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वाया मुंबई से जव्हार रोड ट्रिप पर देखे यह खूबसूरत जगह

By: Namrata Shatsri

जव्हार मुंबई से 120 किमी दूर छोटा सा हिल स्‍टेशन है।1700 फीट की ऊंचाई जवहर में कई झरने और खूबसूरत दर्शनीय स्‍थल हैं। जव्हार के घने जंगलों में वनस्‍पति और जीव भी पाए जाते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए ये जगह किसी जन्‍नत से कम नहीं है।

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जव्हार के आदिवासी समुदाय की संस्कृति प्रभावशाली वारली चित्रों के माध्यम से परिलक्षित होती है। चित्रकला की यह शैली आदिवासी कला का एक प्रकार है जिसे आमतौर पर उत्तरी पश्चिमी घाटी की जनजातियों द्वारा डिजाइन किया जाता है।

आइये कुछ तूफानी किया जाये, क्यों न भारत के इन जंगलों को ही विजिट किया जाये

जव्हार आने का सही समय
जव्हार में अक्‍टूबर से फरवरी के बीच सर्दी के मौसम में आना सही रहता है। अगर आप झरनों को देखना और उसमे खेलना पसंद करते हैं, तो आपको जव्हार की सैर मानसून के दौरान जरुर करनी चाहिए। लेकिन इस दौरान भारी बारिश के कारण यहां आना मुश्किल हो जाता है।

मुंबई से जव्हार का रूट

मुंबई से जव्हार का रूट

पहला रूट : छेद्दा नगर - ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे - एनएच 48 - तकवाहल में एसएच 73 - हनुमंतपाड़ा - एनएच 848 - जवहर विक्रमगढ़ रोड़ - जवहर में जैप रोड़ (141 किमी - 2 घंटे 45 मिनट)

रूट 2 : छेद्दा नगर - भिवंडी रोड़ - सुभाष नगर - कुरेश नगर में एनएच 848 - जवहर विक्रमगढ़ रोड़ - जवहर में जैप रोड़ (127 किमी - 3 घंटे 20 मिनट)

दूसरा रूट पहले के मुकाबले छोटा है इसलिए इसमें आपको समय भी कम लगेगा।

मुबई से जव्हार के रास्‍ते में इन जगहों को भी देख सकते हैं :

थाणे में उपवन झील

थाणे में उपवन झील

सुबह जल्‍दी निकलें। मुंबई से 25 किमी दूर है थाणे। थाणे में मालेदार मिसल पर लोकप्रिय मसालेदार मिसल पाव खा सकते हैं। महराष्‍ट्र की इस डिश को खाए बिना आप आगे नहीं बढ़ सकते। इस शहर को इसकी खूबसूरत झीलों के लिए जाना जाता है। इस शहर में लगभग 33 झीलें हैं।

PC:Verma a k

एम्यूज़मेंट पार्क

एम्यूज़मेंट पार्क

टिकूजी नी वाड़ी एम्‍यूज़मेंट पार्क में पूल, लैंड राइड जैसे फैमिली ट्रेन, जाइंट व्‍हील, डायनोसॉर वर्ल्‍ड आदि देख सकते हैं। ये जगह बच्‍चों के साथ-साथ हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। ये पार्क सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुलता है और इसकी एंट्री फीस 700 रुपए प्रति व्‍यक्‍ति है। यहां तीन साल से ऊपर के बच्‍चे की टिकट लगती है। ये जगह थाणे से 3 किमी दूर है।

थाणे से 7 किमी दूर सूरज वॉटर पार्क है जहां फाइबर ग्‍लास से भारत की सबसे बड़ी गुफा बनाई गई है। इस वॉटर पार्क में वॉटर स्‍लाइड, फाउंटेन और वेव पूल का मज़ा ले सकते हैं। ये पार्क सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे सातों दिन खुलता है और इसकी एंट्री टिकट 800 रुपए है और बच्‍चों के लिए टिकट 650 रुपए है।

PC:Martin Lewison

लोधा धाम

लोधा धाम

थाणे से 21 किमी दूर लोधा धाम एक जैन तीर्थस्‍थल है। इसमें एक मंदिर, पुस्‍तकालय है और यहां एक जगह पर सभी जैन श्रद्धालु एक साथ बैठकर धार्मिक और अध्‍यात्‍मिक चर्चा करते हैं।

इस मंदिर के आसपास का वातावरण काफी शांत है। आप जवहर के रास्‍ते में अध्‍यात्‍मिक यात्रा के लिए लोधा धाम रूक सकते हैं।

PC: www.lodhadham.org

वसई किला

वसई किला

थाणे से 36 किमी दूर है वसई शहर। इस शहर में घूमने के लिए कई दिलचस्‍प जगहें जैंसे चिन‍चोटि झरना, गणेशपुरी मंदिर, सुरुच बाग और वसई किला है।

पुर्तगाली दूर में बना वसई किला अब पूरी तरह नष्ट हो चुका है...इस किले पर कई बॉलीवुड फिल्‍मों की शूटिंग हो चुकी है। पर्यटकों के बीच भी ये काफी मशहूर है।PC:Jordi2727

चिंचोटी झरना

चिंचोटी झरना

वसई शहर से 30 किमी दूर है चिंचोटी झरना है। इस शानदार जगह पर 100 फीट की ऊंचाई से पानी गिरता है। मुंबई और थाणे के लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं।

इसके अलावा चिंचोटी झरना ट्रैकर्स के बीच भी बहुत लोकप्रिय है। यहां नियमित ट्रैकिंग की जाती है। यहां कामन गांव से ट्रैकिंग की शुरुआत होती है और खूबसूरत छिनछोटि झरने पर जाकर खत्‍म होती है।

वरई सतिवली

वरई सतिवली

वरई सतिवली प्राकृतिक गर्म पानी का झरना है जिसे श्री शंकर मंदिर ट्रस्‍ट द्वारा व्यवस्थित किया जाता है। ये छिन‍छोटि से 30 किमी दूर है। अगर आप शहर की भागदौड़ से थक गए हैं तो आपको इस जगह आकर काफी आराम मिलेगा।

इस झरने के पानी में औषधीय गुण पाए जाते हैं। जवहर जाते समय इसके पानी पैर डालकर बैठने से आपको काफी आराम मिलेगा। यहां मुंबई के पंसदीदा और लोकप्रिय स्‍नैक वड़ा पाव का एक छोटा सा होटल भी है।

PC:Kedarnathsmritivan

पिलुछा ढबढबा झरना

पिलुछा ढबढबा झरना

मुंबई से चिंचोटी झरना के रास्‍ते में कई झरने पड़ते हैं जिनमें एक है विक्रम‍गढ़ का पिलुछा ढबढबा झरना। इसके एक ओर पिंजाल नदी है। ट्रैकर्स के बीच विक्रमगढ़ काफी लो‍कप्रिय है। पर्यटकों को भी ये जगह बहुत पसंद है।

जवहर के रास्‍ते में इस खूबसूरत झरने को जरूर देखें। पहाड़ों से तेजी से गिरते पानी को देखकर मन तरोताज़ा हो उठता है। मॉनसून के दौरान इस झरने का शानदार नज़ारा दिखाई देता है।PC:Kumar's Edit

जव्हार में जय विलास महल

जव्हार में जय विलास महल

इस रोड ट्रिप का आखिरी स्‍टॉप है विक्रमगढ़ से 26 किमी दूर स्थित जवहर। सुरम्य स्थानों और वरली चित्रों के साथ इ जगह कई दिलचस्‍प स्थान हैं। यहां पर जय विलास महल भी काफी लोकप्रिय है जिसे राय बाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। ये महल पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।

से महल मुकने की शाही परिवार से संबंधित है जिसे राजा यशवंत राव मुकाने द्वारा साइनाएट के पत्‍थरों से बनवाया गया था। गुलाबी रंग के इस महल में पश्चिमी और भारतीय शैली की झलक दिखती है।

दभोसा झरना

दभोसा झरना

जव्हार में आपको कई खूबसूरत जगहें देखने को मिलेंगीं और उन्‍हीं में से एक है महाराष्‍ट्र का सबसे ऊंचा झरना दभोसा जोकि लेंदी नदी में जाकर मिलता है।

चट्टानी पहाड़ियों से होकर गुज़रते इस झरने को देखना काफी शानदार अनुभव रहता है। जवहर में काल मांडवी झरना, खद खद बांध और सनसेट प्‍वाइंट आदि भी दर्शनीय स्‍थल हैं।PC:Ajaygabhale

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