मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, जिसका तेजी से विकास किया जा रहा है। जापानी तकनीक से बन रहे इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर साल 2027 तक 360 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बुलेट ट्रेन के दौड़ने की संभावना है। इस बीच मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आयी है।
मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का संचालन करने के लिए कुल 12 स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 4 स्टेशनों का विकास SMART प्लान के तहत होने वाला है। क्या है बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का SMART प्लान? कौन-कौन से 4 स्टेशनों का विकास इस प्लान के तहत करने का फैसला लिया गया है? SMART प्लान के तहत विकसित होने वाले स्टेशनों में क्या खास होगा?

आइए जानते हैं :
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के 12 में से 4 स्टेशनों का विकास SMART प्लान के तहत किया जाएगा। Indian Express की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के 4 स्टेशनों का Station Area Development प्लान के तहत विकास किया जाएगा। जिन स्टेशनों को SMART प्लान के तहत विकसित किया जाएगा, वहां यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं समेत आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही के लिए बेहतर संपर्क साधन मुहैया हो सकें, इसे सुनिश्चित किया जाएगा।
कौन-कौन से 4 स्टेशनों पर विकसित होगा SMART प्लान?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के 12 में से जिन 4 स्टेशनों का विकास SMART प्लान के तहत किया जाएगा, वो हैं -
- महाराष्ट्र में विरार और ठाणे
- गुजरात में सूरत और साबरमती
क्या मिलेगा SMART प्लान में खास?
इस बारे में मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार SMART प्लान के तहत सबसे पहले इन चारों स्टेशनों तक यात्रियों की आवाजाही को आसान और सुव्यवस्थित करने को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत इन सभी शहरों में बुलेट ट्रेन स्टेशनों तक मेट्रो, बस और टैक्सी सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा ताकि यात्रियों को स्टेशन तक आने और यहां से अपने-अपने गंतव्यों तक जाने में कोई परेशानी न हो।
इससे इन स्टेशनों से घर या गंतव्यों तक पहुंचने में यात्रियों को लगने वाला समय भी पहले के मुकाबले कम समय लगेगा। इस वजह से ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को बुलेट ट्रेन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित व उत्साहित किया जा सकेगा जिससे निश्चित रूप से देश की अर्थव्यवस्था को भी विकसित किया जा सकेगा।
कई चरणों में होगा विकास
मिली जानकारी के अनुसार इस पहल के तहत शुरुआती तौर पर स्टेशनों की इमारतों की संरचनाओं को आधुनिक और यात्रियों की सभी जरूरतों को पूरा करने वाला बनाया जाएगा। इसमें पिकअप और ड्रॉप ऑफ प्वाएंट्स बनाना, पार्किंग सुविधाएं देना और पैसेंजर प्लाजा बनाना भी शामिल होगा।
इसके अलग चरण में सभी स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे को विकसित किया जाएगा, जिसमें सड़कों को चौड़ा बनाने के बारे में भी स्थानीय अधिकारियों से बात की जाएगी। तीसरे चरण में सभी स्टेशनों का 800 मीटर के दायरे में विकास किया जाएगा।
दावा किया जा रहा है कि अगले 10 सालों में बुलेट ट्रेन के सभी स्टेशन बन कर न सिर्फ तैयार हो जाएंगे बल्कि इनका पूरी तरह से इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। शहरों के संबंधित प्रशासन इन स्टेशनों से परिवहन के साधनों को जोड़ने पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे और स्टेशनों का विकास भी उसी आधार पर किया जाएगा।



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