मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस सुविधा को डिजिटल गेटवे प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया है। इसका फायदा उन सभी यात्रियों को मिलेगा जिन्होंने Digi Yatra के लिए एनरोलमेंट कर लिया है और जो यात्री अभी भी पुराने तरीके से ही यात्रा करते हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए शुरू की गयी इस सुविधा से न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान बनेगा बल्कि अब एयरपोर्ट पर पूरी प्रक्रिया में तेजी आएगी। पर क्या है वह सुविधा, जिसके शुरू होने से Digi Yatra और सामान्य दोनों तरह के यात्रियों को एक समान फायदा पहुंचने वाला है!

मुंबई एयरपोर्ट का डिजिटल गेटवे प्रोग्राम
मुंबई एयरपोर्ट पर डिजिटल गेटवे प्रोग्राम के तहत इलेक्ट्रॉनिक एक्सेस प्वाएंट यानी टर्मिनल एंट्री प्वाएंट (ई-गेट) की संख्या को एक झटके में ही तीन गुना कर दिया गया है। पहले ई-गेट की संख्या 24 होती थी जिसे बढ़ाकर 68 कर दिया गया है। इसका फायदा मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) और टर्मिनल 2 (T2) दोनों के यात्रियों को ही मिलेगी। ई-गेट की संख्या को बढ़ा देने से टर्मिनल 1 में हर घंटे लगभग 2,160 यात्री और टर्मिनल 2 में हर घंटे यात्रियों की क्षमता 7,440 यात्री बढ़ जाएंगे।
देश में सबसे ज्यादा ई-गेट
मुंबई के CSMI एयरपोर्ट पर ई-गेट की संख्या को तीन गुना बढ़ाने की वजह से अब एयरपोर्ट के कर्बसाइड/लैंडसाइड पर देश में सबसे ज्यादा ई-गेट की संख्या हो गयी है। मुंबई एयरपोर्ट पर सिर्फ डिजी-यात्रा के लिए समर्पित 34 एंट्री लेन हैं, जो इसे देश का पहला एयरपोर्ट बनाता है। इससे यात्रियों को हर मिनट पहले के मुकाबले काफी कम इंतजार करना पड़ेगा। बता दें, कर्बसाइड या लैंडसाइड किसी भी एयरपोर्ट का वह हिस्सा होता है, जहां कोई यात्री बिना टिकट के पहुंच सकता है। यानी टर्मिनल के एंट्री गेट और एग्जिट गेट के बाहर का हिस्सा, जहां से होकर यात्री टर्मिनल में प्रवेश करते या बाहर निकल कर पार्किंग की तरफ बढ़ते हैं।
यात्रा होगी सुव्यवस्थित और सुरक्षित
मीडिया से बात करते हुए CSMIA के प्रवक्ता ने कहा कि यह पहल तकनीकी प्रगति की ओर हमारे समर्पण को दर्शाती है जो यात्रियों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगी। ई-गेट्स की संख्या बढ़ने और उन्नत बायोमेट्रिक सिस्टम के साथ हम अपने सभी यात्रियों को तेज, सुरक्षित और पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुव्यवस्थित तरीके से यात्रा को सुनिश्चित कर पाएंगे। डिजिटल गेटवे प्रोग्राम के तहत टर्मिनल 2 पर डिजी यात्रा और नॉन डिजी यात्रा दोनों यात्रियों के लिए 28 ई-गेट बनाएं गये हैं। वहीं टर्मिनल 2 पर डिजी यात्रा और नॉन डिजी यात्रा के यात्रियों के लिए 6-6 ई-गेट बनाएं गये हैं।
नहीं होगी कोई परेशानी
यात्रियों को इन नयी तकनीकों को अपनाने में कोई परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए CSMIA ने 'Digi Buddies' को नियुक्त किया है, जो डिजी यात्रा जैसे सेल्फ सर्विस सिस्टम इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी पूरी तरह से गाइड करेंगे। डिजिटल गेटवे प्रोग्राम यात्री संपर्क क्षेत्रों के लिए एक परिवर्तनकारी यात्रा का प्रतिक है। यह मजबूत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल स्क्रीन पर प्रक्रियाओं को प्रदर्शित कर यह सुनिश्चित करता है कि यात्रियों को सभी आवश्यक जानकारी मिली हो।



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