मुंबई से अहमदाबाद के बीच तेजी से देश की पहली बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण का काम चल रहा है। देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को बनाने का काम नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) पूरा कर रही है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किमी लंबा यह कॉरिडोर दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दादर और नागर हवेली, से होकर गुजरने वाला है।
शुरुआत में कहा गया था कि साल 2026 तक बुलेट ट्रेन परियोजना का काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण में कई तरह की तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, जिससे साल 2030 से पहले इसके लॉन्च होने की संभावनाएं काफी कम ही नजर आ रही हैं।

हालांकि NHSRCL ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रेल कॉरिडोर का जो हिस्सा गुजरात से गुजरने वाला है, उसके विद्युतिकरण का काम शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि सूरत से बिलिमोरा के बीच लगभग 50 किमी लंबे कॉरिडोर को प्राथमिकता के आधार पर पहले शुरू करने की तैयारी रेल मंत्रालय कर रहा है।
लेकिन क्या आप जानते हैं, बुलेट ट्रेन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सबसे मजेदार हिस्सा तो महाराष्ट्र में बन रहा है। इस बात की जानकारी अपने आधिकारिक X हैंडल पर NHSRCL की ओर से एक पोस्ट में दी गयी है।
इस पोस्ट में NHSRCL ने बताया है कि महाराष्ट्र में 135 किमी लंबा एलिवेटेड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर काफी तेजी से बनाया जा रहा है। यह कॉरिडोर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काफी चुनौतीपूर्ण हिस्सा भी है। इस हिस्से में 3 स्टेशन होंगे।
इसके अलावा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर 7 पहाड़ी सुरंगों, 4 प्रमुख नदियों पर बने ब्रिज से होकर गुजरेगा जिसमें से सबसे लंबा ब्रिज वैतर्णा नदी (2.32 किमी) पर बना ब्रिज होगा। इसके अलावा कई ब्रिज और हाईवे इस रेलवे लाइन को पार करेंगे। लेकिन इस बुलेट ट्रेन का सबसे शानदार हिस्सा भिवंडी में होगा।
बताया जाता है कि भिवंडी में बुलेट ट्रेन मुंबई मेट्रो लाइन 5 के नीचे से होकर गुजरेगी। इस हिस्से में तीन अत्याधुनिक स्टेशन भी होंगे, जिनमें ठाणे, विरार और बोईसर शामिल हैं।
देश का पहला अंडरसी टनल
दूसरी तरफ महाराष्ट्र में 21 किमी लंबा अंडरग्राउंड/अंडरसी टनल भी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में बनाया जा रहा है। यह टनल महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा के बीच तैयार किया जा रहा है।ETnow News की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 21 किमी लंबे सुरंग की खुदाई में से 16 किमी लंबी सुरंग TBM की मदद से बाकी का 5 किमी हिस्सा NATM से बनाया जा रहा है। इस सुरंग में ही 7 किमी लंबा अंडरसी सुरंग भी मौजूद है, जिसे ठाणे क्रीक में बनाया जा रहा है।



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