विश्व प्रसिद्ध गंगासागर मेला 8 जनवरी (सोमवार) से शुरू हो चुका है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेले का उद्घाटन किया। इसके साथ ही कोलकाता के विभिन्न घाटों पर साधु, सन्यासियों और नागा साधुओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं का आना शुरू हो चुका है। कोलकाता से लगभग 123 किमी दूर सागरद्वीप में मकर संक्रांति (15 जनवरी) के दिन पूण्य स्नान के लिए करीब 35 से 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

हर साल मकर संक्रांति के समय लगने वाले इस मेले को लेकर सभी तरह की तैयारियां राज्य सरकार की तरफ से कर ली गयी है। मेला परिसर में इतनी भारी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और साधु-सन्यासियों के रुकने के लिए विभिन्न संस्थाओं की तरफ से सेवा-शिविरों की व्यवस्था की गयी है। इन सेवा-शिविरों में रहने के लिए टेंट और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जाती है। वहीं राज्य सरकार की तरफ से मेला परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 10 हजार अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गयी है।
कैसे पहुंचेंगे सागरद्वीप
सागरद्वीप कोलकाता से लगभग 123 किमी की दूरी पर मौजूद है। यह कोलकाता के साथ रेल व सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। कोलकाता से सागरद्वीप तक का रास्ता थोड़ा घुमावदार है लेकिन राज्य प्रशासन व सेवा संस्थाओं के सहयोग से ये रास्ता बड़ी ही सरलता के साथ कट जाएगा। अगर आप खुद से सागरद्वीप जाना चाहते हैं तो कोलकाता से कैब या बस के जरिए आपको पहले काकद्वीप पहुंचना होगा।

यह जगह गंगासागर से करीब 35.5 किमी की दूरी पर है। कोलकाता के बाबूघाट या एस्प्लेनेड बस टर्मिनल से काकद्वीप के लिए आपको सीधी बस मिल जाएगी। कोलकाता से काकद्वीप पहुंचने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है। काकद्वीप में मुरीगंगा नदी (गंगा की सहायक नदी) को पार कर आपको कचुबेरिया जाना होगा। कचुबेरिया से बस मिलेगी जो आपको सीधे गंगासागर (सागर द्वीप) लेकर जाएगी।
आप चाहे तो सियालदह स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से काकद्वीप या फिर नामखाना तक जा सकते हैं। उसके बाद सागरद्वीप तक के लिए आप फेरी सेवा या फिर बस से ही जाना होगा। गंगासागर मेले के समय सागरद्वीप में रहने के लिए राज्य सरकार की तरफ से अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती हैं, जिनका आप निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं।
सागरद्वीप तक पहुंचने का सफर चकरा देने वाला लगा ना...। घबराइए मत, हम आपको आसान रास्ता भी बता रहे हैं। सागरद्वीप या गंगासागर मेले में जाने और बिना किसी परेशानी के वापस लौटने का सबसे आसान तरीका है कोलकाता के आउट्राम घाट पर लगने वाले सेवा संस्थाओं से संपर्क करना।
गंगासागर के समय आउट्राम घाट पर विभिन्न संस्थाओं की तरफ से सैंकड़ों की संख्या में सेवा शिविर लगाए जाते हैं। इन सेवा शिविरों में शामिल होकर आप बड़े ही आराम से गंगासागर मेले तक पहुंच सकते हैं। आउट्राम घाट से सागरद्वीप तक ले जाने और मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के बाद वापस कोलकाता के आउट्राम घाट तक लाने की जिम्मेदारी इन्ही संस्थाओं की होती है।

सिर्फ इतना ही नहीं, रहना और खाने की पूरी व्यवस्था भी संस्थाओं की तरफ से ही की जाती है जो पूरी तरह से निःशुल्क होती है। आपको बस इन संस्थाओं के संपर्क में लगातार बने रहना और इनके बताए समयानुसार ही तैयार रहना पड़ता है।
मकर संक्रांति के दिन कब होगा पूण्य स्नान का समय जानने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें :-
बढ़ायी गयी है ट्रेन व बस सेवाएं
गंगासागर मेला 17 जनवरी तक चलेगी। इसलिए 11 जनवरी से 17 जनवरी के बीच सागरद्वीप के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की बसों की संख्याओं में भी वृद्धि की गयी है। मिली जानकारी के अनुसार गंगासागर मेले के लिए खासतौर पर राज्य परिवहन निगम 215 और दक्षिणबंगाल राष्ट्रीय परिवहन निगम 75 अतिरिक्त बस चलाने वाली है। ये सभी बस सुबह से लेकर रात तक बाबूघाट और हावड़ा बस स्टैंड से लॉट-8 (काकद्वीप) के लिए खुलेंगी। हावड़ा स्टेशन से नामखाना या लॉट-8 तक सरकारी बस का किराया ₹55 होगा।

इनमें से 13 जनवरी से 17 जनवरी के बीच सर्वाधिक बसें चलायी जाएंगी। इसके अलावा लॉट-8 से कचुबेरिया और नामखाना से चेमागुड़ी तक के लिए राज्य परिवहन निगम विशेष लॉन्च व वेसल भी चलाएगी। वहीं पूर्व रेलवे के सियालदह डिवीजन ने 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों को सामान्य बदलाव के साथ चलाने का फैसला लिया है।
लोकल ट्रेनों में जो बदलाव किये जाएंगे उनकी जानकारी :-
- नामखाना-लक्ष्मीकांतपुर लोकर ट्रेन सियालदह तक चलेगी।
- रविवार को लक्ष्मीकांतपुर-नामखाना शाखा में जो लोकल ट्रेन नहीं चलती हैं, गंगासागर मेला के समय वो चलेंगी।
- बालीगंज-माझेरहाट लोकल ट्रेन सियालदह तक चलेगी।
- सिलाहदह-सोनारपुर लोकल ट्रेन काद्वीप तक चलेगी।
- सियालदह-लक्ष्मीकांतपुर लोकर नामखाना तक चलेगी।



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