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कई सालों से लगातार खराब हो रही है दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की हवा

सर्दियों की पहली दस्तक के साथ ही देश के कई महानगरों की हवा में जहर घुलने लगता है। पिछले कई दिनों से दिल्ली में वायु की खराब होती गुणवत्ता और बढ़ता प्रदूषण खबरों की सूर्खियों में छाया हुआ है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि केजरीवाल सरकार ने 2 दिनों के लिए प्राथमिक स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया था।

pollution

हालांकि वायु प्रदूषण का शिकार सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद समेत कई महानगर हैं, जहां वायु प्रदूषण की वजह से सांस लेना दुश्वार होता जा रहा है। सर्दियों के शुरुआत में इतनी अधिक मात्रा में वायु प्रदूषण बढ़ने की घटना पहली बार नहीं घटी है। हाल ही में Respirer Living Sciences की एक रिपोर्ट सामने आयी है जिससे पता चलता है कि पिछले करीब 5 सालों से लगातार देश के कई शहरों में हवा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है।

क्या कहती है यह रिपोर्ट

पर्यावरण के विषय में पिछले लंबे समय से शोध कर रही संस्थान Respirer Living Sciences ने भारत के 8 प्रमुख शहरों में साल 2019 से 2023 तक हवा में मौजूद PM 2.5 कणों की जांच की। इस जांच में पता चलता है कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि कई ऐसे शहर भी हैं, जहां वायु प्रदूषण के खतरे की घंटी काफी तेजी से बज रही है।

pollution air

किन शहरों पर किया गया शोध

  • दिल्ली
  • मुंबई
  • कोलकाता
  • लखनऊ
  • पटना
  • हैदराबाद
  • बैंगलोर
  • चेन्नई

साल-दर साल बिगड़ी हवा की गुणवत्ता

1. दिल्ली

delhi pollution

दिल्ली ऐसा शहर है, जो हर साल वायु प्रदूषण को लेकर सूर्खियों में छा जाता है। हवा के PM 2.5 कणों के शोध से पता चलता है कि पिछले कई सालों से लगातार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 से दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल के मुकाबले इस साल दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में 4.4% की गिरावट दर्ज की गयी। अक्टूबर 2023 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित वायु प्रदूषण की सुरक्षित सीमा 30 μg/m³ से 3.7 गुणा अधिक और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा 15 μg/m³ के मुकाबले 7.5 गुणा अधिक दर्ज की गयी।

2. मुंबई

सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पिछले कई सालों से मुंबई की हवा में मौजूद PM 2.5 कणों के स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गयी है। इस रिपोर्ट के मुताबित पिछले साल (2022) अक्टूबर के मुकाबले इस साल (2023) अक्टूबर में मुंबई में करीब 42% वायु प्रदूषण बढ़ गया है। हालांकि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2021 और 2022 में मुंबई की हवा में थोड़ा सुधार तो हुआ था, लेकिन इस साल फिर से प्रदूषण की घंटी बज गयी।

3. कोलकाता

अगर कोलकाता की बात की जाए तो इसके PM 2.5 कणों में इस साल 40.2% का उछाल दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि साल 2019 से 2020 के बीच PM 2.5 कणों में 26.8% की गिरावट आयी थी जो साल 2021 में 51.7% बढ़ गया था। पिछले साल यानी 2022 में PM 2.5 कणों में एक बार फिर से 33.1% की कमी आयी थी लेकिन 2023 में यह फिर से बढ़ गया।

kolkata pollution

4. हैदराबाद

कोलकाता की तरह ही हैदराबाद के PM 2.5 कणों के ग्राफ में उतार-चढ़ाव लगे हैं। साल 2019 से 2020 के बीच PM 2.5 कणों में 59% की वृद्धि दर्ज की गयी थी, जो वाकई चिंता का विषय बन गया था। साल 2021 में थोड़ा ही सही लेकिन PM 2.5 कणों में 2.9% की कमी दर्ज हुई लेकिन इस साल यानी 2023 में फिर से 18.6% की वृद्धि दर्ज हुई है।

जिन शहरों की हवा में दर्ज हुआ सुधार

अब तक हमने उन शहरों के बारे में बात की जिनकी हवा की गुणवत्ता में काफी ज्यादा गिरावट आयी है। लेकिन देश के कुछ शहर ऐसे भी हैं, जिनकी हवा की गुणवत्ता में थोड़ा-बहुत सुधार दर्ज किया गया, जो वाकई एक अच्छा संकेत है।

1. लखनऊ

पिछले साल (2022) के मुकाबले इस साल (2023) लखनऊ के PM 2.5 कणों में 0.9% की गिरावट दर्ज की गयी। साल 2019 से 2020 के बीच PM 2.5 कणों में 55.2 % का उछाल आया था लेकिन 2021 में 53.4% की गिरावट दर्ज की गयी। हालांकि 2022 में PM 2.5 कणों में 6.2% का उछाल आया था लेकिन इस साल फिर से गिरावट दर्ज हुई है।

2. पटना

साल 2019 से 2020 के बीच पटना के PM 2.5 कणों में 14% की गिरावट दर्ज हुई थी। साल 2021 में यह गिरावट 36.7% हुई थी लेकिन 2022 में PM 2.5 कणों में 47.7% का उछाल आया था। इस साल यानी 2023 में फिर से 11.1% की गिरावट दर्ज हुई है जो एक अच्छा संकेत है।

pollution in cities

3. बैंगलोर

बात अगर दक्षिण भारतीय शहर बैंगलोर की करें, तो 2019 और 2020 में PM 2.5 कणों में 72.1% का उछाल आया था जिसमें साल 2021 में 5.8% की हल्की गिरावट दर्ज हुई लेकिन 2022 में PM 2.5 कणों में एक बार फिर से 29.6% की वृद्धि देखी गयी। इस साल यानी 2023 में PM 2.5 कणों में फिर से 11.6% की गिरावट दर्ज हुई है।

4. चेन्नई

साल 2019 से 2020 के बीच PM 2.5 कणों में 43.2% की वृद्धि दर्ज हुई लेकिन 2021 में इसमें 27.8% की गिरावट दर्ज की गयी। साल 2022 में PM 2.5 कणों में 61.6% का भारी उछाल आया था, लेकिन इस साल एक बार फिर से 23.7% की गिरावट दर्ज की गयी है जो बहुत अच्छा संकेत है।

2019 से 2023 तक 8 प्रमुख शहरों के PM 2.5 कणों का स्तर :-

शहर 2019 2020

% बदलाव

(2019-20)

2021

% बदलाव

(2020-21)

2022

% बदलाव

(2021-22)

2023

% बदलाव

(2022-23)

दिल्ली 99.6 131.5 32.0% 74.0 -43.7% 109.1 47.4% 113.9 4.4%
मुंबई 27.7 42.7 54.2% 41.4 -3.0% 41.0 -0.9% 58.3 42.1%
कोलकाता 45.4 33.3 -26.8% 50.5 51.7% 33.7 -33.1% 47.3 40.2%
लखनऊ 79.3 123.0 55.2% 57.4 -53.4% 60.9 6.2% 60.4 -0.9%
पटना 83.3 71.6 -14.1% 45.3 -36.7% 66.9 47.7% 59.5 -11.1%
बैंगलोर 18.9 32.4 72.1% 30.6 -5.8% 39.6 29.6% 35.0 -11.6%
हैदराबाद 30.5 48.5 59.0% 47.1 -2.9% 33.4 -29.1% 39.6 18.6%
चेन्नई 23.5 33.6 43.2% 24.3 -27.8% 39.2 61.6% 29.9 -23.7%

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