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पर्यटकों के लिए खोला गया महाराष्ट्र का यूनेस्को हेरिटेज साइट कास पठार Day सफारी

पिछले कई महीनों तक बंद रहने के बाद महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित कास पठार डे सफारी को एक बार फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। बता दें, महाराष्ट्र का कास पठार यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, जो पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। पिछले जून माह से ही कास पठार डे सफारी को बंद रखा गया था, जिसे लगभग 6 महीने बाद फिर से खोल दिया गया है।

kas plateau flawer valley

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार कास पठार डे सफारी को बंद करके रखने की वजह से आय का काफी नुकसान हो रहा था, जिसे लेकर कास पठार (Plateau) एग्जिक्यूटिव कमेटी ने अपनी चिंता भी जाहिर की थी। कास पठार डे सफारी के फिर से शुरू होने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नये मौके मिलते हैं। बताया जाता है कि सिर्फ डे सफारी की वजह से ही आसपास के करीब 20 युवकों को रोजगार मिल जाता है।

इन युवकों का काम वाइल्ड लाइफ कंट्रोल, कृत्रिम जल छिद्रो का रखरखाव, रात को पहरेदारी और अवैध शिकार की घटनाओं पर अंकुश लगाना आदि शामिल होता है।

क्या होता है कास पठार जंगल सफारी

kas plateau in October

कास पठार सफारी में पर्यटकों को कास पठार और आसपास की कई खुबसूरत जगहों पर घुमाया जाता है। कास पठार डे सफारी में जिन जगहों पर मुख्य रूप से घुमाया जाता है, उनमें निम्न जगहें शामिल हैं :-

  • कास पठार
  • सज्जनगढ़ प्वाएंट
  • मनडपगल की गुफाएं
  • घटाई देवराई
  • कुमुदिनी झील
  • वजराई झरना
  • वनजुलवाड़ी
  • अंधेरी सहयाद्री नगर विंडमिल
  • वेन्ना नदी
  • एक्वी झरना
  • अट्टादी गांव का नवरा-नवरी पहाड़

अगस्त के मध्य से लेकर अक्टूबर के मध्य तक, जब यहां कास पठार फ्लावर फेस्टिवल का आयोजन किया गया था, उस समय डे सफारी की अधिकांश जगहें ही बंद थी। इस वजह से फ्लावर फेस्टिवल में आने वाले सैलानियों को काफी निराशा भी हुई थी। लेकिन अब पर्यटक चाहे तो इस सफारी का जमकर लुत्फ उठा सकते हैं।

क्यों खास है कास पठार

a piece of kas plateau maharashtra

महाराष्ट्र के सातारा जिले में मौजूद कास पठार एक यूनेस्को हेरिटेज साइट है। इसकी खुबसूरती और शानदार जैव विविधता किसी का भी मन मोह सकती है। पूरी दुनिया में अब तक फूलों की लगभग 624 विरल प्रजातियों के बारे में पता चल पाया है। दावा किया जाता है कि इसमें से करीब 39 प्रजातियां केवल कास पठार में ही मिलती है।

विशेष रूप से जून से अक्टूबर के बीच जब मानसून अपने पूरे शबाब पर होता है, उस समय हर 15-20 दिनों में कास पठार का पूरा इलाका अपना रंग बदलता रहता है। कास पठार क्षेत्र में लगभग 850 से अधिक फूलों की प्रजातियां पायी जाती हैं। इनमें से कई ऐसे प्रकार के फुल भी होते हैं जो दुनिया में और कहीं नहीं मिलते हैं।

कैसे बुक करें कास पठार जंगल सफारी

कास पठार जंगल सफारी की बुकिंग ऑनलाइन की जा सकती है। इसके लिए आपको कास पठार कमेटी के वेबसाइट पर जाना पड़ेगा। जंगल सफारी के लिए प्रति जीप ₹4000 का शुल्क चुकाना पड़ेगा। बुकिंग करने वाले सैलानियों को एक ओपन बोलेरो जीप दी जाएगी जिसमें 8 लोग बैठ सकते हैं।

जंगल सफारी शाम के वक्त 6.30 से 9.30 और रात के वक्त 9.30 से 12.30 बजे तक करवायी जाएगी। इस शुल्क में ही जीप, ड्राईवर और गाइड का किराया शामिल होगा। सफारी पर जाते समय भारतीय और विदेशी सभी पर्यटकों को अपने पास पहचान पत्र रखना अनिवार्य है।

कैसे पहुंचे कास पठार

मुंबई और पूणे से कास पठार पहुंचना बहुत आसान है। यह जगह सातारा जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी की दूरी पर मौजूद है। पुणे से कास पठार तक पहुंचने में 2.5 से 3.5 घंटे का समय लग सकता है। कास पठार पुणे से 136 किमी दूर है। वहीं मुंबई से यह जगह 278 किमी दूर है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और NH4 से होकर मुंबई से कास तक पहुंचने में लगभग 5 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप गाड़ी से ना आकर यहां बस से आना चाहते हैं तो मुंबई से सातारा के लिए आपको रात भर बस मिल जाएगी।

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