महाराष्ट्र राज्य परिवहन प्रबंधन (MSRTC) की बसों में सख्त की जा रही है सुरक्षा व्यवस्था। लगाएं जाएंगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और जीपीएस (GPS)। गुरुवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनायक ने यह फैसला लिया है। बताया जाता है कि यह फैसला पिछले दिनों पुणे के स्वरगेट बस डिपो पर खड़ी MSRTC की बस में महिला से दुष्कर्म की घटना के बाद लिया गया है।
दावा किया जा रहा है कि यह घटना जहां घटी वह जगह थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर मौजूद था। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में राज्य भर में MSRTC की 14,000 से ज्यादा बसें चलती हैं।

Indian Express की मीडिया रिपोर्ट में सरनायक के हवाले से बताया गया है कि बसों के किराए में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा करने के बाद से महिला यात्रियों में राज्य परिवहन की बसों के उपयोग का रुझान बढ़ा है। इस वजह से अब परिवहन मंत्रालय ने महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुरक्षात्मक कदम उठाने का फैसला लिया है।
बताया जाता है कि MSRTC की बसों में CCTV कैमरे और GPS सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि बसों को रियल टाइम में ट्रैक करने के साथ-साथ उनपर नजरें भी रखी जा सकें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिससे अगर बसों में या बसों के साथ कोई भी दुर्घटना घटती है तो उसका तुरंत पता लग सकें और प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके साथ ही बसों में और डिपो पर महिला सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी बढ़ायी जाएगी जिससे महिला यात्रियों की सुरक्षा को ज्यादा से ज्यादा सुनिश्चित की जा सकें।
मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। हम सभी यात्रियों को सफर के दौरान पूरी सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए ही CCTV कैमरे लगाना और अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जैसे कदम उठा रहे हैं।
बताया जाता है कि सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र के सभी बस डिपो में सर्वेक्षण (Audit) किया जाएगा, ताकि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पता चल सके और यह समझ में आ सकें कि कौन सी दिशा में काम करने की अभी भी जरूरत है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था पर नजरें बनाएं रखने के लिए परिवहन विभाग IPS अधिकारियों को भी तैनात करेगा।
डिपो से हटा दी जाएंगी पुरानी बसें
परिवहन विभाग की इस बैठक में पुरानी हो चुकी बसों को लेकर भी बात की गयी। बैठक में यह फैसला लिया गया कि डिपो में खड़ी सभी पुरानी बसों को 15 अप्रैल तक हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने शक्ति एक्ट को लागू करने पर भी जोर दिया है, जो महिलाओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
इसके साथ ही बैठक में जिस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया, वह है बस डिपो की साफ-सफाई। प्रशासन ने साफ-सफाई और रख-रखाव को बनाए रखने का विशेष निर्देश जारी किया है, ताकि सभी यात्री सुरक्षा माहौल में अपना सफर तय कर सकें।



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