पांडिचेरी भारत का एक केंद्रशासित प्रदेश है, जिसे मिनी फ्रांस के नाम से भी जाना जाता है। यहां घूमने के लिए कोई समय फिक्स नहीं, आप जब चाहे यहां के लिए निकल सकते हैं। बंगाल की खाड़ी के कोरमंडल तट पर स्थित पांडिचेरी चेन्नई से 162 किमी दूर है। भारत की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण यहां नीले पानी के बीच सनराइस और सनसेट देखना काफी अलौकिक सा प्रतीत होता है। साल 2006 के बाद से पांडिचेरी का अधिकारिक नाम पुडुचेरी रख दिया गया है।
समुद्री तट का किनारा होने के कारण आप यहां कई एक्टिविटी भी कर सकते हैं। वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर के दीवानों के लिए पांडिचेरी एक अच्छा डेस्टिनेशन भी है। पांडिचेरी को जो सबसे खास बनाती हैं वो है यहां दिखने वाला फ्रांसीसी कल्चर, जो पर्यटकों को इसकी खीची ले चली आती है। यहां की वास्तुकला और विरासत हर किसी को अपना दीवाना बना लेती है। दरअसल, यहां करीब 300 सालों तक अंग्रेजी हुकूमत ने शासन किया, इस दौरान यहां कई औपनिवेशिक कलाकृतियां और अद्भुत इमारतें भी बनाई गई, जिसे आज भी देखा जा सकता है। यहां के अधिकतर लोगों को फ्रेंच आती है और वे आज भी फ्रांसीसी संस्कृति का पालन करते हैं।

पांडिचेरी में घूमने के लिए दर्शनीय स्थल
पैराडाइस बीच - Paradise Beach
पैराडाइस बीच, यहां के बस अड्डे से महज 8-9 किमी. की दूरी पर स्थित है। अक्टूबर के महीनों में यहां का तापमान 18 डिग्री से कम हो जाता है, जो आपके यहां आने का मजा दुगना कर देता है। इस बीच पर आप बिना नाव की यात्रा किए नहीं पहुंच सकते हैं। इस दौरान किए गए नाव की यात्रा भी बेहद रोमांचक होती है। मैंग्रोव के घने जंगल के पास में स्थित ये स्थान बारिश के बाद और खूबसूरत हो जाता है। यहां आपको प्यार के पक्षी कहे जाने वाला 'चावला पक्षी' भी देखने को मिल सकता है, जो हमेशा जोड़े में रहता है।

श्री अरबिंदो आश्रम - Sri Aurobindo Ashram
महान दार्शनिक अरबिंदो घोष ने साल 1926 में पांडिचेरी में एक आश्रम स्थापित किया, जिसे उन्हीं के नाम पर श्री अरबिंदो आश्रम के नाम से जाना जाता है। यहां पर्यटक मानसिक शान्ति और दार्शनिक ज्ञान के लिए आते हैं, जो पूरे एशिया में प्रसिद्ध है। इस आश्रम में रहने वाले लोगों को वे सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं, जो एक आम आदमी को चाहिए होता है। यहां नृत्य, कला, संगीत, रंगमंच आदि के साथ ही कई तरह के खेल भी सिखाए जाते हैं।
प्रॉमेनेड बीच - Promenade Beach
पांडिचेरी का प्रॉमेनेड बीच एक से दो किमी. लम्बा है, जो वार मेमोरियल से शुरू होकर डुप्लेक्स पार्क तक है। ये बीच बस अड्डे से महज 3 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां आप कई सारी वाटर व एडवेंचर एक्टिविटी कर सकते हैं। इसके अलावा यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त देखना भी खूब पसंद किया जाता है। यहां आपको खाने के लिए और हस्तकला के संबंधित कई दुकानें भी मिल जाएंगी। इस बीच को कपल्स का फेवरेट बीच भी कहा जाता है।

ऑरोविल पैलेस - Auroville Palace
पांडिचेरी के ऑरोविल पैलेस को एकता का प्रतीक कहा जाता है, जो पांडिचेरी से करीब 15 किमी. दूर तमिलनाडु के पास में स्थित है। इस पैलेस को अरबिंदो की शिष्या मिर्रा अलफासा द्वारा साल 1968 में बनवाया गया था। इस पैलेस में आपको विविध संस्कृति व परम्पराओं वाले लोग दिख जाएंगे, जो एक साथ रहते हैं। यह पैलेस शारीरिक और मानसिक शान्ति प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

अरिकमेडु - Arikamedu
अरिकमेडु अपने इतिहास के लिए जाना जाता है, कहा जाता है कि यहां 1 ईसा पूर्व इंडो रोमन व्यापार का केंद्र था, जिसे आज भी देखा जा सकता है। यहां आप 300 ईस्वी से लेकर 1800 ईस्वी तक के इतिहास से भी रूबरू हो सकते हैं। इस ऐतिहासिक स्थान पर आपको फ्रांसीसी वास्तुकला के साथ-साथ तमिलियन इतिहास भी देखने को मिलेगा।

बोटैनिकल गार्डन - Botanical Garden
पांडिचेरी का बोटैनिकल गार्डन अपने शानदार और मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है, जो न सिर्फ पांडिचेरी का बल्कि तमिलनाडु का भी एक खास पर्यटन स्थल है। इस गार्डन को 1826 में फ्रांसीसियों के द्वारा बनाया गया था, जो उनकी सभ्यता का प्रतीक माना जाता है। इस पूरे गार्डन को फ्रांसीसी डिजाइन पर बनाया गया है, जो देखने पर किसी का भी मनमोह लेगा। यहां 1000 से ज्यादा पेड़-पौधों की प्रजातियां देखने को मिलती है। और हर पेड़ पर उसके लाभ व ऑक्सीजन की मात्रा के बारे में लिखा होता है, जो आपकी यात्रा को और भी मजेदार बना देता है।
श्री कोकिलाम्बल थिरुक्लेश्वर मंदिर - Kokilambal Thirukleshvar Temple
श्री कोकिलाम्बल थिरुक्लेश्वर मंदिर एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है, जिसे विल्लुर मंदिर भी कहा जाता है। यह बस अड्डे से 8-10 किमी. दूर है, जो 12वीं शाताब्दी में चोल वंश के द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर के मुख्य देवता शिव हैं। मंदिर में विराजित शिवलिंग लिंगम मिट्टी का बना है, जिसका अभिषेक करना मना है। इस मंदिर के एक नदी है, जिसे प्रसव नदी के नाम से जाना जाता है।
राज निवास - Raj Niwas
पांडिचेरी का ऐतिहासिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध राज निवास यहां के उपराज्यपाल का अधिकारिक निवास है, जो उपनिवेशी सरकार के दौरान यह एक महल के रूप में कार्य करता था। 18वीं शाताब्दी में निर्मित इस निवास में आप भारतीय और फ्रेंच संस्कृति का मिश्रण देख सकते हैं। यह निवास बाग़-बगीचे से घिरा हुआ है, जिसमें एक जल स्मारक भी है, जो इसकी खूबसूरती में चार-चांद लगा देता है। यहां के लकड़ी के खम्भों पर आप यूरोपियन डिजाइन भी देख सकते हैं। राष्ट्रीय अवकाश के दिन ही इस निवास को आम जनता के खोला जाता है।
लाईट हाउस - Light House
पांडिचेरी का लाइट हाउस यहां का मुख्य आकर्षण माना जाता है। यह लाईट हाउस समुद्री पर्यटकों को सही रास्ता दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, जो फ्रांसीसी शासन काल में बनाया गया है। वर्तमान समय में यह सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रमों का केंद्र बन गया है। इसकी ऊंचाई 157 फीट है, यहां से आप पांडिचेरी के आकर्षित व अद्भुत नजारों को देख सकते हैं। इसके अलावा भी यहां घूमने के लिए कई स्थान है, जैसे - फ्रेंच युद्ध स्मारक, चिदंबरम मंदिर, यानम बीच, ओस्टेरी झील और यहां का मार्केट।
पांडिचेरी घूमने का सही समय - अक्टूबर से मार्च।

पांडिचेरी का फेमस डिश
जब भी हम किसी नए शहर में घूमने के लिए जाते हैं, तो सबसे पहले यही देखते हैं कि आखिर वहां का स्पेशल खाना क्या है, जिसका एक बार दीदार करना हर पर्यटक चाहता है। पांडिचेरी के खानों में भी आपको एक अलग ही खूश्बू मिलेगी, जिसमें आप फ्रांसीसी झलक भी देख पाएंगे। यहां का समोसा, पानी पूरी, बोंदास, मसाला पूरी, सैंडविच, मटन रोल, क्रैब मसाला फ्राई, डोसा काफी फेमस है।

पांडिचेरी कैसे पहुंचें
यहां पहुंचने के लिए आप हवाई, रेल या सड़क मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। पांडिचेरी में ही आपको यहां का एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग तीनों मिल जाएगा, जो भारत के लगभग सभी बड़े राज्यों से जुड़ा हुआ है।
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