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क्यों इंदौर के इस गणेश मंदिर की दीवार पर बनाया जाता है उल्टा स्वास्तिक, Team India भी मानती हैं सुपर सिलेक्टर

संतान की कामना हो या धन की ख्वाहिश, नौकरी की जरूरत हो या गजानन से विद्या-बुद्धि का वरदान मांगना हो...मध्य प्रदेश के इस मंदिर में भक्तों को सब मिलता है। इसके लिए भक्तों को एक छोटा सा काम करना पड़ता है। मंदिर की दिवारों पर भक्तों को बस उल्टा स्वास्तिक बनाना होता है और बाकी सब विघ्नहर्ता भगवान गणेश के हाथों में छोड़ देना पड़ता है। चौंक गये ना...जी हां।

ganesh chaturthi

आपने गलत नहीं बल्कि बिल्कुल सही पढ़ा है। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित इस चमत्कारी मंदिर में भक्तों को अपनी मुराद पूरी करवाने के लिए उल्टा स्वास्तिक ही बनाना पड़ता है। पर क्यों?

कौन सा है यह मंदिर

मध्य प्रदेश के इंदौर में कई मंदिर हैं, जिनमें भगवान गणेश का काफी लोकप्रिय मंदिर है, खरजाना गणेश का मंदिर। इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को स्वयंभू गणेश माना जाता है। कहा जाता है कि यह मंदिर काफी चमत्कारी है और भक्तों की मनोकामनाओं को जरूर पूरी करते हैं। इस मंदिर में हर बुधवार को भगवान गणेश की विशेष पूजा आयोजित की जाती है। गणेश चतुर्थी पर विनायक जयंति का आयोजन इस मंदिर में बहुत धुमधाम के साथ किया जाता है। भक्त यहां भगवान गणेश को विशेष तौर पर लड्डू चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामनाएं उन्हें बताते हैं।

क्या है खरजाना गणेश मंदिर का इतिहास

इंदौर का खजराना स्थित गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में होलकर वंश की महारानी अहिल्या बाई ने करवाया था। कहा जाता है कि औरंगजेब के शासनकाल में जब हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों को तोड़ा जा रहा था, उस समय इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को एक कुएं में छिपा दिया गया था। सालों बाद मंदिर के पंडित मंगल भट्ट को सपने में भगवान गणेश ने अपनी उपस्थिति का अहसास दिलवाया।

मंगल भट्ट ने महारानी अहिल्या बाई होल्कर को अपने सपने के बारे में बताया। उन्होंने इस सपने की बात को बेहद गंभीरता से लिया और सपने के अनुसार उस जगह खुदाई करवाई। खुदाई के बाद ठीक वैसी ही भगवान गणेश की मूर्ति प्राप्त हुई जैसा पंडित मंगल भट्ट ने बतायी थी। इसके बाद यहां मंदिर का निर्माण करवाया गया।

क्यों बनाया जाता है उल्टा स्वास्तिक

kharjana ganesh

अपनी मनोकामना पूरी करवाने के लिए इस मंदिर में बड़ा ही अनोखा तरीका अपनाया जाता है। खजराना मंदिर में भगवान गणेशजी के मंदिर के पीछे दीवार यानी गणेशजी की पीठ पर लोग उल्टा स्वास्तिक चिह्न बनाते हैं। जब उनकी मन्नतें पूरी हो जाती हैं तो वापस इस मंदिर में आकर सीधा स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर जाते हैं। ऐसा यहां पिछले कई सालों से होता आया है। कहा जाता है कि मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से हर मुराद पूरी होती है। इसके अलावा भक्त मंदिर की 3 परिक्रमा करने के लिए मंदिर की दीवार पर धागा बांधते हैं। कहा जाता है इससे भी उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

टीम इंडिया मानती है सुपर सिलेक्टर

खरजाना गणेश की ख्याति इतनी ज्यादा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य भी खरजाना गणेश को टीम का सुपर सिलेक्टर मानते हैं। कहा जाता है कि टीम इंडिया का कोई भी सदस्य अगर इंदौर आता है, तो वह खरजाना गणेश मंदिर में बाप्पा के आर्शिवाद लेने जरूर जाता है। क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने एक बार कहा था कि बाप्पा का आर्शिवाद मिलने के बाद ही कोई खिलाड़ी टीम में सिलेक्ट होता है और अच्छा प्रदर्शन भी करता है। टीम इंडिया इन्हें सुपर सिलेक्टर मानती है।

देश से सबसे धनी मंदिरों में से है एक

इंदौर के खरजाना गणेश का मंदिर देश के सबसे धनी मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की गिनती शिर्डी साईं बाबा और तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर के साथ की जाती है। इस मंदिर में भक्त दिल खोलकर ऑनलाइन चढ़ावा चढ़ाते हैं और हर साल मंदिर की दानपेटियों में काफी अच्छी खासी रकम विदेशी मुद्राओं से भरी रहती है। इससे ही यह पता चलता है कि इस मंदिर में विदेशों से आने वाले भक्तों की संख्या भी काफी ज्यादा होती है।

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