है, जिसे वाघेला शासक राणा वीर सिंह ने 1498 ईस्वी में पानी की समस्या खत्म करने के लिए बनवाई थी), अक्षरधाम मंदिर (1992 ईस्वी में स्थापित व दर्शन समय - सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम के 7:30 बजे तक), त्रिमंदिर (मंदिर में एक संग्रहालय व एक मिनी थिएटर भी शामिल, दर्शन समय - सुबह 5:30 बजे से लेकर रात के 10:00 बजे तक), सरिता उद्यान, दांडी कुटीर संग्रहालय (प्रवेश शुल्क - 10 रुपया व 200 रुपया, प्रवेश का समय - सुबह 10:30 बजे से लेकर शाम के 5:30 बजे तक), संत सरोवर बांध (वीकेंड के लिए अच्छा स्थान) जैसे स्थान है।

गांधीनगर से सम्बन्धित हमने सारी जानकारी आपके सामने रखी है, अगर कोई जानकारी हमसे छुट गई हो या हम न लिख पाए हो तो आप हमें अपने शहर के बारे में बता सकते हैं। हमसे जुड़ने के लिए आप हमारे Facebook और Instagram पेज से भी जुड़ सकते हैं...

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