इस समय बड़ी ही बेसब्री के साथ मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरे होने और इस कॉरिडोर पर गोली की रफ्तार से दौड़ती बुलेट ट्रेन के शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के मुताबिक इस कॉरिडोर पर लगभग 320 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ेगी जो मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किमी की दूरी को महज 2 से 2.30 घंटे में पूरा करेगी।
सामान्य 90 या 100 किमी की रफ्तार से चलती मेल या एक्सप्रेस ट्रेन हो या 130 से 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ती सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस...जब अपने पूरे रफ्तार से दौड़ती है तो उस शोर में हर तरह की आवाज पूरी तरह से दब जाती है। जरा सोचिए, जब 320 किमी की रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, तब कितना शोर होगा?

यह शोर सिर्फ ट्रेन में बैठे यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि इस कॉरिडोर के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकता है।
फिर कैसे इस परेशानी से निपटा जाए? यह तो जायज सी बात है कि अगर ट्रेन गोलियों की रफ्तार से दौड़ेगी तो चक्कों के पटरियों से रगड़ने की वजह से शोर तो जरूर होगा। लेकिन उस शोर को कम करने के लिए क्या कोई उपाय किया जा रहा है?
लगाए जा रहे हैं Noise Barriers
NHSRCL से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के कॉरिडोर में शोर को कम करने के लिए Noise Barriers लगाए जा रहे हैं। सितंबर 2024 में NHSRCL द्वारा शेयर की गयी जानकारी के मुताबिक बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के 87.5 किमी लंबे स्ट्रेच में कुल 1,75,000 Noise Barriers लगाए जा चुके हैं जिन्हें खास तौर पर शोर को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। दावा किया जा रहा है कि बुलेट ट्रेन को अपनी अधिकतम स्पीड से दौड़ने की अनुमति देते हुए यह विशेष डिवाइस ध्वनि प्रदूषण को फैलने से रोकेगा।
कैसे काम करेगा Noise Barrier?
मिली जानकारी के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में 87.5 किमी के स्ट्रेच पर 2 मीटर ऊंचे Noise Barriers को लगाया जा रहा है। ये Noise Barriers पटरियों पर बुलेट ट्रेन के दौड़ने की वजह से उत्पन्न शोर को कम कर देंगे।
अगर आप यह सोच रहे हैं कि इन Noise Barriers की वजह से बाहर के नजारे देखने में बुलेट ट्रेन के यात्रियों को परेशानी होगी, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। Noise Barriers को इस तरह से लगाया गया है कि ट्रेन में बैठे यात्रियों को बाहर के नजारे देखने में कोई परेशानी न हो।
यात्रा के अनुभव को बनाएगा बेहतर
भारत में तैयार हो रही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, इस समय विश्व भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस ट्रेन सेवा को न सिर्फ विश्वस्तरीय बल्कि यात्रियों के लिए भी बेहद सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। लेकिन इंजीनियर से लेकर इस ट्रेन परियोजना से जुड़े सभी व्यक्तियों के लिए ध्वनि प्रदूषण चिंता का बड़ा विषय बनकर उभरा है।
लेकिन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में बड़ी संख्या में लगाए जा रहे इन Noise Barriers की वजह से ध्वनि प्रदूषण फैलने की परेशानी से राहत मिल गयी है। इससे यात्री सफर के दौरान सिर्फ शांत और बिना किसी अवांछनिय शोर के आराम से नजारों को एंजॉय कर सकेंगे।



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