मुंबई से गोवा के बीच रोड ट्रिप्स पर जाने वालों, व्यापारिक यात्राओं पर जाने वालों या फिर काम के सिलसिले में आवाजाही करने वालों का सालों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स में किये जाने वाले दावों को अगर सच माने तो मुंबई से गोवा के बीच मरीन गोवा सुपरहाईवे का निर्माण शुरू हो चुका है। यह सुपरहाईवे न सिर्फ इन दोनों प्रमुख जगहों के बीच की दूरी को घटा देगा बल्कि रोड ट्रिप पर होने वाली थकान को भी यह सुपरहाईवे चुटकियों में भगाने की क्षमता रखेगा।
हो भी क्यों न...समुद्रतटीय नजारों को एंजॉय करते हुए ठंडी-ठंडी हवाओं का आनंद लेकर मंजिल तक पहुंचना किसे अच्छा नहीं लगता। कौन से रूट से होगा मरीन गोवा सुपरहाईवे का निर्माण?

क्या है मरीन गोवा सुपरहाईवे?
मरीन गोवा सुपरहाईवे करीब 498 किमी लंबा हाईवे होगा जिसे गोवा के वर्तमान हाईवे के ठीक बगल में ही तैयार किया जा रहा है। इस सुपरहाईवे को बनाने का मुख्य उद्देश्य मुंबई-गोवा हाईवे पर ट्रैफिक जाम या ट्रैफिक के घनत्व को कम करने के साथ-साथ इस रूट से यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सुन्दर समुद्रतटीय और सह्याद्री पर्वतश्रृंखला के शानदार नजारों का लुत्फ उठाने का मौका देना है।
इस सुपरहाईवे की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध पैसिफिक हाईवे के तर्ज पर ही डिजाइन किया जा रहा है। यह सुपरहाईवे कोंकण क्षेत्र के सभी शहरों को एक-दूसरे से जोड़ेगा।
27 किमी में फैले हैं 7 ब्रिज
मरीन गोवा सुपरहाईवे पर 7 ब्रिज बनाए जाएंगे, जो न सिर्फ आपकी यात्रा को आसान बना देंगे बल्कि इस सफर को पूरा एंजॉय करने में भी मददगार होंगे। इन सातों ब्रिज की कुल लंबाई करीब 27 किमी होगी।
- धरमतार क्रीक ब्रिज (कर्जा) : यह ब्रिज 10.2 किमी लंबा है, जो स्टील से बना होगा और मॉडर्न इंजीनियरिंग का शानदार नमूना प्रस्तुत करता है।
- कुंडलीका क्रीक ब्रिज (रेवदंडा-सलव) : 3.8 किमी लंबा यह एक केबल ब्रिज होगा। यह इलाके के आसपास के प्रमुख स्थानों को आपस में जोड़ेगा।
- अगरदंडा क्रीक ब्रिज (दीघी अगरदंडा) : यह ब्रिज भी केबल से बना होगा, जो लगभग 4.3 किमी लंबा होगा।
- बंकोट क्रीक ब्रिज (बागमंडला वेश्वी) : यह केबल ब्रिज 1.7 किमी लंबा होगा जो बंकोट क्रीक से होकर लोगों की आवाजाही को आसान बनाएगा।
- केल्शी बे ब्रिज (केल्शी) : यह ब्रिज 670 मीटर लंबा है, जिसे बॉक्स गार्डर डिजाइन से तैयार किया जाएगा।
- जयगढ़ क्रिक ब्रिज : यह ब्रिज केबल स्टेयड है, जिसकी लंबाई करीब 4.4 किमी होगा।
- कुंकेश्वर ब्रिज : 1.6 किमी लंबा यह ब्रिज कुंकेश्वर के प्रमुख स्थानों के बीच संपर्क तैयार करने में मददगार साबित होगा।

मरीन गोवा सुपरहाईवे की खासियतें?
मरीन गोवा सुपरहाईवे को करीब ₹26,000 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। इस सुपरहाईवे को बनाने का सबसे प्रमुख उद्देश्य इससे होकर आवाजाही करने वाले यात्रियों को शानदार समुद्री नजारों से रू-ब-रू करवाना है, जो काम इसके सभी 7 ब्रिज बखूबी करेंगे।
इस सुपरहाईवे पर सभी 7 ब्रिज से समुद्र के शानदार नजारों और कोंकण क्षेत्र के पर्वतीय नजारों का आनंद आप आसानी से उठा सकेंगे। इस सुपरहाईवे के खुलने से न सिर्फ इस रूट से होकर आवाजाही करने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी लोगों को आसानी होने की पूरी उम्मीद की जा रही है।
मरीन गोवा सुपरहाईवे का रूट
- रेवस
- अलीबाग
- काशीद
- मुरुद
- हरिहरेश्वर
- गुहगर
- गणपतिपुले
- रत्नागिरी
- देवगढ़
- मालवन
- तेरेखोल
इस सुपरहाईवे का निर्माण अभी शुरू ही हुआ है, इसलिए इसे कब से खोला जा सकेगा इस बाबत कोई स्पष्ट जानकारी अभी तक सामने नहीं आ सकी है।



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