महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित हिल स्टेशन माथेरान के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा। मानसून में जब भी महाराष्ट्र के किसी हिल स्टेशन पर घूमने जाने की बात होती है उसमें माथेरान का नाम जरूर आता है। अद्भुत और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों से घिरा हुआ यह छोटा सा हिल स्टेशन मानसून के समय पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है।

माथेरान में टॉय ट्रेन का सफर काफी ज्यादा लोकप्रिय होता है। अगर आप अपने पार्टनर के साथ प्रकृति के बीच कुछ समय बीताने के लिए किसी शांत जगह की तलाश कर रहे हैं तो माथेरान आपके लिए बेस्ट हो सकती है।
आइए महाराष्ट्र के हिल स्टेशन माथेरान के बारे में विस्तार से बताते हैं :
मानसून में ओढ़ लेता है हरी चादर

माथेरान की सुन्दर वादियां, बहते झरने और साफ हवा पर्यटकों को बार-बार यहां आने का बुलावा देती है। माथेरान में साल भर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन बारिश के मौसम में मानों यह हिल स्टेशन हरे रंग की एक चादर ही ओढ़ लेती है। बारिश के मौसम में यह पूरा इलाका कोहरे में छिप जाता है, जो इसकी सुन्दरता को कई गुना बढ़ा देता है। छुट्टियों में मुंबई या फिर पूणे से माथेरान घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी ज्यादा होती है।
माथेरान में कहां घूमें
माथेरान में कई प्वाएंट्स हैं, जहां मानसून के मौसम में आप घूम सकते हैं।
1. द पैनोरमा प्वाएंट : मेन मार्केट से करीब 6 किमी दूर स्थित द पैनोरमा प्वाएंट को माथेरान का सबसे बड़ा प्वाएंट माना जाता है। यह एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट भी है। इस प्वाएंट से खंडाला भीमशंकर पर्वत श्रेणियां भी दिखायी देती है।
2. द हार्ट प्वाएंट : रात के समय मुंबई कैसा दिखता है, ये देखना है, वो भी माथेरान से...तो सीधा चले आइए द हार्ट प्वाएंट।

3. द इको प्वाएंट : जैसा कि नाम से जाहिर है, माथेरान के द इको प्वाएंट पर खड़े होकर अगर अपने पार्टनर का नाम लेकर चिल्लाएंगे तो पहाड़ भी आपके पार्टनर का नाम आपके साथ पुकारेंगे।
4. लौसा प्वाएंट : मानसून के समय माथेरान के इस प्वाएंट की सुन्दरता यहां के वाटरफॉल कई गुना बढ़ा देते हैं।
5. मंकी प्वाएंट : जी हां, यहां आपको छोटे से लेकर बड़े आकार के कई बंदर अपने प्राकृतिक परिवेश में खेलते और घूमते दिख जाएंगे। इस प्वाएंट पर अपने सामानों को जरा संभाल कर रखा करीए।
6. शैर्लोट झील : माथेरान पोस्ट ऑफिस से ठीक 2 किमी की दूरी पर स्थित शैर्लोट लेक के आसपास आपको अद्भुत प्रकृतिक नजारा देखने को मिलेगा। इस झील के दाएं तरफ पीसरनाथ मंदिर और बाएं तरफ इको प्वाएंट और लौसा प्वाएंट है। इसी झील से पूरे माथेरान शहर से पेयजल की सप्लाई होती है।
कब और कैसे जाएं माथेरान
सैलानी साल भर माथेरान आते रहते हैं, लेकिन मानसून का समय माथेरान घूमने जाने के लिए बेस्ट होता है। माथेरान को महाराष्ट्र सरकार ने पर्यावरण संवेदनशील जगह के तौर पर घोषित किया है इसलिए वहां गाड़ियां नहीं चलती हैं। यहां तक पहुंचने के लिए आपको दूसरे रास्ते अपनाने पड़ेंगे। मुंबई से माथेरान जाने के लिए ट्रेन से पहले नेरल पहुंचना होगा।

नेरल से आपको टैक्सी मिल जाएगी, जहां से आप दस्तुरी पहुंचेंगे। ध्यान रखें, मानसून के समय कभी-कभी टॉय ट्रेन भी बंद हो जाती है। दस्तुरी से आप पैदल या फिर (अगर उपलब्ध हो तो) टॉय ट्रेन से माथेरान पहुंच सकते हैं। आपको मुंबई से दस्तुरी के लिए भी टैक्सी या गाड़ी मिल जाएगी। यह मुंबई से लगभग 90 किमी और पूणे से 120 किमी दूर है।



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